कानपुर। कानपुर जीएसटी सीए एसोसिएशन की ओर से शनिवार को आर्यनगर स्थित क्लब में इनपुट टैक्स क्रेडिट विषय पर गोष्ठी हुई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि यदि कोई विक्रेता टैक्स वसूलने के बाद उसे सरकार के पास जमा नहीं करता तो क्रेता को आईटीसी का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि भविष्य में विक्रेता की ओर से टैक्स जमा करने पर क्रेता उस आईटीसी का हकदार हो जाएगा।
मुख्य वक्ता सीए वैभव जाजू ने वर्ष 2017 के बाद विभिन्न हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि इनपुट टैक्स क्रेडिट जीएसटी का आधार है। प्रत्येक पंजीकृत व्यापारी को इसका लाभ मिलना चाहिए। बशर्ते वह कानून की शर्तों को पूरा करते हों। उन्होंने कहा कि 13 सीटों तक के पैसेंजर वाहनों की खरीद, मरम्मत, रखरखाव और बीमा पर आईटीसी ब्लॉक रहता है। जब तक कि वाहन बिक्री, ड्राइविंग स्कूल या यात्री परिवहन के व्यवसाय में न हो। चोरी हुए, नष्ट हुए, लिखे गए सामान या मुफ्त सैंपल, उपहार के रूप में दिए गए माल पर क्रेडिट नहीं लिया जा सकता। सीए अतुल मेहरोत्रा और एसोसिएशन के अध्यक्ष सीए शिशिर शुक्ला ने कहा कि करदाताओं के आईटीसी अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए लेकिन कानून के विपरीत काम करने वालों के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई भी जरूरी है। इस मौके पर सीए शैलेश शर्मा, राजेश कनौडिया, दीप मिश्रा, राजीव गुप्ता, राहुल चंद्रा, एसके अवस्थी, आकाश गुप्ता, शुभम ओमर, आनंद गुप्ता, जगदीश जायसवाल, संजय अग्रवाल, सूर्यांश अग्रवाल, शरद सिंघल आदि थे।