{"_id":"c41455c1cdf7a886a3ade4917d2e0434","slug":"parliament-banned-cold-drinks-sold-in-the-market-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘संसद में बैन कोल्ड ड्रिंक्स बाजार में बिक रही’ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘संसद में बैन कोल्ड ड्रिंक्स बाजार में बिक रही’
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Fri, 22 Jan 2016 02:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी परिसर के मास्टर ऑफ सोशल वर्क (एमएसडब्लू) डिपार्टमेंट ने गुरुवार को सामाजिक गतिशीलता एवं राष्ट्रीय एकीकरण पर संगोष्ठी की। इसका उद्घाटन सामाजिक कार्यकर्ता अमरनाथ भाई और एचओडी डॉ. संदीप सिंह ने किया। इस दौरान लाला लाजपत राय की जयंती भी मनाई गई।
दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रो. संजय भट्ट ने कहा कि अब कास्ट, रिलीजन, करप्शन और किंगनेस का बोलबाला है, जो राष्ट्रीय एकीकरण के मार्ग में बाधा है। इस मौके पर प्रो. सुभाष अग्रवाल, प्रो. आरसी कटियार, डॉ. मुनेश कुमार,मनीष गुप्ता, शाश्वत, डॉ. अनीता और डॉ. अंशु यादव मौजूद रहे।
विज्ञापन
दिखी सभ्यता, संस्कृति की झलक
एमएसडब्लू की संगोष्ठी के बाद देर शाम सांस्कृतिक संध्या का रंग जमा। यूपी, पंजाब, उड़ीसा, असम और छत्तीसगढ़ के प्रतिभागी मंच पर उतरे और क्लासिकल डांस करके अपनी सभ्यता, संस्कृति की झलक पेश की। यह सिलसिला रात तक चला।
विज्ञापन
लेक्चर हाल कांप्लेक्स में अमरनाथ भाई ने कहा कि एक जांच रिपोर्ट में खुलासे के बाद जिस खतरनाक कोल्ड ड्रिंक्स का इस्तेमाल संसद में रोका गया, वह अब भी बाजार में बिक रही है। अब प्रकृति को सुरक्षित, संरक्षित करने की पहल करनी होगी, तभी सामाजिक गतिशीलता बरकरार रहेगी।
विज्ञापन
दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रो. संजय भट्ट ने कहा कि अब कास्ट, रिलीजन, करप्शन और किंगनेस का बोलबाला है, जो राष्ट्रीय एकीकरण के मार्ग में बाधा है। इस मौके पर प्रो. सुभाष अग्रवाल, प्रो. आरसी कटियार, डॉ. मुनेश कुमार,मनीष गुप्ता, शाश्वत, डॉ. अनीता और डॉ. अंशु यादव मौजूद रहे।
विज्ञापन
दिखी सभ्यता, संस्कृति की झलक
एमएसडब्लू की संगोष्ठी के बाद देर शाम सांस्कृतिक संध्या का रंग जमा। यूपी, पंजाब, उड़ीसा, असम और छत्तीसगढ़ के प्रतिभागी मंच पर उतरे और क्लासिकल डांस करके अपनी सभ्यता, संस्कृति की झलक पेश की। यह सिलसिला रात तक चला।