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वंस मोर का शोर, धमाधम चहुंओर
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Sat, 07 Nov 2015 02:25 AM IST
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छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी में यूथ फेस्टिवल के दूसरे दिन शुक्रवार को गजल गायिकी का रंग जमा। डॉ. राजेश निरंजन ने पाकिस्तानी गजल गायक गुलाम अली की ...हमको किसके गम ने मारा और ... चुपके-चुपके रात दिन... सधे अंदाज में सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी।
डॉ. राजेश निरंजन ने स्टूडेंटों की फरमाइश भी पूरी की और वडाली ब्रदर्स की ... तू माने या ना माने को सूफियाना में अंदाज गाया। इस पर वंस मोर वंस मोर की डिमांड भी आई। गजल गायिकी के दौरान शुभम वर्मा ने तबला और अनिल सिंह ने ढोलक, थाप पर अच्छा साथ दिया।
यूथ फेस्टिवल की शुरुआत शुक्रवार को सुगम संगीत से हुई। डीजी, एसएन सेन, जुहारी, बृहस्पति सहित अलग-अलग कॉलेजों की 16 टीमें मंच पर आईं और भजन, गजल सुनाकर सबका मनोरंजन किया। आडिटोरियम हाल श्रोताओं से भरा रहा। देर शाम कुलपति प्रो. जेवी
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वैशंपायन भी इंटरनेशनल आडिटोरियम पहुंचे। मूक अभिनय के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों पर करारा प्रहार किया गया। यूथ फेस्टिवल में मिमिक्री की भी महफिल जमी। ज्यादातर स्टूडेंटों ने मिमिक्री में राजनीतिज्ञों को निशाने पर लिया। लालू यादव मिमिक्री के पसंदीदा सब्जेक्ट माने गए।
वेस्टर्न का सिंगल सोलो और ग्रुप सोलो सांग का आयोजन भी किया गया। सितार वादन (नान परकशन) का मुकाबला नहीं हो सका, क्योंकि इस प्रतियोगिता में दो ही प्रतिभागियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। एक प्रतियोगिता में रजिस्ट्रेशन के लिए चार प्रतिभागियों का रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है।
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डॉ. राजेश निरंजन ने स्टूडेंटों की फरमाइश भी पूरी की और वडाली ब्रदर्स की ... तू माने या ना माने को सूफियाना में अंदाज गाया। इस पर वंस मोर वंस मोर की डिमांड भी आई। गजल गायिकी के दौरान शुभम वर्मा ने तबला और अनिल सिंह ने ढोलक, थाप पर अच्छा साथ दिया।
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यूथ फेस्टिवल की शुरुआत शुक्रवार को सुगम संगीत से हुई। डीजी, एसएन सेन, जुहारी, बृहस्पति सहित अलग-अलग कॉलेजों की 16 टीमें मंच पर आईं और भजन, गजल सुनाकर सबका मनोरंजन किया। आडिटोरियम हाल श्रोताओं से भरा रहा। देर शाम कुलपति प्रो. जेवी
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वैशंपायन भी इंटरनेशनल आडिटोरियम पहुंचे। मूक अभिनय के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों पर करारा प्रहार किया गया। यूथ फेस्टिवल में मिमिक्री की भी महफिल जमी। ज्यादातर स्टूडेंटों ने मिमिक्री में राजनीतिज्ञों को निशाने पर लिया। लालू यादव मिमिक्री के पसंदीदा सब्जेक्ट माने गए।
वेस्टर्न का सिंगल सोलो और ग्रुप सोलो सांग का आयोजन भी किया गया। सितार वादन (नान परकशन) का मुकाबला नहीं हो सका, क्योंकि इस प्रतियोगिता में दो ही प्रतिभागियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। एक प्रतियोगिता में रजिस्ट्रेशन के लिए चार प्रतिभागियों का रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है।