फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Patients are being treated in a dilapidated PHC building in kanpur dehat

कानपुर देहात: पीएचसी के जर्जर व जलभराव वाले भवन में मरीजों का हो रहा उपचार

Wed, 25 Dec 2019 07:31 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 25 Dec 2019 07:31 PM IST
विज्ञापन
Patients are being treated in a dilapidated PHC building in kanpur dehat
पीएचसी के जर्जर व जलभराव वाले भवन में मरीजों का हो रहा उपचार - फोटो : अमर उजाला
रूरा के कस्बे में सीएचसी के लिए नया भवन बनकर तैयार हो गया है, लेकिन एक साल से अधिक समय बीतने के बाद निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है और पीएचसी का संचालन पुराने जर्जर भवन में ही किया जा रहा है।
विज्ञापन


हालत यह है कि भवन की छत पर रखी टंकी का पानी रिसकर गलियारे में भर रहा है। इससे डाक्टर व मरीज परेशान होते हैं। रूरा कस्बा में बने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को चार वर्ष पहले उच्चीकृत करके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दे दिया गया था।
विज्ञापन

नए भवन का निर्माण पीएचसी परिसर में ही करवाया गया, जो एक वर्ष पहले पूरा हो चुका है। भवन बनकर तैयार हो जाने के बाद भी अभी तक पुराने भवन में ही इलाज किया जा रहा है।

पुराने जर्जर भवन की छत में काफी समय से दरारें आ चुकी हैं। इसके चलते बारिश या छत में रखी टंकी ओवरफ्लो होने पर पानी रिसकर गलियारे में भर जाता है।

इसके चलते मरीजों को बरामदे में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कस्बाई लोगों की ओर से बनकर तैयार सीएचसी के नए भवन में ही उच्चीकृत होने तक अस्थाई पीएचसी की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाने की मांग की जा रही है।

पीएचसी प्रभारी डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि समस्या के बावत उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। जनवरी माह में नए सीएचसी भवन में अस्थाई पीएचसी संचालित होने की उम्मीद है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed