अवधी भाषा के हास्य कवि केडी शर्मा (हाहाकारी) की सड़क हादसे में मौत की खबर ने सभी को झकझोर दिया। साहित्य जगत की हस्तियों के साथ ही केडी शर्मा के चाहने वालों की भीड़ सोमवार सुबह ही उनके उन्नाव हैदराबाद स्थित पैतृक आवास पर जुटने लगी थी और ये सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
हास्य कवि हाहाकारी की मौत ने सभी को झकझोर दिया, '1 हजार रुपये में 365 व्यापार' युवाओं में लोकप्रिय
साथ में सेल्फी खींची और साथ ही दुनिया को कहा अलविदा
रायबरेली जिले के लालगंज में रविवार रात होली मिलन एवं विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इसमें केडी शर्मा हाहाकारी के साथ ही जिले के युवा कवि शिवतोष संघर्षी व कानपुर के विख्यात कवि प्रमोद तिवारी शिरकत की। हाहाकारी ने रात 9 बजकर 18 मिनट पर सबसे पहले फेसबुक आईडी पर कार्यक्रम में मौजूद श्रोताओं की फोटो अपलोड की। कुछ देर बाद ही उन्होंने प्रमोद तिवारी के साथ अपनी दो सेल्फी और अपलोड कीं। रात 10:10 बजे अतिथियों व आयोजकों की ओर से दिए गए प्रतीक चिह्न की भी फोटो हाहाकारी ने फेसबुक पर डाली थी। इसके पांच घंटे बाद ही दोनों कवि एक साथ दुनिया को अलविदा कह गए। फेसबुक पर अपलोड तस्वीरें उनकी आखिरी तस्वीरों में शामिल हो गई।
चित्रकारी का भी था शौक
काव्य पाठ के साथ ही केडी शर्मा को चित्रकारी का भी शौक था। घर में खाली समय में वह चित्रकारी भी किया करते थे। अपने कमरे में उन्होंने ऐसी कई तस्वीरें लगा रखी थी जिन्हें उन्होंने खुद बनाया था। शर्मा सुमेरपुर के बाबाखेड़ा स्थित स्वामी ईश्वरानंद इंटर कालेज में कला विषय के प्रवक्ता थे और वर्ष 2012 में रिटायर हुए थे। गांव में ही उन्होंने एक शिव मंदिर व गोशाला का निर्माण भी कराया था। खाली समय गोशाला में बिताते थे।
पत्नी और बेटा हुए बेहाल
सोमवार भोर पहर कवि केडी शर्मा की मौत की खबर जैसे ही उनके गांव पहुंची तो सन्नाटा पसर गया। केडी शर्मा के बड़े बेटे वेदप्रकाश, मां रामरक्षा के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। यहां पति के शव को देख वह बिलख पड़े।
जिला पुस्तकालय में शोक सभा
मूर्धन्य कवियों के निधन पर राजकीय जिला पुस्तकालय में शोक सभा हुई। पुस्तकालयाध्यक्ष ने कहा कि हास्य एवं व्यंग्य का नव दीप्तिमान नक्षत्र अस्त हो गया। वहीं पत्रकार लेखक विचारक महासंघ ने भी शोक सभा की। संगठन के प्रदेश संयोजक अरुण कुमार दीक्षित ने कहा कि दोनों कवियों के निधन से साहित्य जगत को गहरी क्षति हुई है। शोक सभा में संजय अवस्थी, ब्रजेश द्विवेदी, अंजनी पाठक, देशपति शुक्ला, शत्रुघ्न सिंह, पवन त्रिवेदी मौजूद रहे। इसके अलावा केडी शर्मा के निधन पर भाजपाइयों ने भी शोक जताया।
अमर उजाला ने किया था सम्मानित
वर्ष 2015 में कानपुर में आयोजित हुए अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में अमर उजाला ने अवधी भाषा के कवि केडी शर्मा हाहाकारी को अमर वाणी के पुरस्कार से सम्मानित किया था।
पत्र पत्रिकाओं में करते थे लेखन
केडी शर्मा अवधी भाषा के साथ ही जीवन का यथार्थ चित्रण भी कविताओं के माध्यम से करते थे। हजारों रचनाएं लिख चुके शर्मा ने अभी तक अपना कोई काव्य संकलन प्रकाशित नहीं कराया था। हालांकि पत्र-पत्रिकाओं में उनकी रचनाएं प्रकाशित होती थीं। उन्नाव की काव्य साधना में प्रकाशित रचना ‘कहां वइसि होली, कहां व दिवाली, कलेंडर की छुट्टी बिताइत है खाली’ प्रकाशित हुई थी। इसके अलावा परिवारिक परिदृश्य पर आधारित रचनाओं में ‘घर-घर मां यहै धारणा है, जब ते बहुरेवा लाई गए, लड़िकऊ गुटुर-गूं करै लाग, यह मउसैवै पुरखिन दाई भै खूब सराही गई थी।