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बदहाल व्यवस्था पर फूटा गुस्सा: फतेहपुर में जर्जर भवन और टपकती छत के विरोध में छात्रों ने किया प्रदर्शन
Wed, 29 Jul 2026 12:35 AM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Wed, 29 Jul 2026 12:35 AM IST
सार
बदहाल व्यवस्था के विरोध में छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने पेयजल और पंखों की व्यवस्था कराने की मांग की।
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छात्रों से वार्ता करते डीआईओएस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
किशनपुर कस्बा स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज में मंगलवार सुबह विद्यालय में मूलभूत सुविधा न मिलने से क्षुब्ध छात्र-छात्राओं ने स्कूल गेट पर प्रदर्शन किया। छात्र हाथों में तख्तियां लेकर पेयजल, जर्जर भवन, टपकती छत, पर्याप्त पंखे, फर्नीचर और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग कर रहे थे। साथ ही छात्र डीएम का आना होगा पोस्टर हाथों में लिए हुए थे। सुबह करीब आठ बजे शुरू हुआ प्रदर्शन दोपहर 12 बजे जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में खेल शिक्षक होने के बावजूद नियमित खेल गतिविधियां आयोजित नहीं कराई जातीं। खेल मैदान की भी समुचित साफ-सफाई और देखरेख नहीं होती। साथ ही बताया कि विद्यालय में लगा वाटर कूलर केवल शिक्षकों और कर्मचारियों के उपयोग में आता है। विद्यार्थियों को उससे पानी नहीं लेने दिया जाता। सभी छात्रों के लिए नए वाटर कूलर की व्यवस्था की मांग की।
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प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सूचना पर थाना किशनपुर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। तहसील प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार नितिन कुमार और हल्का लेखपाल ने भी विद्यालय पहुंचकर छात्रों की समस्याएं सुनीं और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। डीआईओएस राकेश कुमार ने छात्रों को आश्वस्त किया कि 10 दिनों के भीतर प्राथमिक समस्याओं के समाधान की कार्रवाई शुरू कराई जाएगी।
17 कमरों में 1850 विद्यार्थियों की पढ़ाई
विद्यालय में वर्तमान में करीब 1850 विद्यार्थियों का नामांकन है, जबकि केवल 17 कमरे उपलब्ध हैं। इनमें चार कमरे अत्यंत जर्जर हैं और कई कक्षाएं टिनशेड के नीचे संचालित होती हैं। निर्धारित मानकों के विपरीत एक कक्षा में क्षमता से कहीं अधिक विद्यार्थियों को बैठाया जा रहा है।
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प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में खेल शिक्षक होने के बावजूद नियमित खेल गतिविधियां आयोजित नहीं कराई जातीं। खेल मैदान की भी समुचित साफ-सफाई और देखरेख नहीं होती। साथ ही बताया कि विद्यालय में लगा वाटर कूलर केवल शिक्षकों और कर्मचारियों के उपयोग में आता है। विद्यार्थियों को उससे पानी नहीं लेने दिया जाता। सभी छात्रों के लिए नए वाटर कूलर की व्यवस्था की मांग की।
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प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सूचना पर थाना किशनपुर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। तहसील प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार नितिन कुमार और हल्का लेखपाल ने भी विद्यालय पहुंचकर छात्रों की समस्याएं सुनीं और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। डीआईओएस राकेश कुमार ने छात्रों को आश्वस्त किया कि 10 दिनों के भीतर प्राथमिक समस्याओं के समाधान की कार्रवाई शुरू कराई जाएगी।
17 कमरों में 1850 विद्यार्थियों की पढ़ाई
विद्यालय में वर्तमान में करीब 1850 विद्यार्थियों का नामांकन है, जबकि केवल 17 कमरे उपलब्ध हैं। इनमें चार कमरे अत्यंत जर्जर हैं और कई कक्षाएं टिनशेड के नीचे संचालित होती हैं। निर्धारित मानकों के विपरीत एक कक्षा में क्षमता से कहीं अधिक विद्यार्थियों को बैठाया जा रहा है।
टिनशेड के नीचे गर्मी में पढ़ाई
विद्यालय में क्षमता से अधिक प्रवेश होने के कारण कई कक्षाएं टिनशेड के नीचे संचालित की जा रही हैं। छात्रों के अनुसार, 40 विद्यार्थियों की क्षमता वाले कमरों में 70 से अधिक बच्चों को बैठाया जाता है। कई कमरों में लगे पंखे भी खराब हैं, जिससे भीषण गर्मी में पढ़ाई करना मुश्किल हो जाता है और कई बार बच्चे बेहोश तक हो जाते हैं।
जमीन पर बैठने को मजबूर प्राइमरी के छात्र
छात्रों का कहना था कि विद्यालय में कक्षा आठ तक के बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त फर्नीचर नहीं है, जिससे उन्हें जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। मिड-डे मील की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं रहती और दूध में पानी मिलाया जाता है। इस संबंध में कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ।
विद्यालय प्रबंधन तंत्र के उपलब्ध संसाधनों से लगातार सुधार कार्य कराए जा रहे हैं। अनुशासन संबंधी नियमों का पालन सभी विद्यार्थियों को करना होगा। खेल मैदान की बाउंड्री और नए कमरों के निर्माण की मांग जनप्रतिनिधियों के माध्यम से शासन तक भेजी जा चुकी है। - लाल बहादुर सिंह, प्रधानाचार्य
प्रत्येक कक्षा में चार पंखे और दो लाइट लगवाई जाएंगी। विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त वाटर कूलर की व्यवस्था की जाएगी। जर्जर भवन को कंडम घोषित कराने की प्रक्रिया शुरू कर नए भवन का प्रस्ताव तैयार कराया जाएगा। साथ ही शिक्षकों व अन्य शिक्षणेत्तर कर्मियों के व्यवहार संबंधी शिकायतों की भी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - राकेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक
मांगों को लेकर सर्वोदय इंटर कॉलेज में छात्र एकत्र हुए थे। डीआईओएस व संबंधित तहसील के एसडीएम को मौके पर भेजा गया था। बच्चों ने बताया कि पेयजल आपूर्ति के लिए आरओ की व्यवस्था की जाए, कक्षा में चार पंखे लगाए जाए, मेन्यू के अनुसार भोजन दिया जाए, कक्षा छह से आठ तक के बच्चों को बैठने की व्यवस्था की जाए, शौचालयों की साफ-सफाई के साथ ही मैदान की सफाई की जाए। इसके साथ ही विज्ञान कोर्स को मान्यता दी जाए। डीआईओएस की ओर से प्रबंधक को निर्देशित किया गया है। मान्यता के लिए नियमानुसार प्रयोगशाला का निर्माण के बाद प्रबंधन के माध्यम से मान्यता के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी। - निधि गुप्ता वत्स, डीएम
विद्यालय में क्षमता से अधिक प्रवेश होने के कारण कई कक्षाएं टिनशेड के नीचे संचालित की जा रही हैं। छात्रों के अनुसार, 40 विद्यार्थियों की क्षमता वाले कमरों में 70 से अधिक बच्चों को बैठाया जाता है। कई कमरों में लगे पंखे भी खराब हैं, जिससे भीषण गर्मी में पढ़ाई करना मुश्किल हो जाता है और कई बार बच्चे बेहोश तक हो जाते हैं।
जमीन पर बैठने को मजबूर प्राइमरी के छात्र
छात्रों का कहना था कि विद्यालय में कक्षा आठ तक के बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त फर्नीचर नहीं है, जिससे उन्हें जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। मिड-डे मील की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं रहती और दूध में पानी मिलाया जाता है। इस संबंध में कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ।
विद्यालय प्रबंधन तंत्र के उपलब्ध संसाधनों से लगातार सुधार कार्य कराए जा रहे हैं। अनुशासन संबंधी नियमों का पालन सभी विद्यार्थियों को करना होगा। खेल मैदान की बाउंड्री और नए कमरों के निर्माण की मांग जनप्रतिनिधियों के माध्यम से शासन तक भेजी जा चुकी है। - लाल बहादुर सिंह, प्रधानाचार्य
प्रत्येक कक्षा में चार पंखे और दो लाइट लगवाई जाएंगी। विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त वाटर कूलर की व्यवस्था की जाएगी। जर्जर भवन को कंडम घोषित कराने की प्रक्रिया शुरू कर नए भवन का प्रस्ताव तैयार कराया जाएगा। साथ ही शिक्षकों व अन्य शिक्षणेत्तर कर्मियों के व्यवहार संबंधी शिकायतों की भी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - राकेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक
मांगों को लेकर सर्वोदय इंटर कॉलेज में छात्र एकत्र हुए थे। डीआईओएस व संबंधित तहसील के एसडीएम को मौके पर भेजा गया था। बच्चों ने बताया कि पेयजल आपूर्ति के लिए आरओ की व्यवस्था की जाए, कक्षा में चार पंखे लगाए जाए, मेन्यू के अनुसार भोजन दिया जाए, कक्षा छह से आठ तक के बच्चों को बैठने की व्यवस्था की जाए, शौचालयों की साफ-सफाई के साथ ही मैदान की सफाई की जाए। इसके साथ ही विज्ञान कोर्स को मान्यता दी जाए। डीआईओएस की ओर से प्रबंधक को निर्देशित किया गया है। मान्यता के लिए नियमानुसार प्रयोगशाला का निर्माण के बाद प्रबंधन के माध्यम से मान्यता के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी। - निधि गुप्ता वत्स, डीएम