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आग से बचाव के प्रबंध न होने पर सात अस्पतालों के प्रभारियों को नोटिस

Fri, 04 Jun 2021 12:36 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 04 Jun 2021 12:36 AM IST
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Notice to the in-charge of seven hospitals for non-availability of fire prevention
कानपुर देहात। सरकारी व निजी अस्पतालों में आग से सुरक्षा के इंतजामों की अनदेखी जान पर भारी पड़ सकती है। इसे देखते हुए शासन के निर्देश पर अस्पतालों में फायर ऑडिट शुरू किया गया है। सात अस्पतालों में फायर ऑडिट पूरा हो गया है। इनमें आग काबू करने के लिए जरूरी उपकरण व अन्य संसाधन नहीं मिले हैं। इस पर अस्पताल प्रभारियों को नोटिस दिया गया है।
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कानपुर कार्डियोलॉजी के आईसीयू में 28 मार्च को आग लगने की घटना हुई थी। हादसे में दो बुजुर्ग मरीजों की मौत हो गई थी, जबकि अन्य मरीजों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट कराना पड़ा था। वहीं आग काबू करने में दमकल जवानों को मशक्कत करनी पड़ी थी। इसको देखते हुए शासन के गृह अनुभाग के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने 25 मई को अस्पतालों में फायर ऑडिट के निर्देश दिए थे।
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डीएम जेपी सिंह व एसपी केशव कुमार चौधरी ने टीम 9 की समीक्षा बैठक में मुख्य अग्निशमन अधिकारी को जिले के सरकारी व निजी अस्पतालों में आग बुझाने के संसाधनों का ऑडिट कराने को कहा था।
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अब तक रूरा व गजनेर सीएचसी, पीएचसी सरवनखेड़ा, न्यू पीएचसी रनियां व कोरवाखुर्द तथा रायपुर व रूरा के एक-एक निजी अस्पताल में फायर ऑडिट कराया गया है। अस्पतालों में केवल अग्निशमन यंत्र मिले हैं। अग्निशमन अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि आग बुझाने के जरूरी संसाधन नहीं मिलने पर सभी अस्पताल प्रभारियों को नोटिस दिया गया है।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सरकारी व निजी अस्पतालों में फायर ऑडिट कराया जा रहा है। जरूरी संसाधन न मिलने वाले अस्पताल प्रभारियों को नोटिस दी जा रही है। इसकी रिपोर्ट डीएम, एसपी, सीएमओ, एसपी फायर मुख्यालय और शासन को भी भेजी जाएगी।

- सुरेंद्र सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, कानपुर देहात।
सीएचसी/पीएचसी में ये संसाधन जरूरी
कम से कम चार अग्निशमन यंत्र
5 हजार लीटर का एक ओवरहेड वाटर टैंक
पानी चढ़ाने के लिए एक वाटर पंप
ऊपर की टंकी से नीचे पानी लाने वाला पाइप (डाउन कमर)
पानी की बौछार के लिए होजरील पाइप
मैनुअल फायर अलार्म सिस्टम
26 अस्पतालों में नहीं मिले थे अग्रिशमन यंत्र
कानपुर देहात। अग्रिशमन विभाग ने बीते वर्ष भी फायर ऑडिट कराया था। जिले में सरकारी व निजी मिलाकर कुल 45 अस्पतालों में फायर ऑडिट हुआ था। इसमें 26 अस्पतालों में आग बुझाने के लिए प्रारंभिक उपकरण अग्रिशमन यंत्र तक नहीं मिले थे। इसमें रुरवाहार, मलासा, औनहा, मलगांव, न्यू रनियां व सरवनखेड़ा सरकारी अस्पताल शामिल हैं।
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