फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Now dispute over the land of Aapi Fanny Compound, Chairman of Church of India stakes claim

Kanpur: अब ऐपी फैनी कंपाउंड की जमीन पर विवाद, चर्च ऑफ इंडिया के चेयरमैन ने ठोका दावा, पढ़ें पूरा मामला

Thu, 08 Aug 2024 02:54 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Thu, 08 Aug 2024 02:54 PM IST
सार

Kanpur News: मामले में तहरीर मिलने पर पुलिस कमिश्नर ने एडिशनल सीपी मुख्यालय को जांच सौंपी है।  विवादित जमीन कर्नलगंज थानाक्षेत्र में है, जिसकी मौजूदा कीमत 100 करोड़ रुपये है।

विज्ञापन
Now dispute over the land of Aapi Fanny Compound, Chairman of Church of India stakes claim
नजूल प्रॉपर्टी का मामला - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में  सिविल लाइंस स्थित मैरी एंड मैरी स्कूल कंपाउंड की जमीन के बाद अब 100 करोड़ की चुन्नीगंज स्थित ऐपी फैनी कंपाउंड की जमीन पर विवाद खड़ा हो गया है। जमीन सलीम बिरयानी के कब्जे में हैं और दावेदारों की संख्या बढ़ रही है। बुधवार को पुलिस कमिश्नर के यहां बिशप ऑफ लखनऊ चर्च ऑफ इंडिया और लखनऊ डायोसीसन ट्रस्ट एसोसिएशन के पदेन चेयरमैन मोस्ट रेव. जॉन अगस्टीन ने कब्जेदारों को लेकर शिकायती पत्र दिया है।

विज्ञापन

पुलिस कमिश्नर ने मामले की जांच एडिशनल सीपी मुख्यालय को सौंप दी है। सेंट मैरीज स्कूल पारा रोड राजाजीपुरम लखनऊ निवासी जॉन अगस्टीन बुधवार दोपहर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। सीपी अखिल कुमार से कहा कि कानपुर में चर्च की संपत्तियां हैं, जो कब्जा कर बेची जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐपी फैनी कंपाउंड की जमीन 80-90 करोड़ की है। इसे सलीम बिरयानी ने फर्जी तरह से खरीदा है और अब उसकी कई रजिस्ट्रियां हो गई हैं।  सलीम को यह जमीन आगरा के कुछ लोगों ने बेची है, जो एक संस्था बनाकर काम कर रहे हैं।

विज्ञापन

इस संपत्ति पर एनसीएलटी कोर्ट का स्टे ऑर्डर भी है। जॉन अगस्टीन ने बताया कि उन्होंने एक पीआईएल संख्या 1523 सन 2000 में दाखिल की थी। प्रयागराज उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच ने सात अप्रैल 2004 को आदेश किया। इसे लेकर शासनादेश भी जारी हुआ। उसमें कहा गया था कि रिकार्ड मैनुअल तथा नजूल मैनुअल के अंतर्गत क्रिश्चियन मिशनरियों, चर्च, कब्रिस्तानों एवं इस आशय की दर्ज जमीनों को किसी भी व्यक्ति द्वारा बेचने, खरीदने, बंधक करने तथा पट्टा करने का अधिकार नहीं होगा। उसके बाद भी भू माफियाओं ने जमीन की खरीद फरोख्त की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed