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मालिक का शव देख पालतू बंदर ने त्याग दिए प्राण, दोनों के शवों का एक चिता में हुआ अंतिम संस्कार
Thu, 13 Feb 2020 01:42 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 13 Feb 2020 01:42 PM IST
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मालिक का शव देख पालतू बंदर ने त्याग दिए प्राण
- फोटो : अमर उजाला
फतेहपुर जिले के किशनपुर थाना क्षेत्र के पाखरतर मोहल्ले में सेवानिवृत्त शिक्षक की मौत की सूचना पर पहुंचे उनके पालतू बंदर ने शव के करीब पहुंचकर प्राण त्याग दिए। कुछ लोग घटना को संयोग बता रहे तो कुछ ने घटना को अटूट रिश्ता माना।
सेवानिवृत्त शिक्षक शिवराज सिंह (75) ने बीस साल से बंदर को पाल रखा था। भतीजे देवपाल के परिवार के साथ रहते थे। उनकी पत्नी की तीन साल पहले मौत हो गई थी। बच्चे नहीं थे।
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सेवानिवृत्त शिक्षक शिवराज सिंह (75) ने बीस साल से बंदर को पाल रखा था। भतीजे देवपाल के परिवार के साथ रहते थे। उनकी पत्नी की तीन साल पहले मौत हो गई थी। बच्चे नहीं थे।
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बंदर को ही वह बच्चे की तरह प्यार करते थे। बढ़ती उम्र के कारण बीमार रहने लगे थे। चलने फिरने में परेशानी होने लगी थी। बंदर की देखरेख नहीं कर पा रहे थे। इधर-उधर घूमने पर बंदर को मोहल्ले के लोग छेड़ने लगे थे।
वह लोगों को काटने के लिए दौड़ता था। इस पर भतीजों ने उसे पांच साल पहले खागा में छोड़ दिया था। एक हफ्ते पहले बंदर वापस किशनपुर मालिक के घर लौट आया था। वह शिक्षक के पास रहने लगा था।
वह लोगों को काटने के लिए दौड़ता था। इस पर भतीजों ने उसे पांच साल पहले खागा में छोड़ दिया था। एक हफ्ते पहले बंदर वापस किशनपुर मालिक के घर लौट आया था। वह शिक्षक के पास रहने लगा था।
शिक्षक का मंगलवार शाम करीब चार बजे देहांत हो गया। घर की महिलाओं का रोना बिलखना चालू हो गया। शिक्षक के शव को देखकर छत से बंदर उनके पास पहुंचा।
कुछ देर बैठा रहा उसके बाद जमीन में ही लेट गया। इसके बाद वह निढाल हो गया, उसकी सांसें थम चुकी थीं। परिजनों व ग्रामीणों ने दोनों शवों का एक चिता पर अंतिम संस्कार किया।
कुछ देर बैठा रहा उसके बाद जमीन में ही लेट गया। इसके बाद वह निढाल हो गया, उसकी सांसें थम चुकी थीं। परिजनों व ग्रामीणों ने दोनों शवों का एक चिता पर अंतिम संस्कार किया।