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आयुध पैराशूट निर्माणी ने बनाया सात टन भार उठाने वाला पैराशूट
Mon, 27 Jul 2020 01:17 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
माई सिटी रिपोर्टर, कानपुर
माई सिटी रिपोर्टर, कानपुर
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Mon, 27 Jul 2020 01:17 PM IST
सार
- हैवी ड्रॉप पी-7 पैराशूट से हथियारों, उपकरणों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा जा सकेगा
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पैराशूट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आयुध पैराशूट निर्माणी ओपीएफ ने निगमीकरण और चीन के साथ तनातनी के बीच बड़ी उपलब्धि हासिल की है। निर्माणी ने एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट इस्टैबलिशमेंट (एडीआरडीई) के सहयोग से हैवी ड्रॉप पी-7 पैराशूट तैयार कर लिया है। इसकी क्षमता सात टन तक का भार उठाने की है।
पैराशूट का भारतीय सेना की ओर से 23 जुलाई 2020 को आगरा स्थित मालपुरा ड्रापिंग जोन (डीजेड) में सफल ट्रायल भी किया जा चुका है। अभी तक इस तरह के पैराशूट रूस से आयात होते हैं। इनकी तकनीक करीब 10 साल पुरानी है। ऐसे पैराशूट देश में ही बनने से आत्मनिर्भरता आएगी।
मेक इन इंडिया अभियान के तहत तैयार पी-7 हैवी ड्रॉप सिस्टम पैराशूट का उपयोग सात टन तक वाहनों, उपकरणों, हथियारों को ड्रॉप करने में किया जाएगा। इस पैराशूट प्रणाली में पांच कैनोपी, पांच ब्रेक सूट, दो सहायक सूट और एक एक्सट्रैक्टर पैराशूट शामिल है। पैराशूट पर दो साल से काम चल रहा था।
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निर्माणी की जनसंपर्क अधिकारी आइशा खान ने बताया कि आगरा में ओपीएफ के महाप्रबंधक डीके बंगोत्रा के नेतृत्व में संयुक्त महाप्रबंधक एवं आयुध विकास केन्द्र के निदेशक विवेक गुप्ता, कार्य प्रबंधक रूपेश कुमार तथा ओडीसी के सहायक निदेशक अंकुर सिंह चौहान की उपस्थिति में सेना ने पैराशूट का परीक्षण किया है। इस दौरान भारतीय सेना के अधिकारी और एडीआरडीई के वैज्ञानिक भी मौजूद रहे।
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पैराशूट का भारतीय सेना की ओर से 23 जुलाई 2020 को आगरा स्थित मालपुरा ड्रापिंग जोन (डीजेड) में सफल ट्रायल भी किया जा चुका है। अभी तक इस तरह के पैराशूट रूस से आयात होते हैं। इनकी तकनीक करीब 10 साल पुरानी है। ऐसे पैराशूट देश में ही बनने से आत्मनिर्भरता आएगी।
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मेक इन इंडिया अभियान के तहत तैयार पी-7 हैवी ड्रॉप सिस्टम पैराशूट का उपयोग सात टन तक वाहनों, उपकरणों, हथियारों को ड्रॉप करने में किया जाएगा। इस पैराशूट प्रणाली में पांच कैनोपी, पांच ब्रेक सूट, दो सहायक सूट और एक एक्सट्रैक्टर पैराशूट शामिल है। पैराशूट पर दो साल से काम चल रहा था।
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निर्माणी की जनसंपर्क अधिकारी आइशा खान ने बताया कि आगरा में ओपीएफ के महाप्रबंधक डीके बंगोत्रा के नेतृत्व में संयुक्त महाप्रबंधक एवं आयुध विकास केन्द्र के निदेशक विवेक गुप्ता, कार्य प्रबंधक रूपेश कुमार तथा ओडीसी के सहायक निदेशक अंकुर सिंह चौहान की उपस्थिति में सेना ने पैराशूट का परीक्षण किया है। इस दौरान भारतीय सेना के अधिकारी और एडीआरडीई के वैज्ञानिक भी मौजूद रहे।