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कानपुर: फर्जी फर्म बनाकर हड़पी 2.65 करोड़ की आईटीसी, फर्म संचालक के खिलाफ दी गई तहरीर
Tue, 22 Sep 2026 09:42 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Tue, 22 Sep 2026 09:42 PM IST
सार
एसजीएसटी अफसरों ने डाटा एनालिसिस से फर्जी फर्म पकड़ी। पनकी रतनपुर में घोषित पते पर नहीं मिली। 1.20 करोड़ की आईटीसी ब्लॉक की गई।
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एसजीएसटी
- फोटो : amar ujala
विस्तार
राज्य कर विभाग कानपुर की विशेष अनुसंधान शाखा रेंज बी ने पनकी रतनपुर रिहायशी क्षेत्र में फर्जी फर्म का खुलासा किया है। फर्म ने दो करोड़ 65 लाख रुपये से ज्यादा की फर्जी इनपुट कर क्रेडिट हड़पी है। मामले में फर्म संचालक के खिलाफ तहरीर दी गई है। इसके अलावा एक करोड़ 20 लाख की आईटीसी ब्लाक कर दी गई है।
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विभाग को गोपनीय सूचना और विभागीय डेटा विश्लेषण के आधार पर फर्म के खिलाफ जानकारी मिली थी। 16 सितंबर को पनकी रोड स्थित फर्म मेसर्स शिवांग ट्रेडर्स के व्यापार स्थल की जांच की गई। डेटा विश्लेषण में सामने आया कि फर्म कथित तौर पर फर्जी और रद्द फर्मों से आपूर्ति प्राप्त कर रही थी और आगे बड़ी मात्रा में अन्य फर्मों को आपूर्ति दिखा रही थी। विभाग के अनुसार इन लेन-देन के लिए आवश्यक ई-वे बिल भी जारी नहीं किए जा रहे थे।
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वित्तीय वर्ष 2026-27 में सितंबर तक फर्म ने पंजीकृत करदाताओं को करीब 2.65 करोड़ रुपये की फर्जी आईटीसी हस्तांतरित की। जांच के दौरान पता रिहायशी क्षेत्र में मिला। स्थानीय लोगों ने वहां किसी फर्म के संचालन से इन्कार किया। पोर्टल पर दर्ज मोबाइल नंबर भी अमान्य मिला। विभाग ने पंजीकरण रद्द करने के लिए संबंधित अधिकारी को पत्र भेजा है। फर्म के इनपुट कर क्रेडिट खाता बही में उपलब्ध एक करोड़ 20 लाख रुपये की इनपुट कर क्रेडिट को रोक दिया गया है। संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई चल रही है।
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