{"_id":"6171b8c40e03fd4b6f3d5920","slug":"operation-not-done-in-district-hospital-since-42-days-akbarpur-news-knp6595967194","type":"story","status":"publish","title_hn":"42 दिन से जिला अस्पताल में नहीं हुआ कोई ऑपरेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
42 दिन से जिला अस्पताल में नहीं हुआ कोई ऑपरेशन
विज्ञापन
जिला अस्पताल पुरुष का ऑपरेशन थियेटर। (संवाद)
- फोटो : AKBARPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर देहात। जिला अस्पताल पुरुष में ऑक्सीजन/एनस्थीसिया ट्रॉली खराब होने की वजह से करीब 42 दिन से ऑपरेशन ठप हैं। मरीजों को निजी या फिर कानपुर के हैलट अस्पताल में ऑपरेशन के लिए जाना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में सर्जन डॉ. जसवीर सिंह की तैनाती है। यहां ब्लड बैंक व अन्य सुविधाएं भी हैं। ऑपरेशन थिएटर में सितंबर के शुरुआती सप्ताह में ऑपरेशन किए गए। इसके बाद यहां उपकरण खराब होने की वजह से ऑपरेशन बंद हैं। आपरेशन की जरूरत पर मरीजों को हैलट रेफर कर दिया जाता है। वहीं, कानपुर जाने से बचने के लिए मरीज निजी अस्पताल में महंगा ऑपरेशन कराने को मजबूर हैं।
सर्जन डॉ. जसवीर सिंह ने बताया कि ऑक्सीजन/एनस्थीसिया ट्रॉली खराब है। बेहोशी का इंजेक्शन देने के बाद मरीज का ब्लड प्रेशर व ऑक्सीजन लेवल घट बढ़ जाता है। इसको नियंत्रित करने के काम यह उपकरण आता है। खराब उपकरण की वजह से ऑपरेशन करना संभव नहीं है। सीएमएस को इसकी जानकारी पहले ही दी जा चुकी है। अब उपकरणों की दुरुस्त कराना उनका दायित्व है।
विज्ञापन
पॉवर बैकअप की दिक्कत पहले भी रही
जिला अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में बिजली का बैकअप भी उपलब्ध नहीं है। यहां सर्जन की मांग पर आधा किलोवाट का इनवर्टर दिया गया था। अलबत्ता इस इनवर्टर की क्षमता कम होने की वजह से इसे लगाया नहीं जा सका। यह इनवर्टर पैक ही रखा है। (संवाद)
विज्ञापन
जिला अस्पताल में सर्जन डॉ. जसवीर सिंह की तैनाती है। यहां ब्लड बैंक व अन्य सुविधाएं भी हैं। ऑपरेशन थिएटर में सितंबर के शुरुआती सप्ताह में ऑपरेशन किए गए। इसके बाद यहां उपकरण खराब होने की वजह से ऑपरेशन बंद हैं। आपरेशन की जरूरत पर मरीजों को हैलट रेफर कर दिया जाता है। वहीं, कानपुर जाने से बचने के लिए मरीज निजी अस्पताल में महंगा ऑपरेशन कराने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
सर्जन डॉ. जसवीर सिंह ने बताया कि ऑक्सीजन/एनस्थीसिया ट्रॉली खराब है। बेहोशी का इंजेक्शन देने के बाद मरीज का ब्लड प्रेशर व ऑक्सीजन लेवल घट बढ़ जाता है। इसको नियंत्रित करने के काम यह उपकरण आता है। खराब उपकरण की वजह से ऑपरेशन करना संभव नहीं है। सीएमएस को इसकी जानकारी पहले ही दी जा चुकी है। अब उपकरणों की दुरुस्त कराना उनका दायित्व है।
विज्ञापन
पॉवर बैकअप की दिक्कत पहले भी रही
जिला अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में बिजली का बैकअप भी उपलब्ध नहीं है। यहां सर्जन की मांग पर आधा किलोवाट का इनवर्टर दिया गया था। अलबत्ता इस इनवर्टर की क्षमता कम होने की वजह से इसे लगाया नहीं जा सका। यह इनवर्टर पैक ही रखा है। (संवाद)