Kanpur: पुलिस की लापरवाही! पिता थाने के लगाते रहे चक्कर, लावारिस में हो गया बेटे का अंतिम संस्कार
Kanpur News: 12 जुलाई को बदबू आने पर शव बरामद हुआ, लेकिन शिनाख्त न होने के कारण पुलिस ने लावारिस में अंतिम संस्कार करा दिया। रविवार को आलाधिकारियों की फटकार के बाद कल्याणपुर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्जकर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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कानपुर में लापता बेटे की तलाश में बेबस पिता कल्याण थाना पुलिस के चक्कर लगाता रहा। इधर कानपुर देहात के शिवली थाना क्षेत्र में बेटे की हत्या करके शव कुएं में फेंक दिया गया। देहात पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया, जिसमें हत्या की पुष्टि हुई, लेकिन शिनाख्त न हो पाने पर शव का लावारिस में अंतिम संस्कार करा दिया गया।
नई बस्ती मिर्जापुर निवासी प्रताप सिंह का बेटा अरुण राजपूत (23) मजदूरी करता था। छह जुलाई को काम के लिए निकला था। देर रात तक घर न आने पर परिजनों ने तलाश की। चार दिनों तक तलाशने के बाद भी कुछ पता न चलने पर 10 जुलाई को अरुण की गुमशुदगी कल्याणपुर थाने में दर्ज कराई।
इसके बाद से प्रताप बेटे की तलाश में रोज कल्याणपुर थाने के चक्कर लगाते रहे, लेकिन पुलिस ने उसे खोजने का प्रयास तक नहीं किया। इस दौरान 12 जुलाई को कानपुर देहात के शिवली थाना क्षेत्र के जुगराजपुर के पास एक कुएं में अज्ञात का शव मिलने पर पुलिस ने उसका लावारिस में अंतिम संस्कार करा दिया।
10 जुलाई को दर्ज कराई थी गुमशुदगी
27 जुलाई को पुलिस निकाल पाई लोकेशन, खुद खोजने के लिए भेज दिया। पिता प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस ने 10 जुलाई को गुमशुदगी दर्ज करने के बाद भी बेटे की तलाश नहीं की। प्रताप के अनुसार छह जुलाई को ही लापता होने के बाद बेटे ने उन्हें देहात के जुगराजपुर निवासी राज मिस्त्री दीपू के मोबाइल नंबर से बेटे ने कॉल किया था।
बेटे की हत्या होने का शक हुआ
यह नंबर उन्होंने रिपोर्ट दर्ज होने के बाद कल्याणपुर पुलिस को दिया था। पुलिस ने 27 जुलाई को लोकेशन खोज सकी। इसके बाद भी खुद तलाश न करके उन्हें ही देहात के जुगराजपुर की लोकेशन बताकर बेटे को खुद ही खोजने के लिए भेजा दिया। जब गांव पहुंचे तो दीपू की बातचीत से उन्हें बेटे की हत्या होने का शक हुआ।
आरोपियों से सख्ती से पूछताछ में हुआ खुलासा
यह बात उन्होंने कल्याणपुर पुलिस को भी बताई, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। 21 अगस्त को कल्याणपुर पुलिस ने आरोपियों को थाने में पूछताछ के लिए बुलाया तभी गांव के प्रधान से 12 जुलाई को कुएं से एक शव मिलने का पता चला। आरोपियों से सख्ती से पूछताछ हुई, तो उन्होंने हत्या की बात कबूल की।
रुपयों के लेनदेन में की थी हत्या
दीपू ने पुलिस को बताया कि छह जुलाई की रात को उसने अपने भाइयों सर्वेश, दीपक, पिंटू के साथ जुगराजपुर स्थित अपने घर पर ही अरुण के साथ शराब पी। इसके बाद लेनदेन के विवाद को लेकर सभी ने मिलकर अरुण की गला दबाकर हत्या कर दी। शव को कुएं में फेंक दिया।
बदबू आने पर बरामद हुआ था शव
12 जुलाई को बदबू आने पर शव बरामद हुआ, लेकिन शिनाख्त न होने के कारण पुलिस ने लावारिस में अंतिम संस्कार करा दिया। रविवार को आलाधिकारियों की फटकार के बाद कल्याणपुर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्जकर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।