{"_id":"69ceda3f5f22d24245071b17","slug":"physics-and-chemistry-were-easy-calculus-questions-in-mathematics-were-difficult-kanpur-news-c-12-1-knp1051-1476648-2026-04-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: फिजिक्स और केमिस्ट्री रही आसान, गणित में कैलकुलस के सवाल रहे कठिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: फिजिक्स और केमिस्ट्री रही आसान, गणित में कैलकुलस के सवाल रहे कठिन
विज्ञापन
कानपुर। संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई मेन) के दूसरे चरण की शुरुआत गुरुवार से हो गई। पहले दिन परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित के प्रश्नपत्रों को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया दी। परीक्षार्थियों ने बताया कि भौतिकी और रसायन विज्ञान के सवाल अपेक्षाकृत आसान रहे जबकि गणित ने चुनौती दी। गुरुवार को शहर में बनाए गए चार सेंटर पर करीब चार हजार बच्चों ने परीक्षा दी।
अभ्यर्थियों के अनुसार भौतिकी का पेपर मुख्य रूप से सूत्र आधारित था। विशेषज्ञ मनोज शर्मा ने बताया कि अधिकांश प्रश्न सीधे फॉर्मूलों के प्रयोग से हल किए जा सकते थे जिससे अच्छी तैयारी वाले छात्रों को राहत मिली। हालांकि कुछ स्टेटमेंट आधारित प्रश्न ऐसे थे जिनके विकल्प काफी मिलते-जुलते थे जिनसे अभ्यर्थियों को भ्रम हुआ। इसके बाद भी कुल मिलाकर भौतिकी का स्तर आसान से मध्यम रहा और इसमें अच्छे अंक प्राप्त करने की संभावना जताई जा रही है, जबकि गणित में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए समय और रणनीति महत्वपूर्ण रही।
केमिस्ट्री में एनसीईआरटी का रहा दबदबा
रसायन विज्ञान का प्रश्नपत्र ज्यादातर एनसीईआरटी आधारित था। प्रश्न सीधे और स्पष्ट थे जिससे उत्तर देने में अधिक कठिनाई नहीं हुई। ऑर्गेनिक के कुछ प्रश्न थोड़े उलझाऊ थे जबकि फिजिकल के न्यूमेरिकल प्रश्न लंबे और समय लेने वाले थे। इस वजह से कई छात्रों को समय प्रबंधन में परेशानी हुई बावजूद इसके यह पेपर स्कोरिंग माना जा रहा है।
विज्ञापन
गणित ने बढ़ाई मुश्किलें
गणित का पेपर सबसे कठिन आया। छात्रों का कहना है कि यह पेपर जनवरी सत्र के समान स्तर का था। प्रश्न लंबे और समय लेने वाले थे, खासकर कैलकुलस के प्रश्न अधिक चुनौतीपूर्ण थे। हालांकि बीजगणित और कोऑर्डिनेट ज्योमेट्री के कुछ प्रश्न अपेक्षाकृत आसान थे जबकि ज्योमेट्री मध्यम स्तर की रही।
विज्ञापन
अभ्यर्थियों के अनुसार भौतिकी का पेपर मुख्य रूप से सूत्र आधारित था। विशेषज्ञ मनोज शर्मा ने बताया कि अधिकांश प्रश्न सीधे फॉर्मूलों के प्रयोग से हल किए जा सकते थे जिससे अच्छी तैयारी वाले छात्रों को राहत मिली। हालांकि कुछ स्टेटमेंट आधारित प्रश्न ऐसे थे जिनके विकल्प काफी मिलते-जुलते थे जिनसे अभ्यर्थियों को भ्रम हुआ। इसके बाद भी कुल मिलाकर भौतिकी का स्तर आसान से मध्यम रहा और इसमें अच्छे अंक प्राप्त करने की संभावना जताई जा रही है, जबकि गणित में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए समय और रणनीति महत्वपूर्ण रही।
विज्ञापन
केमिस्ट्री में एनसीईआरटी का रहा दबदबा
रसायन विज्ञान का प्रश्नपत्र ज्यादातर एनसीईआरटी आधारित था। प्रश्न सीधे और स्पष्ट थे जिससे उत्तर देने में अधिक कठिनाई नहीं हुई। ऑर्गेनिक के कुछ प्रश्न थोड़े उलझाऊ थे जबकि फिजिकल के न्यूमेरिकल प्रश्न लंबे और समय लेने वाले थे। इस वजह से कई छात्रों को समय प्रबंधन में परेशानी हुई बावजूद इसके यह पेपर स्कोरिंग माना जा रहा है।
विज्ञापन
गणित ने बढ़ाई मुश्किलें
गणित का पेपर सबसे कठिन आया। छात्रों का कहना है कि यह पेपर जनवरी सत्र के समान स्तर का था। प्रश्न लंबे और समय लेने वाले थे, खासकर कैलकुलस के प्रश्न अधिक चुनौतीपूर्ण थे। हालांकि बीजगणित और कोऑर्डिनेट ज्योमेट्री के कुछ प्रश्न अपेक्षाकृत आसान थे जबकि ज्योमेट्री मध्यम स्तर की रही।