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मुसीबत: कोरोना ने आधा कर दिया ऑनलाइन फूड कारोबार, 10-15 लाख का कारोबार पांच लाख तक सिमटा
Fri, 07 May 2021 12:26 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Fri, 07 May 2021 12:26 PM IST
सार
कानपुर में तीन सौ छोटे-बड़े होटल हैं, जबकि शहर के अलग-अलग हिस्सों में पांच सौ से ज्यादा छोटे-बड़े रेस्टोरेंट हैं। आर्य नगर, गोविंद नगर, बेकनगंज, चमनगंज, सिविल लाइंस, मालरोड, शिवाला, गोशाला हमीरपुर रोड, चावला मार्केट, मरियमपुर चौराहा के आसपास, पांडु नगर, नीरक्षीर चौराहा, कल्याणपुर क्षेत्र में इनकी सबसे अधिक संख्या है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कोरोना संकट के चलते लोगों ने कानपुर में ऑनलाइन फूड मंगाना कम कर दिया है। इसका व्यापार पर खासा प्रभाव पड़ा है। कुछ दिनों पहले तक शहर में प्रतिदिन 10 से 15 लाख का कारोबार होटल, रेस्टोरेंट संचालकों को मिल रहा था, अब यह पांच लाख तक में सिमट गया है।
मौजूदा समय में मांग मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में ही है। रमजान खत्म होने के बाद इसमें भी कमी आने की आशंका है। शहर में तीन सौ छोटे-बड़े होटल हैं, जबकि शहर के अलग-अलग हिस्सों में पांच सौ से ज्यादा छोटे-बड़े रेस्टोरेंट हैं। आर्य नगर, गोविंद नगर, बेकनगंज, चमनगंज, सिविल लाइंस, मालरोड, शिवाला, गोशाला हमीरपुर रोड, चावला मार्केट, मरियमपुर चौराहा के आसपास, पांडु नगर, नीरक्षीर चौराहा, कल्याणपुर क्षेत्र में इनकी सबसे अधिक संख्या है।
मौजूदा समय में संचालक रात 10 बजे तक आर्डर ले रहे हैं और 11 बजे तक डिलीवरी कर रहे हैं। होटल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट एंड स्वीट्स एसोसिएशन के महामंत्री और रेस्टोरेंट संचालक राजकुमार भगतानी ने बताया कि इस समय अधिकतक होटल-रेस्टोरेंट के किचन बंद हैं।
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बड़े रेटिंग वाले होटल-रेस्टोरेंट को ही आर्डर मिल रहे हैं। कोरोना का प्रभाव तेजी से कारोबार पर पड़ा है। पहले औसतन प्रतिदिन 10 हजार आर्डर होते थे, अब इनकी संख्या दो से तीन हजार ही रह गई है। प्रतिदिन करीब 10 से 15 लाख का कारोबार मिल जाता था, अब पांच लाख का भी कारोबार नहीं मिल पा रहा है।
जायका रेस्टोरेंट के संचालक मुअज्जम ने बताया कि रमजान के चलते मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में ही मौजूदा समय में मांग अधिक है। शाम के समय में ज्यादा आर्डर आते हैं, लेकिन कोरोना का प्रभाव कारोबार पर तेजी से पड़ा है।
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मौजूदा समय में मांग मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में ही है। रमजान खत्म होने के बाद इसमें भी कमी आने की आशंका है। शहर में तीन सौ छोटे-बड़े होटल हैं, जबकि शहर के अलग-अलग हिस्सों में पांच सौ से ज्यादा छोटे-बड़े रेस्टोरेंट हैं। आर्य नगर, गोविंद नगर, बेकनगंज, चमनगंज, सिविल लाइंस, मालरोड, शिवाला, गोशाला हमीरपुर रोड, चावला मार्केट, मरियमपुर चौराहा के आसपास, पांडु नगर, नीरक्षीर चौराहा, कल्याणपुर क्षेत्र में इनकी सबसे अधिक संख्या है।
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मौजूदा समय में संचालक रात 10 बजे तक आर्डर ले रहे हैं और 11 बजे तक डिलीवरी कर रहे हैं। होटल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट एंड स्वीट्स एसोसिएशन के महामंत्री और रेस्टोरेंट संचालक राजकुमार भगतानी ने बताया कि इस समय अधिकतक होटल-रेस्टोरेंट के किचन बंद हैं।
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बड़े रेटिंग वाले होटल-रेस्टोरेंट को ही आर्डर मिल रहे हैं। कोरोना का प्रभाव तेजी से कारोबार पर पड़ा है। पहले औसतन प्रतिदिन 10 हजार आर्डर होते थे, अब इनकी संख्या दो से तीन हजार ही रह गई है। प्रतिदिन करीब 10 से 15 लाख का कारोबार मिल जाता था, अब पांच लाख का भी कारोबार नहीं मिल पा रहा है।
जायका रेस्टोरेंट के संचालक मुअज्जम ने बताया कि रमजान के चलते मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में ही मौजूदा समय में मांग अधिक है। शाम के समय में ज्यादा आर्डर आते हैं, लेकिन कोरोना का प्रभाव कारोबार पर तेजी से पड़ा है।