हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) में पीएचडी और एमटेक की प्रवेश प्रक्रिया गुरुवार को पूरी हो गई। पीएचडी में फूड, पेंट, प्लास्टिक और बायोटेक्नोलॉजी ब्रांच में एडमिशन के लिए एक भी छात्र नहीं पहुंचे। इनकी सारी सीटें खाली रह गईं।
दूसरी ओर सबसे ज्यादा मारामारी कंप्यूटर साइंस और इंफॉरमेंशन एंड टेक्नोलॉजी ब्रांच के लिए रही। इसमें सबसे ज्यादा आवेदन थे। इसके अलावा मैकेनिकल, सिविल, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स की भी सारी सीटें फुल हो गई हैं। केमिकल में पांच सीटों के सापेक्ष केवल एक ही एडमिशन हुआ। इसी तरह इलेक्ट्रॉनिक्स में चार, इलेक्ट्रिकल में चार, ह्यूमेनिटीज में तीन, ऑयल टेक्नोलॉजी में दो एडमिशन हुए।
एमटेक और पीएचडी प्रवेश समिति के प्रभारी प्रो. आनंद कुमार ने बताया कि रिक्त सीटों को भरने के लिए जल्द फैसला ले लिया जाएगा। वहीं, एमटेक प्रोग्राम में मैकेनिकल और सिविल इंजीनियरिंग ब्रांच में सभी सीटें गेट क्वालीफाइड छात्रों से ही भर गईं। इसके अलावा केमिकल में एक गेट क्वालीफाइड और बाकी दस नॉन-क्वालीफाइड छात्रों को एडमिशन दिया गया। बायोटेक्नोलॉजी और फूड टेक्नोलॉजी में गेट से तीन-तीन और नॉन गेट क्वालीफाइड छात्रों से आठ सीटें भरीं।
25 तक जमा करें एनओसी
प्रो. आनंद कुमार ने बताया कि एमटेक और पीएचडी के पार्ट टाइम प्रोग्राम में एडमिशन लेने वाले छात्रों को 25 जुलाई तक अपनी कंपनी या संस्थान (जहां नौकरी कर रहे हैं) से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) लाकर विश्वविद्यालय में जमा करना होगा। इसके अलावा दो साल का प्रोफेशनल अनुभव और 100 किलोमीटर के दायरे में ही नौकरी करते हैं, का प्रमाण पत्र भी देना होगा।
बीटेक में 25 तक छोड़ सकते हैं सीटें
बीटेक प्रवेश समिति के प्रभारी प्रो. नरेंद्र कोहली ने बताया कि जिन छात्रों को बीटेक की सीटें आवंटित हुई हैं और वह यहां एडमिशन नहीं लेना चाहते हैं वे 25 जुलाई तक अपना नाम वापस ले सकते हैं। ऐसी स्थिति में काउंसलिंग के लिए जमा किए गए शुल्क से पांच हजार काटकर बाकी धनराशि उन्हें वापस कर दी जाएगी । अगर 25 तक सीट नहीं छोड़ेेंगे तो उनकी फीस के साथ जमा किए गए डॉक्यूमेंट्स भी जब्त कर लिए जाएंगे।