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Kanpur News: चेहरे का मिलान होने पर मिलेगा पोषाहार, रोड़ा बना सिंदूर व बिंदिया
Wed, 16 Jul 2025 12:32 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Wed, 16 Jul 2025 12:32 AM IST
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कानपुर देहात। चेहरे का मिलान होने पर ही कुपोषण दूर करने के लिए पोषाहार मिलेगा। मगर पोषण ट्रैकर एप से किए जा रहे प्रमाणीकरण में महिलाओं की बिंदी व सिंदूर रोड़ा बन रहा है। वहीं पुराने आधार से सत्यापन नहीं हो पा रहा है। कुछ को लाभ लेने के लिए माथे से सिंदूर व बिंदी तक हटानी पड़ रही है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत महिलाओं का चेहरा प्रमाणीकरण के लिए जिले में 1788 सेंटर बनाए गए हैं। यहां 1640 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चेहरा पोषण ट्रैकर एप के माध्यम से प्रमाणीकरण कर रही हैं। 97561 लाभार्थियाें का चेहरा प्रमाणीकरण होना है। विभाग की मानें तो अब तक करीब 65493 के चेहरा स्कैन किया जा चुका है, जो 68 प्रतिशत है।
आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों तथा महिलाओं को हर माह पोषाहार के रूप में चने की दाल, दलिया व खाद्य तेल मिलता है। शासन ने पोषाहार वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए सभी लाभार्थियों का चेहरा पोषण ट्रैकर एप पर जून तक अपडेट करने के निर्देश दिए थे। हालांकि इसकी समय सीमा बढ़ाकर 30 जुलाई कर दी गई है।
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अब पोषाहार लेने के लिए लाभार्थियों को चेहरा स्कैन करना होगा। दो महीने से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सेंटरों पर प्रमाणीकरण का कार्य कर रही हैं, लेकिन कई लाभार्थियों के साथ सबसे बड़ी समस्या यह आ रही है कि उनके चेहरे पर बिंदी व सिंदूर लगा होने के कारण चेहरे का पुराने आधार से मिलान नहीं हो पा रहा है। कई महिलाएं ऐसी हैं, जिनका आधार 10 से 15 वर्ष पहले बना हुआ है और अब चेहरे में बदलाव आ जाने के कारण स्कैनिंग के दौरान मिलान नहीं हो पा रहा है। कई ऐसे भी लाभार्थी हैं, जिन्होंने आधार से लिंक मोबाइल नंबर बंद कर दिया या फिर सिम गुम हो गया है। इस तरह की समस्याएं पोषणाहार पाने में परेशानी बन रहे हैं।
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केस-1
आधार में फोटो नहीं थी साफ, कराना पड़ा अपडेट
रूरा के तिगाई गांव की राधा ने बताया कि तीन दिन से चेहरा प्रमाणीकरण के लिए सेंटर का चक्कर लगा रही हैं। आधार कार्ड पुराना व फोटो साफ अपलोड न होने की वजह से चेहरा स्कैन नहीं हो पा रहा था। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने कई बार प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। आधार को अपडेट कराने के बाद ही एप पर चेहरा स्कैन हो सका।
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केस 2
माथे से हटाई बिंदी तब डाटा हुआ अपडेट
गहोलिया गांव की प्रीती और गुड़िया का आधार कार्ड करीब 12 साल पहले का बना था। उस समय इनकी शादी नहीं हुई थी। टीम को उनके घर पहुंचने पर स्कैन के दौरान उनका चेहरा मैच नहीं किया। टीम के कहने पर माथे की बिंदी और सिंदूर को हटाने के बाद चेहरा स्कैन हुआ। इसके बाद एप पोर्टल पर डाटा अपडेट हो सका।
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वर्जन-
जिले में अभी तक कुल 65493 लाभार्थियों का चेहरा प्रमाणीकरण हो चुका है, जो कि 68 प्रतिशत है। शतप्रतिशत कार्य के लिए 30 जुलाई की तिथि नियत की गई है। प्रमाणीकरण के दौरान कई स्थानों पर बिंदी व सिंदूर लगे होने से समस्या आ रही है। जिसे लाभार्थियों को बता आधार अपडेट कराया जा रहा है। जल्द ही सभी लाभार्थियों का प्रमाणीकरण पूर्ण हो जाएगा। - डॉ. आरबी सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी, कानपुर देहात
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आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत महिलाओं का चेहरा प्रमाणीकरण के लिए जिले में 1788 सेंटर बनाए गए हैं। यहां 1640 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चेहरा पोषण ट्रैकर एप के माध्यम से प्रमाणीकरण कर रही हैं। 97561 लाभार्थियाें का चेहरा प्रमाणीकरण होना है। विभाग की मानें तो अब तक करीब 65493 के चेहरा स्कैन किया जा चुका है, जो 68 प्रतिशत है।
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आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों तथा महिलाओं को हर माह पोषाहार के रूप में चने की दाल, दलिया व खाद्य तेल मिलता है। शासन ने पोषाहार वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए सभी लाभार्थियों का चेहरा पोषण ट्रैकर एप पर जून तक अपडेट करने के निर्देश दिए थे। हालांकि इसकी समय सीमा बढ़ाकर 30 जुलाई कर दी गई है।
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अब पोषाहार लेने के लिए लाभार्थियों को चेहरा स्कैन करना होगा। दो महीने से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सेंटरों पर प्रमाणीकरण का कार्य कर रही हैं, लेकिन कई लाभार्थियों के साथ सबसे बड़ी समस्या यह आ रही है कि उनके चेहरे पर बिंदी व सिंदूर लगा होने के कारण चेहरे का पुराने आधार से मिलान नहीं हो पा रहा है। कई महिलाएं ऐसी हैं, जिनका आधार 10 से 15 वर्ष पहले बना हुआ है और अब चेहरे में बदलाव आ जाने के कारण स्कैनिंग के दौरान मिलान नहीं हो पा रहा है। कई ऐसे भी लाभार्थी हैं, जिन्होंने आधार से लिंक मोबाइल नंबर बंद कर दिया या फिर सिम गुम हो गया है। इस तरह की समस्याएं पोषणाहार पाने में परेशानी बन रहे हैं।
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केस-1
आधार में फोटो नहीं थी साफ, कराना पड़ा अपडेट
रूरा के तिगाई गांव की राधा ने बताया कि तीन दिन से चेहरा प्रमाणीकरण के लिए सेंटर का चक्कर लगा रही हैं। आधार कार्ड पुराना व फोटो साफ अपलोड न होने की वजह से चेहरा स्कैन नहीं हो पा रहा था। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने कई बार प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। आधार को अपडेट कराने के बाद ही एप पर चेहरा स्कैन हो सका।
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केस 2
माथे से हटाई बिंदी तब डाटा हुआ अपडेट
गहोलिया गांव की प्रीती और गुड़िया का आधार कार्ड करीब 12 साल पहले का बना था। उस समय इनकी शादी नहीं हुई थी। टीम को उनके घर पहुंचने पर स्कैन के दौरान उनका चेहरा मैच नहीं किया। टीम के कहने पर माथे की बिंदी और सिंदूर को हटाने के बाद चेहरा स्कैन हुआ। इसके बाद एप पोर्टल पर डाटा अपडेट हो सका।
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वर्जन-
जिले में अभी तक कुल 65493 लाभार्थियों का चेहरा प्रमाणीकरण हो चुका है, जो कि 68 प्रतिशत है। शतप्रतिशत कार्य के लिए 30 जुलाई की तिथि नियत की गई है। प्रमाणीकरण के दौरान कई स्थानों पर बिंदी व सिंदूर लगे होने से समस्या आ रही है। जिसे लाभार्थियों को बता आधार अपडेट कराया जा रहा है। जल्द ही सभी लाभार्थियों का प्रमाणीकरण पूर्ण हो जाएगा। - डॉ. आरबी सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी, कानपुर देहात