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पाई-पाई का मिलता हिसाब, फिर भी पुलिस करती है लूटपाट, इन मामलों में शर्मसार हुआ महकमा
Thu, 04 Feb 2021 11:59 AM IST
शिखा पांडेय
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 04 Feb 2021 11:59 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
कानपुर के कुछ पुलिसकर्मी खाकी पर दाग लगा रहे हैं। कभी वसूली तो कभी लूटपाट के आरोप अक्सर लगते रहते हैं। चकेरी की वारदात ने एक बार फिर पूरे महकमे को शर्मसार किया है। दरोगाओं ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दी हैं। ये तब हो रहा है जब पुलिसकर्मियों के वाहनों के डीजल के साथ-साथ अन्य खर्चों का जिम्मा सरकार उठा रही है। इसके बावजूद दबिश के नाम पर पीड़ित से ही वसूली होती है।
दबिश का मिलता है पूरा खर्च
पुलिस तमाम केसों में अपराधियों की धर पकड़ के लिए शहर के अलावा प्रदेश के अन्य शहरों तो कभी-कभी दूसरे राज्यों में भी जाती है। इसके लिए पुलिस लाइन से वाहन लिए जाते हैं तो कभी पुलिस अफसर निजी वाहनों का भी इस्तेमाल करते हैं। इसका पूरा टीए-डीए विभाग की तरफ से दिया जाता है। इसके लिए व्यय बिलों का ब्योरा संबंधित अफसरों को देना होता है। बस बिल पास होने में थोड़ा समय जरूर लगता है लेकिन पूरा पैसा मिल जाता है।
डीजल का खर्च विभाग उठाता है
थाने और चौकी में सरकारी जीप हैं। विभाग प्रत्येक थाने की जीप को हर माह दो सौ लीटर डीजल उपलब्ध करवाता है। पीआरवी गाड़ियों को महीने में 20 हजार का डीजल व जेब्रा बाइकों के लिए पांच हजार रुपये का पेट्रोल का दिया जाता है।
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यही नहीं अगर खपत अधिक होती है तो भी तेल उन्हें विभाग की तरफ से ही मिलता है। संबंधित उच्चाधिकारियों से बिल पास करवाना होता है। कुल मिलाकर पेट्रोल-डीजल का खर्च पुलिस विभाग ही उठाता है। शहर में इस समय पीआरवी की 58 गाड़ियां और 53 जेब्रा बाइकें हैं।
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दबिश का मिलता है पूरा खर्च
पुलिस तमाम केसों में अपराधियों की धर पकड़ के लिए शहर के अलावा प्रदेश के अन्य शहरों तो कभी-कभी दूसरे राज्यों में भी जाती है। इसके लिए पुलिस लाइन से वाहन लिए जाते हैं तो कभी पुलिस अफसर निजी वाहनों का भी इस्तेमाल करते हैं। इसका पूरा टीए-डीए विभाग की तरफ से दिया जाता है। इसके लिए व्यय बिलों का ब्योरा संबंधित अफसरों को देना होता है। बस बिल पास होने में थोड़ा समय जरूर लगता है लेकिन पूरा पैसा मिल जाता है।
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डीजल का खर्च विभाग उठाता है
थाने और चौकी में सरकारी जीप हैं। विभाग प्रत्येक थाने की जीप को हर माह दो सौ लीटर डीजल उपलब्ध करवाता है। पीआरवी गाड़ियों को महीने में 20 हजार का डीजल व जेब्रा बाइकों के लिए पांच हजार रुपये का पेट्रोल का दिया जाता है।
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यही नहीं अगर खपत अधिक होती है तो भी तेल उन्हें विभाग की तरफ से ही मिलता है। संबंधित उच्चाधिकारियों से बिल पास करवाना होता है। कुल मिलाकर पेट्रोल-डीजल का खर्च पुलिस विभाग ही उठाता है। शहर में इस समय पीआरवी की 58 गाड़ियां और 53 जेब्रा बाइकें हैं।
चाय-नाश्ते का बिल भी होता है चुकता
थाने चौकी में रोजमर्रा के तमाम खर्चे होते हैं। इसमें चाय, नाश्ता, स्टेशनरी आदि का खर्च शामिल होता है। इन सभी खर्चों केबिल तैयार होकर संबंधित बाबू के पास पहुंचते हैं। एसएसपी इनको पास करते हैं। उसके बिल की रकम मिल जाती है।
इन मामलों में शर्मसार हुआ महकमा
- पिछले साल बर्रा में शराब फैक्टरी पकड़े जाने के दौरान सिपाही मौके से जेवरात चोरी कर ले गए थे। जांच में सिपाही दोषी पाए गए थे। जेवरात वापस किये।
- एक महीने पहले कोहना के सिपाही बृजेश व दिग्विजय ने एक कारोबारी से सवा लाख रुपये वसूल लिए थे। शिकायत हुई तो रकम वापस की। दोनों लाइन हाजिर किये गए हैं।
- घाटमपुर में जुएं की फड़ लूटने पहुंचे दरोगा ने एक हिस्ट्रीशीटर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। दरोगा जेल में बंद है।
- अब चकेरी में गरीब मां की बेटी को तलाशने के लिए दरोगा राजपाल व अरुण कुमार ने डीजल भरवा लिया। फिलहाल निलंबित किए गए हैं। विभागीय कार्रवाई जारी है।
थाने चौकी में रोजमर्रा के तमाम खर्चे होते हैं। इसमें चाय, नाश्ता, स्टेशनरी आदि का खर्च शामिल होता है। इन सभी खर्चों केबिल तैयार होकर संबंधित बाबू के पास पहुंचते हैं। एसएसपी इनको पास करते हैं। उसके बिल की रकम मिल जाती है।
इन मामलों में शर्मसार हुआ महकमा
- पिछले साल बर्रा में शराब फैक्टरी पकड़े जाने के दौरान सिपाही मौके से जेवरात चोरी कर ले गए थे। जांच में सिपाही दोषी पाए गए थे। जेवरात वापस किये।
- एक महीने पहले कोहना के सिपाही बृजेश व दिग्विजय ने एक कारोबारी से सवा लाख रुपये वसूल लिए थे। शिकायत हुई तो रकम वापस की। दोनों लाइन हाजिर किये गए हैं।
- घाटमपुर में जुएं की फड़ लूटने पहुंचे दरोगा ने एक हिस्ट्रीशीटर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। दरोगा जेल में बंद है।
- अब चकेरी में गरीब मां की बेटी को तलाशने के लिए दरोगा राजपाल व अरुण कुमार ने डीजल भरवा लिया। फिलहाल निलंबित किए गए हैं। विभागीय कार्रवाई जारी है।