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हाइवे पर बने गड्ढे बने जान की आफत
अमर उजाला ब्यूूराो, कानपुर देहात
Updated Mon, 21 Dec 2015 01:25 AM IST
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कस्बे के बीचोबीच गुजरे नेशनल हाइवे-2 पर गड्ढों से गुजरने वाले भारी वाहन चालकों को
कम मुसीबत नहीं है। वाहन चालकों के मुताबिक गड्ढे में वाहन जाते ही बेकाबू
होने का खतरा बढ़ जाता है।
गड्ढे से गुजरते समय होने वाली धमक का अहसास आसपास घरों के लोगों को होता है। स्थानीय लोगों ने एनएचआई से समस्या समाधान कराने की मांग की है।
रनियां औद्योगिक क्षेत्र के बीचोबीच गुजरे नेशनल हाइवे-2 से गुजरने वाले भारी वाहनों, सवारी वाहन, दुपहिया वाहन व राहगीरों को सहूलियत देने के लिए सिक्स लेन हाइवे का निर्माण कराया गया है।
रनियां स्थित नेशनल हाइवे से कानपुर-झांसी व कानपुर-इटावा की ओर प्रतिदिन छोटे-बड़े हजारों वाहनों का आवागमन लगा रहता है। दर्जनों औद्योगिक इकाईयां होने से सैकड़ों कामगार लोग हाइवे से होकर गुजरते हैं।
वाहनों की प्रतिदिन आवाजाही से रनियां पड़ाव पर गहरा गड्ढा हो गया है। अनुराग पांडेय, पद्म सिंह ने बताया कि नेशनल हाइवे पर अवैध कट बंद कराया गया है। अब दुर्घटनाओं पर अंकुश लगेगा। यदि हाइवे के गड्ढों का मरम्मतीकरण हो जाए तो संभावित हादसों का खतरा भी टल जाएगा।
स्थानीय निवासी उदय कुमार, बाबूराम का कहना है कि हाइवे के गड्ढों से होकर गुजरने वाले वाहनों की धमक से रात को नींद तक खुल जाती है। हादसे का खतरा भी बना रहता है।
गड्ढे से गुजरते समय होने वाली धमक का अहसास आसपास घरों के लोगों को होता है। स्थानीय लोगों ने एनएचआई से समस्या समाधान कराने की मांग की है।
रनियां औद्योगिक क्षेत्र के बीचोबीच गुजरे नेशनल हाइवे-2 से गुजरने वाले भारी वाहनों, सवारी वाहन, दुपहिया वाहन व राहगीरों को सहूलियत देने के लिए सिक्स लेन हाइवे का निर्माण कराया गया है।
रनियां स्थित नेशनल हाइवे से कानपुर-झांसी व कानपुर-इटावा की ओर प्रतिदिन छोटे-बड़े हजारों वाहनों का आवागमन लगा रहता है। दर्जनों औद्योगिक इकाईयां होने से सैकड़ों कामगार लोग हाइवे से होकर गुजरते हैं।
वाहनों की प्रतिदिन आवाजाही से रनियां पड़ाव पर गहरा गड्ढा हो गया है। अनुराग पांडेय, पद्म सिंह ने बताया कि नेशनल हाइवे पर अवैध कट बंद कराया गया है। अब दुर्घटनाओं पर अंकुश लगेगा। यदि हाइवे के गड्ढों का मरम्मतीकरण हो जाए तो संभावित हादसों का खतरा भी टल जाएगा।
स्थानीय निवासी उदय कुमार, बाबूराम का कहना है कि हाइवे के गड्ढों से होकर गुजरने वाले वाहनों की धमक से रात को नींद तक खुल जाती है। हादसे का खतरा भी बना रहता है।