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गरीबी और सफर की थकान ने दिया ई-साइकिल बनाने का जज्बा, इनका संघर्ष बना औरों के लिए सबब
Sat, 09 Feb 2019 05:51 PM IST
शिखा पांडेय
अनुराग मिश्रा, अमर उजाला, कानपुर
अनुराग मिश्रा, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 09 Feb 2019 05:51 PM IST
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गरीबी की मजबूरी, प्राईवेट नौकरी में समय पर पहुंचने की चुनौती और रोज लंबे सफर की थकान को प्रशांत ने अपने हुनर से मात दे दी। कानपुर में शुक्लागंज के रहने वाले इस युवक ने आम साइकिल को ई-साइकिल बना डाला। पहले उसने अपने लिए बनाई फिर बहन के लिए। ई-साइकिल बनाने वाला प्रशांत लोगों में चर्चा का विषय बना है।
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वह शुक्लागंज में किराए का कमरा लेकर रहने लगा। रोज साइकिल से कानपुर ड्यूटी पर जाना और रात को लौटना पड़ता था। समय पर पहुंचने की चुनौती और शारीरिक थकान से उसका रोज आमना-सामना होता था। दो साल पहले नौकरी छोड़नी पड़ी। इसके बाद उसने एक पान मसाला कंपनी में सेल्समैन की नौकरी की।
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इसी दौरान उसे अपनी साइकिल को ई-साइकिल बनाने की सूझी। बाजार से उसने डीसी मोटर खरीदी, लीथियम बैटरी उसने खुद ही तैयार की। सेंसर एक्सीलेटर की मदद से ई-साइकिल बना ली। कुल 15 हजार रुपये में उसकी ई-साइकिल बनकर तैयार हो गई। उसने खुद के लिए साइकिल बनाने के बाद पिता और बहन के लिए ई-साइकिल बनाई।
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बैटरी चार्ज करने में दो रुपये की लगती बिजली, 30 किमी सफर
प्रशांत ने बताया कि उसकी बनाई ई-साइकिल की 24 वोल्ट की बैटरी चार्ज करने में तीन घंटे लगते हैं। एक बार चार्ज करने में आधा यूनिट बिजली खर्च होती है। बैटरी पूरी चार्ज होने के बाद साइकिल 30 किलोमीटर चलती है। अगर बैटरी खत्म हो जाए तो इस साइकिल को आम साइकिल की तरह चलाया जा सकता है।
प्रशांत ने बताया कि उसकी बनाई ई-साइकिल की 24 वोल्ट की बैटरी चार्ज करने में तीन घंटे लगते हैं। एक बार चार्ज करने में आधा यूनिट बिजली खर्च होती है। बैटरी पूरी चार्ज होने के बाद साइकिल 30 किलोमीटर चलती है। अगर बैटरी खत्म हो जाए तो इस साइकिल को आम साइकिल की तरह चलाया जा सकता है।
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डीएम ने खरीदी ई-साइकिल, उद्योग के लिए मदद का किया वादा
प्रशांत ने शुक्रवार को डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय से मुलाकात की। उन्हें अपनी ई-साइकिल दिखाई तो वह काफी प्रभावित हुए। साथ मौजूद रहे सीडीओ प्रेम रंजन सिंह भी प्रशांत की प्रतिभा देख दंग रह गए। दोनों अधिकारियों ने कलक्ट्रेट में ई-साइकिल चलाई। डीएम ने 15 हजार रुपये देकर ई-साइकिल खरीद ली। सीडीओ ने भी अपने एक ई-साइकिल बनाने को कहा है। डीएम ने एमएसएमई के तहत उसे अपना उद्योग शुरू करने के लिए ऋण दिलाने का वादा भी किया है। डीएम से आश्वासन मिलने के बाद प्रशांत की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
प्रशांत ने शुक्रवार को डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय से मुलाकात की। उन्हें अपनी ई-साइकिल दिखाई तो वह काफी प्रभावित हुए। साथ मौजूद रहे सीडीओ प्रेम रंजन सिंह भी प्रशांत की प्रतिभा देख दंग रह गए। दोनों अधिकारियों ने कलक्ट्रेट में ई-साइकिल चलाई। डीएम ने 15 हजार रुपये देकर ई-साइकिल खरीद ली। सीडीओ ने भी अपने एक ई-साइकिल बनाने को कहा है। डीएम ने एमएसएमई के तहत उसे अपना उद्योग शुरू करने के लिए ऋण दिलाने का वादा भी किया है। डीएम से आश्वासन मिलने के बाद प्रशांत की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।