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इलाहाबाद तक एक और ट्रैक की तैयारी
अमर उजाला, ब्यूरो
Updated Sat, 20 Feb 2016 02:03 AM IST
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इलाहाबाद से कानपुर तक एक और रेलवे ट्रैक बिछाने से ट्रेनों की लेट-लतीफी पर अंकुश लगेगा। अभी दो लाइनें ही हैं। उत्तर मध्य रेलवे ने इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा है।
इस प्रस्ताव को रेल मंत्रालय से जल्द अनुमति मिल जाएगी। आगामी वित्तीय वर्ष के रेल बजट में इसके धन का प्रावधान किए जाने की उम्मीद है। शुक्रवार को निरीक्षण करने सेंट्रल स्टेशन आए डीआरएम उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद वीके त्रिपाठी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि ट्रेन लेट होने की शिकायत यात्री अब रेल मंत्री से कर देते हैं। यहां से कई ट्रेनें गुजरती हैं। इस कारण मुगलसराय से कानपुर तक एक और रेलवे लाइन (तीसरा रेल ट्रैक) बिछाए जाने की योजना है।
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7 नंबर पर वीआईपी वेटिंग हॉल
डीआरएम ने बताया कि सात नंबर प्लेटफार्म पर यात्री सुविधाओं में इजाफा किया जा रहा है। सात नंबर प्लेटफार्म के ऊपर वीआईपी वेटिंग हॉल बनाया जाएगा। हॉल में प्लेटफार्म एक जैसी सुविधाएं होंगी। एसी भी लगेगा।
लोको से शिफ्ट होगी रिलीफ ट्रेन
ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने पर रिलीफ ट्रेन जल्द मौके पर पहुंचेगी। अभी तक यह ट्रेन जूही स्थित लोको में खड़ी होती है। अब इसे लोको से जीएससी यार्ड या सेंट्रल स्टेशन की साइडिंग (लूप लाइन) में शिफ्ट किया जाएगा।
शुक्रवार को उत्तर मध्य रेलवे के डीआरएम वीके त्रिपाठी ने जीएमसी यार्ड जूही में रिलीफ ट्रेन खड़ी किए जाने की प्रस्तावित जगह देखी। दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना पर रिलीफ ट्रेन लोको से सेंट्रल स्टेशन तक पहुंचने में 30 से 45 मिनट लगा देती है। जूही यार्ड से लौटने के बाद उन्होंने सेंट्रल स्टेशन के अंडर पास में चल रहे निर्माण और सुंदरीकरण का काम देखा।
1 अप्रैल से पहले चल सकते हैं पंखे, वाटर कूलर
निरीक्षण के दौरान डीआरएम वीके त्रिपाठी को जब गरमी लगी तो वे प्लेटफार्म नंबर एक के टीनशेड के नीचे आकर खड़े होकर बोले कि इस बार गर्मी जल्दी पड़ने लगी है। रेलवे बोर्ड से एक अप्रैल से पहले रेलवे के पंखे, कूलर, एसी वाटर कूलर चलाए जाने की अनुमति मांगी गई है।
इससे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। बता दें कि रेलवे कूलर, पंखे और वाटर कूलर 1 अप्रैल से पहले चालू नहीं होते हैं। लिखापढ़ी में भी यही आदेश है। 2015 से पहले तो 15 अप्रैल से कूलर-पंखे, वाटर कूलर चालू नहीं होते थे। अमर उजाला के मुद्दा उठाने पर रेलवे बोर्ड ने इसके लिए 1 अप्रैल की तिथि निर्धारित कर दी थी।
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इस प्रस्ताव को रेल मंत्रालय से जल्द अनुमति मिल जाएगी। आगामी वित्तीय वर्ष के रेल बजट में इसके धन का प्रावधान किए जाने की उम्मीद है। शुक्रवार को निरीक्षण करने सेंट्रल स्टेशन आए डीआरएम उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद वीके त्रिपाठी ने यह जानकारी दी।
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उन्होंने कहा कि ट्रेन लेट होने की शिकायत यात्री अब रेल मंत्री से कर देते हैं। यहां से कई ट्रेनें गुजरती हैं। इस कारण मुगलसराय से कानपुर तक एक और रेलवे लाइन (तीसरा रेल ट्रैक) बिछाए जाने की योजना है।
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7 नंबर पर वीआईपी वेटिंग हॉल
डीआरएम ने बताया कि सात नंबर प्लेटफार्म पर यात्री सुविधाओं में इजाफा किया जा रहा है। सात नंबर प्लेटफार्म के ऊपर वीआईपी वेटिंग हॉल बनाया जाएगा। हॉल में प्लेटफार्म एक जैसी सुविधाएं होंगी। एसी भी लगेगा।
लोको से शिफ्ट होगी रिलीफ ट्रेन
ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने पर रिलीफ ट्रेन जल्द मौके पर पहुंचेगी। अभी तक यह ट्रेन जूही स्थित लोको में खड़ी होती है। अब इसे लोको से जीएससी यार्ड या सेंट्रल स्टेशन की साइडिंग (लूप लाइन) में शिफ्ट किया जाएगा।
शुक्रवार को उत्तर मध्य रेलवे के डीआरएम वीके त्रिपाठी ने जीएमसी यार्ड जूही में रिलीफ ट्रेन खड़ी किए जाने की प्रस्तावित जगह देखी। दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना पर रिलीफ ट्रेन लोको से सेंट्रल स्टेशन तक पहुंचने में 30 से 45 मिनट लगा देती है। जूही यार्ड से लौटने के बाद उन्होंने सेंट्रल स्टेशन के अंडर पास में चल रहे निर्माण और सुंदरीकरण का काम देखा।
1 अप्रैल से पहले चल सकते हैं पंखे, वाटर कूलर
निरीक्षण के दौरान डीआरएम वीके त्रिपाठी को जब गरमी लगी तो वे प्लेटफार्म नंबर एक के टीनशेड के नीचे आकर खड़े होकर बोले कि इस बार गर्मी जल्दी पड़ने लगी है। रेलवे बोर्ड से एक अप्रैल से पहले रेलवे के पंखे, कूलर, एसी वाटर कूलर चलाए जाने की अनुमति मांगी गई है।
इससे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। बता दें कि रेलवे कूलर, पंखे और वाटर कूलर 1 अप्रैल से पहले चालू नहीं होते हैं। लिखापढ़ी में भी यही आदेश है। 2015 से पहले तो 15 अप्रैल से कूलर-पंखे, वाटर कूलर चालू नहीं होते थे। अमर उजाला के मुद्दा उठाने पर रेलवे बोर्ड ने इसके लिए 1 अप्रैल की तिथि निर्धारित कर दी थी।