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Kanpur News: शिकायतों के निस्तारण से मात्र 32 फीसदी लोग संतुष्ट

Mon, 24 Feb 2025 12:45 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Mon, 24 Feb 2025 12:45 AM IST
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Only 32 percent people are satisfied with the resolution of complaints.
बिलसरायां बस्ती में बिना बिजली लाइन ठूंठ बना पोल। - फोटो : संवाद
कानपुर देहात। संपूर्ण समाधान दिवस व जिला, तहसील व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों से फरियाद के बाद भी लोगों को समाधान नहीं मिल रहा है। शासन स्तर से लिए गए फीडबैक से यह हकीकत सामने आई है। इससे लोग परेशान हैं। वहीं शिकायतों की पुनरावृत्ति हो रही है। बहुत कम ही फरियादी निस्तारण से संतुष्ट हैं, जबकि असंतुष्ट ज्यादा हैं।
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महीने के पहले और तीसरे शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में तहसीलों में शिकायतें सुनी जाती हैं। इधर हर दिन कार्यालय में अधिकारी जनसुनवाई करते हैं। आने वाली शिकायतों का एक सप्ताह में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश हैं। समस्या का समाधान मौके पर जाकर किया जाए इस पर जोर है। मगर जांच अधिकारी लापरवाही से बाज नहीं आते हैं। मौके पर समस्या का स्थलीय सत्यापन न कर कागजी निस्तारण किया जाता है। इससे फरियादी को समाधान नहीं मिल पाता है।
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बीते 1 फरवरी से 13 फरवरी तक शासन स्तर से कुल 333 प्रकरणों में जांच अधिकारियों के निस्तारण का फीडबैक फरियादियों से लिया गया। इसमें 105 फरियादियों ने निस्तारण पर संतुष्टि जाहिर की। वहीं 228 फरियादी असंतुष्ट रहे। करीब 54 फीसदी मामले स्थलीय सत्यापन न करने के हैं। कुल 179 प्रकरणों में सामने आया कि जांच अधिकारी ने स्थलीय सत्यापन ही नहीं किया है। (संवाद)
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48 फीसदी प्रकरण में फरियादी से नहीं किया गया संपर्क
निस्तारण पर फीडबैक में फरियादी से जांच अधिकारी के संपर्क करने या न करने की स्थिति की जांच की गई। इसमें पाया गया कि 174 प्रकरणों में जांच अधिकारी ने फरियादी से संपर्क किया। वहीं 48 फीसदी यानी 159 मामलों में जांच अधिकारी ने फरियादी से संपर्क ही नहीं किया। इससे साफ है कि इन मामलों में कागजी निस्तारण हुआ।
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वर्जन.....
फीडबैक में असंतुष्ट फीसदी अधिक मिला है। शिकायतकर्ता से संपर्क न करने के प्रकरण भी अधिक हैं। सभी जिला, तहसील व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को स्पष्टीकरण लिया जा रहा है। - आलोक सिंह, डीएम
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केस एक :
राकेश, रमेश व मुन्नी देवी ने बताया कि संपूर्ण समाधान दिवस में कई बार शिकायत कर चुके हैं। लगातार दो साल से शिकायत करते चले आ रहे हैं। पोल लगे हैं, लेकिन केबल नहीं डाली गई है। इससे बिलसरायां में उनके मोहल्ले में करीब 20 घरों में बिजली नहीं है। आरोप लगाया कि कागजों में निस्तारण हो जाता है। धरातल पर समाधान सिफर है।
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केस दो :
रतवा निवासी शिवसागर ने बताया कि घर के सामने तालाब की भूमि है। इस पर कुछ लोग कब्जा किए हुए हैं। कब्जेदार नाली निर्माण नहीं होने दे रहे हैं। शिकायत पर दो बार राजस्व विभाग की टीम आई। कागजों में निस्तारण कर दिया गया। मगर टीम के जाने के बाद कब्जेदार नाली नहीं बनाने देते हैं।

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केस तीन :
अकबरपुर के शिवाजी नगर निवासी मीरा देवी ने संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत कर बताया कि पोल लगाकर तार नहीं खींचे जा रहे हैं। कई जगह बांस बल्ली पर जर्जर तार बंधे हैं। इससे हादसे का खतरा है। 23 दिन बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस है।
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