फिर यतीम बनाएगा यतीमखाना: लड़कियां बोलीं- बस हमें...रोजगारपरक कोर्स करवा दें, जानिए पूरा मामला
Kanpur: यतीमखाना कमेटी की ओर से जेजे एक्ट के पंजीकरण की मांग के लिए भेजे गए प्रस्ताव में कमी पाए जाने पर प्रशासन ने उन्हें वापस कर दिया है। महामंत्री अख्तर हुसैन अख्तर ने कहा कि, प्रस्ताव में कुछ कमी आई है।
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हमारी ख्वाहिश यही है कि, रोजगारपरक कोर्स हमें करवा दें। हम दो साल में यहां से चले जाएंगे। हमारी पांच बहनें हैं। अकेली मां है। आमदनी का कोई सहारा नहीं है। हमसे यहां से जाने के लिए कहा जा रहा है। ऐसा लग रहा है कि, हम यतीमों को फिर से यतीम बना दिया जाएगा।
यहां से निकलकर कहीं अच्छी जिंदगी जिएंगे इसलिए बीए की जगह हम नर्सिंग करने की मांग कर रहे हैं। ये कहना है समरीन का और अन्य लड़कियों (फरीदा, चमन, मंतशा, सना परवीन, सानिया परवीन, फरहीन) का जो यतीमखाना में रह रही हैं।
इधर यतीमखाना कमेटी 18 वर्ष से ऊपर उम्र की लड़कियों को रखने से अब गुरेज कर रहा है। लड़कियों का कहना है कि, हर बार जब उन्होंने यतीमखाना से संबंधित शिकायत की तो माफीनामा उनसे दिलवा दिया गया। इस बार उन्होंने माफीनामा देने से इंकार कर दिया। पुलिस के सामने अपनी बात रखी। हालांकि उन्हें इसका कोई फर्क नहीं दिख रहा है।
शिकायतों की वजह से फिर रुक गया जेजे एक्ट रजिस्ट्रेशन
यतीमखाना कमेटी की ओर से जेजे एक्ट के पंजीकरण की मांग के लिए भेजे गए प्रस्ताव में कमी पाए जाने पर प्रशासन ने उन्हें वापस कर दिया है। महामंत्री अख्तर हुसैन अख्तर ने कहा कि, प्रस्ताव में कुछ कमी आई है। जिसे ठीक कर दोबारा भेजेंगे। इन दिनों जो शिकायतें की जा रही हैं।
प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश
वो भी एक कारण है कि, इस मामले में देरी हो रही है। दरअसल जेजे एक्ट के तहत पंजीकरण न होने पर प्रशासन ने मई में इसका संचालन बंद करा दिया था। यहां रह रहे बच्चों को उनके रिश्तेदारों को सौंप दिया गया था। प्रशासन ने पंजीकरण के मानकों के अनुसार प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए थे।
इंफ्रास्ट्रक्चर और कुछ पेपर में कमी पाई गई है। जिसकी वजह से रजिस्ट्रेशन में देरी हो रही है। -जयदीप सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी