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यूपी के इंजीनियरिंग कॉलेजों में जेईई मेन से सीटें भरने की तैयारी
Mon, 18 Mar 2019 05:30 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 18 Mar 2019 05:30 PM IST
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कानपुर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) और उससे संबद्ध प्रदेश के सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों में अगले साल से ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) मेन की रैंक के आधार पर एडमिशन देने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए सभी कॉलेजों से राय मांगी गई है। अभी एकेटीयू खुद राज्यस्तरीय प्रवेश परीक्षा कराती है।
अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर हैंडीकैप्ड (एआईटीएच) के तीन दिवसीय फेस्टिवल शंखनाद-2019 के रविवार को हुए समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि आए एकेटीयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि इससे देशभर के अच्छे बच्चों को भी यूपी के कॉलेजों में पढ़ने का मौका मिलेगा। हालांकि एडमिशन में प्राथमिकता प्रदेश के छात्रों को ही दी जाएगी। उन्होंने गरीब सामान्य वर्ग के छात्रों को अगले साल प्रवेश में 10 प्रतिशत आरक्षण देने की भी बात कही।
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अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर हैंडीकैप्ड (एआईटीएच) के तीन दिवसीय फेस्टिवल शंखनाद-2019 के रविवार को हुए समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि आए एकेटीयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि इससे देशभर के अच्छे बच्चों को भी यूपी के कॉलेजों में पढ़ने का मौका मिलेगा। हालांकि एडमिशन में प्राथमिकता प्रदेश के छात्रों को ही दी जाएगी। उन्होंने गरीब सामान्य वर्ग के छात्रों को अगले साल प्रवेश में 10 प्रतिशत आरक्षण देने की भी बात कही।
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बताया कि सभी सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में 12.5 प्रतिशत सीटें बढ़ाई जा रही हैं। प्रो. पाठक ने दिव्यांगों के लिए एआईटीएच को देश का पहला विशेष रिसर्च सेंटर बनाने की घोषणा की। बताया कि इस रिसर्च सेंटर में दिव्यांगों की सहूलियत के लिए विभिन्न तकनीक और उपकरण तैयार किए जाएंगे। मोबाइल एप तैयार होंगे, सॉफ्टवेयर पर काम होगा। इससे दिव्यांगजनों की जिंदगी और भी सरल व सहज हो सकेगी।
प्रो. पाठक ने बताया कि चूंकि यहां परास्नातक कोर्स नहीं है इसलिए रिसर्च सेंटर बनाने के लिए यहां विशेष अनुमति देने की व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान विशिष्ट अतिथि आईएएस इरा सिंघल ने कल्चरल, टेक्निकल, लिट्रेरी फेस्टिवल को छात्र जीवन का बेहतरीन हिस्सा बताया। कहा कि हमेशा ऐसी चीजों में सहभागिता करनी चाहिए। यही आपके व्यक्तित्व को निखारने की कोशिश करता है। एआईटीएच निदेशक प्रो. रचना अस्थाना ने छात्रों को बधाई दी।
प्रो. पाठक ने बताया कि चूंकि यहां परास्नातक कोर्स नहीं है इसलिए रिसर्च सेंटर बनाने के लिए यहां विशेष अनुमति देने की व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान विशिष्ट अतिथि आईएएस इरा सिंघल ने कल्चरल, टेक्निकल, लिट्रेरी फेस्टिवल को छात्र जीवन का बेहतरीन हिस्सा बताया। कहा कि हमेशा ऐसी चीजों में सहभागिता करनी चाहिए। यही आपके व्यक्तित्व को निखारने की कोशिश करता है। एआईटीएच निदेशक प्रो. रचना अस्थाना ने छात्रों को बधाई दी।