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Kanpur News: रूरा में पुराना आरयूबी जलमग्न, नया अधर में अटका
Fri, 21 Aug 2026 12:43 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 21 Aug 2026 12:43 AM IST
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रूरा। बारिश के बाद नगर का पुराना रेलवे अंडरपास (आरयूबी) जलमग्न है। नया आरयूबी अधर में है। आरसीसी सेगमेंट बनाकर तैयार करने के बाद करीब एक साल से काम रुका है। इधर पैदल राहगीरों, साइकिल-बाइक सवारों व हल्के चार पहिया वाहन सवारों को दूसरी ओर आवागमन में परेशानी हो रही है।
नगर रेलवे ओवर ब्रिज बने दो साल हो गए हैं। यह पुल करीब एक किलोमीटर लंबा है। जबकि नगर की अधिकांश आबादी का आवागमन पुराने अंडरपास से हो रहा था। यह अधिक सुविधाजनक और रेलवे क्रासिंग के करीब ही कम दूरी का है। रेलवे ओवर ब्रिज बनने के बाद अब रेलवे क्रॉसिंग का रास्ता बंद कर दिया गया है। ऐसे में लोगों को चक्कर लगाकर पुल के जरिये आवागमन करना पड़ रहा है।
आवाजाही में सहूलियत के लिए आठ करोड़ की लागत से रेलवे अंडरपास बनाने की मंजूरी मिली। करीब दो वर्ष पूर्व काम शुरू कराया गया था लेकिन चार आरसीसी सेगमेंट बनाने के बाद से काम रुका है। काम अधर में होने से ठेकेदार के श्रमिक भी दूसरी जगह चले गए। संस्था के जेई विपिन चौधरी ने बताया कि चार आरसीसी सेगमेंट बनकर तैयार हो चुके हैं। इन्हें ट्रैक के नीचे खुदाई कर रखा जाना है लेकिन रेलवे द्वारा ब्लॉक नहीं दिए जाने से काम रुका पड़ा है।
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इधर वैकल्पिक अंडरपास में जलभराव की वजह से लोग डेढ़ किलोमीटर का चक्कर काट आरओबी से होकर आवाजाही को मजबूर हैं। रिंकू बाजपेयी, मनोज यादव व रामजी पांडेय आदि ने बताया कि सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों व पैदल राहगीरों को है। ईओ रूरा मनीष कुमार ने बताया कि पुराने अंडरपास के पास नगर पंचायत का नाला है। पंपिंग सेट के जरिए गंदा पानी दूसरी ओर नाला में गिराया जा रहा था। अब बारिश में पंपिंग सेट से पानी निकाला जाना संभव नहीं है। इसकी वजह से बरसात में अंडरपास बंद कर दिया गया है।
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नगर रेलवे ओवर ब्रिज बने दो साल हो गए हैं। यह पुल करीब एक किलोमीटर लंबा है। जबकि नगर की अधिकांश आबादी का आवागमन पुराने अंडरपास से हो रहा था। यह अधिक सुविधाजनक और रेलवे क्रासिंग के करीब ही कम दूरी का है। रेलवे ओवर ब्रिज बनने के बाद अब रेलवे क्रॉसिंग का रास्ता बंद कर दिया गया है। ऐसे में लोगों को चक्कर लगाकर पुल के जरिये आवागमन करना पड़ रहा है।
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आवाजाही में सहूलियत के लिए आठ करोड़ की लागत से रेलवे अंडरपास बनाने की मंजूरी मिली। करीब दो वर्ष पूर्व काम शुरू कराया गया था लेकिन चार आरसीसी सेगमेंट बनाने के बाद से काम रुका है। काम अधर में होने से ठेकेदार के श्रमिक भी दूसरी जगह चले गए। संस्था के जेई विपिन चौधरी ने बताया कि चार आरसीसी सेगमेंट बनकर तैयार हो चुके हैं। इन्हें ट्रैक के नीचे खुदाई कर रखा जाना है लेकिन रेलवे द्वारा ब्लॉक नहीं दिए जाने से काम रुका पड़ा है।
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इधर वैकल्पिक अंडरपास में जलभराव की वजह से लोग डेढ़ किलोमीटर का चक्कर काट आरओबी से होकर आवाजाही को मजबूर हैं। रिंकू बाजपेयी, मनोज यादव व रामजी पांडेय आदि ने बताया कि सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों व पैदल राहगीरों को है। ईओ रूरा मनीष कुमार ने बताया कि पुराने अंडरपास के पास नगर पंचायत का नाला है। पंपिंग सेट के जरिए गंदा पानी दूसरी ओर नाला में गिराया जा रहा था। अब बारिश में पंपिंग सेट से पानी निकाला जाना संभव नहीं है। इसकी वजह से बरसात में अंडरपास बंद कर दिया गया है।