फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Nupur from kanpur won 12.50 lakhs in KBC

यूपी: उन्नाव की बेटी नूपुर ने केबीसी में जीते 12.50 लाख, बोलीं- जीत की रकम से बनवाएंगी अपना घर

Sat, 24 Aug 2019 05:53 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 24 Aug 2019 05:53 PM IST
विज्ञापन
Nupur from kanpur won 12.50 lakhs in KBC
नूपुर ने केबीसी में जीते 12.50 लाख - फोटो : अमर उजाला
अपने दम पर कुछ कर गुजरने के हौसले के सहारे जिंदगी को आगे बढ़ा रही दिव्यांग नूपुर ने टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति में 12 सवालों के सही जवाब देते हुए 12.50 लाख रुपये जीते हैं। वह इस धनराशि से पहले अपना घर बनवाना चाहती हैं।
विज्ञापन


उन्नाव की बीघापुर तहसील के छोटे से गांव कपूरपुर निवासी किसान रामकुमार सिंह मुन्ना व गृहणी कल्पना सिंह की बेटी नूपुर सिंह चौहान जन्म से ही पैरों से दिव्यांग हैं। नूपुर ने 12 सवालों के सही जवाब देकर 12.50 लाख रुपये जीते हैं। नूपुर ने बताया कि वह इस रकम से सबसे पहले अपना घर बनवाएंगी। घर का बाहरी हिस्सा कच्चा है, जिससे उसे आने-जाने में तकलीफ होती है।
विज्ञापन


एक सवाल के जवाब में बताया कि वह ट्राईसाइकिल पर बैठने से डरती है। इसी वजह से अब तक तीन लोगों से मिली ट्राईसाइकिल दूसरे जरूरतमंदों को दे दीं। अमिताभ बच्चन ने जब यह पूछा कि वह ट्राईसाइकिल पर बैठने से क्यों डरती हैं। तो बताया कि उसे लगता है कि अगर वह इसमें बैठीं तो फिर खड़ी नहीं हो पाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

अपनी जिंदगी का पहला कदम 8 साल 3 माह की उम्र में रखा था। अब वह जिंदगी में किसी के सहारे नहीं चलना चाहतीं। शो के दौरान नूपुर ने अपनी अंग्रेजी की शिक्षक अपर्णा से बात की। नूपुर ने बताया कि आज वह जहां भी हैं, उसके पीछे उनकी अंग्रेजी शिक्षक की कड़ी मेहनत है। उन्होंने हमेशा हौसला बढ़ाया। 12.50 की रकम जीतने पर गांव और जिले के लोगों ने खुशी जताई। सभी ने उनके हौसले और हिम्मत को सराहा।

जीवन में आगे बढ़ने के लिए नहीं ली आरक्षण की मदद
नूपुर ने बताया कि निशक्त होने के बावजूद खुद को एक सामान्य इंसान की तरह ही महसूस किया। यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। बताया कि स्कूल हो या कॉलेज कभी दिव्यांग होने के कारण कोटे का लाभ नहीं लिया। ट्रिपल सी हो या बीएड की पढ़ाई, कभी विकलांग कोटे का लाभ नहीं लिया। हालांकि बीएड की पढ़ाई में आर्थिक तंगी के कारण दूसरे वर्ष में पढ़ाई छोड़ दी थी। अब वह कानपुर स्थित अपनी ननिहाल में नाना, नानी और मौसी सुमन चौहान के साथ रहती हैं और वहीं कोचिंग चलाती हैं। बताया कि कक्षा 10 तक के बच्चों को पढ़ाती हैं।

बेटी की सफलता पर परिवार को मिली बधाई
केबीसी में नूपुर ने रकम के साथ उन्नाव वालों के दिल भी जीत लिए। पैतृक गांव कपूरपुर में उनके किसान पिता राजकुमार सिंह चौहान और मां कल्पना सिंह सहित पूरे परिवार को अपनी बेटी पर नाज है। पिता व परिवार के लोगों को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। लोगों ने पिता को मिठाई खिलाकर बेटी की जीत की बधाई दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed