Kannauj: पुलिस ने खनन आरोपी दबोचा, भाजपाइयों ने घेरी कोतवाली, पीएसी के पहुंचते ही खिसकी भीड़
आठ नवंबर को खनन में वर्चस्व को लेकर दो पक्षों में विवाद के बाद कई राउंड फायरिंग हुई थी। मामले में कोतवाली पुलिस की दो तहरीरों पर 21 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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कन्नौज जिले में खनन और फायरिंग के मामले में फरार आरोपी को दबिश देकर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसकी भनक लगते ही बड़ी संख्या में पहुंचे भाइपाइयों ने कोतवाली का घेराव कर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। घंटों चली वार्ता के बाद पुलिस ने एक न सुनी, तो भाजपाइयों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
उधर, मामला बढ़ता देखकर कई थानों का फोर्स और पीएसी बल कोतवाली बुला ली गई। पुलिस लाइन के पास आठ नवंबर की रात खनन चल रहा था। खनन को लेकर पुलिस लाइन मोड़ के पास दो पक्षों में कहासुनी के बाद जमकर फायरिंग हुई थी।
इससे हरकत में आई पुलिस ने खनन के आरोप में अचल अवस्थी, सचेत पांडेय, कल्लू पाल, संतोष पाल, वासु वर्मा, रामकेश शर्मा और अर्पित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करते हुए एक डंपर, तीन ट्रैक्टर ट्राली और बाइक को कब्जे में ले लिया था। वहीं फायरिंग के मामले में पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की थी।
इस मामले में चार को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। इसके बाद से पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में थी। शुक्रवार की शाम पुलिस ने अचल अवस्थी को दबोच लिया। इसकी भनक लगते ही भाजपाइयों ने कोतवाली पहुंच कर पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए घेराव कर नारेबाजी शुरू कर दी।
वरिष्ठ भाजपाइयों ने नारेबाजी कर रहे युवकों को शांत कराया। देर रात तक कोतवाली में भाजपाइयों का जमावड़ा लगा रहा। वहीं मामला बढ़ता देखकर कोतवाली प्रभारी राजकुमार सिंह ने गुरसहायगंज, ठठिया थाना पुलिस समेत पीएसी बुला ली।
10 मिनट के आश्वासन पर डटे रहे भाजपाई
खनन के आरोपी अचल अवस्थी की गिरफ्तारी का मामला शुक्रवार की शाम की रात शहर में सुर्खियों में रहा। भाजपा के वरिष्ठजनों के साथ बड़ी संख्या में युवाओं का हुजूम कार्रवाई के विरोध में अड़ गया, तो कोतवाली पुलिस शांति से भाजपाइयों को मनाने में जुटी रही। अचल अवस्थी को छोड़ने को लेकर 10-10 मिनट का आश्वासन देती रही।
पीएसी के पहुंचते ही खिसकने लगे भाजपाई
बड़ी संख्या में कोतवाली में लगा जमावड़ा उस समय कम होने लगा जब पीएसी के जवान पहुंचे। पुलिस के सख्त होने पर कई भाजपाई खिसकने लगे। वहीं अचल अवस्थी को छुड़ाने के लिए करीबी देर रात तक डटे रहे और बड़े नेताओं को फोन कर संपर्क करते रहे।