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Irfan Solanki Case: आगजनी मामले में इरफान-रिजवान को जमानत नहीं, शौकत की जमानत अर्जी पर सुनवाई पांच को

Fri, 23 Dec 2022 12:31 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 23 Dec 2022 12:31 PM IST
सार

जाजमऊ आगजनी मामले में सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है। उन पर प्लॉट पर कब्जा करने की नीयत से आग लगाने का आरोप है। वहीं, एक दिन पहले फर्जी आधार कार्ड मामले में भी विधायक समेत सात की जमानत अर्जी खारिज हुई थी।

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No bail for Irfan Rizwan in arson case, hearing on Shaukats bail application on 5 jan
इरफान सोलंकी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में जाजमऊ स्थित प्लॉट पर कब्जे को लेकर की गई आगजनी के मामले में आरोपी सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान की जमानत अर्जी जिला जज संदीप जैन ने खारिज कर दी है। इसी मुकदमे में गिरफ्तारी से बचने के लिए इरफान ने फर्जी आधार कार्ड के जरिये हवाई यात्रा की थी।

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ग्वालटोली थाने में इसका अलग मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में भी इरफान समेत सभी सात आरोपियों की जमानत अर्जी बुधवार को कोर्ट ने खारिज कर दी थी। अभियोजन की ओर से डीजीसी दिलीप अवस्थी, एडीजीसी रवींद्र अवस्थी व ओंकारनाथ वर्मा ने तर्क रखा।
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उन्होंने कहा कि जाजमऊ डिफेंस कॉलोनी स्थित प्लॉट पर कब्जे की नीयत से सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान ने 40-50 लोगों की मदद से प्लॉट पर रहने वाली नजीर फातिमा के घर में सात नवंबर को आग लगा दी थी। प्लॉट खाली करने के लिए अक्सर लोगों को भेजकर धमकी भी दिलाते थे।

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इरफान के खिलाफ अलग-अलग थानों में 13 मुकदमे भी दर्ज हैं। इनका आपराधिक इतिहास है। प्लॉट के मालिक भले ही रिजवान हों, लेकिन प्लॉट पर कब्जा नजीर का है। कब्जा खाली कराने के लिए विधायक द्वारा अपनाया गया तरीका गलत है। इसलिए दोनों जमानत के हकदार नहीं हैं।

बेटे को आग में झोंकने की कोशिश
अभियोजन ने नजीर के बेटे शमशुल के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि घटना के दिन नजीर परिवार के साथ भतीजे के वलीमा में शामिल होने गईं थीं। कुछ सामान भूल जाने की वजह से नजीर का बेटा शमशुल हसन उर्फ शालू घर लौटा, तो देखा कि इरफान और रिजवान 40-50 अन्य लोगों के साथ घर में आग लगा रहे थे। विरोध पर उसे मारा पीटा और आग में झोंकने की कोशिश की।

पटाखे नहीं, ज्वलशील पदार्थ से लगी आग
घटना के बाद जांच के लिए पहुंची फोरेंसिक टीम के अधिकारियों ने भी घटनास्थल से अधजले कपड़े, लकड़ियां, बैटरी, सोफे आदि के नमूने लिए थे। घटनास्थल से ज्वलनशील पदार्थ की बोतल भी बरामद हुई थी। पटाखे का कोई तत्व नहीं मिला था। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि हुई है कि आग पटाखे से नहीं बल्कि ज्वलनशील पदार्थ के कारण लगी थी।

बचाव में रखा पक्ष
इरफान और रिजवान की ओर से बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेशचंद्र त्रिपाठी ने तर्क रखा कि जिस प्लॉट पर कब्जे की बात कही जा रही है, उसका पंजीकृत विक्रय पत्र रिजवान के नाम पर है। विवादित भूमि को लेकर मुकदमे कोर्ट में विचाराधीन हैं। कोर्ट ने दोनों पक्षों को यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दे रखा है।

इसके बावजूद 19 नवंबर को विवादित भूखंड पर वादिनी द्वारा निर्माण शुरू कराया गया था, जिसे क्षेत्रीय लोगों के विरोध के बाद पुलिस ने रुकवाया। रिजवान ने भूखंड के पंजीकृत स्वामी जावेद असलम से उक्त विवादित भूखंड खरीदा। प्लाट पर किसी ने आग नहीं लगाई बल्कि बच्चों के पटाखे से दुर्घटनावश लग गई। सीसीटीवी फुटेज से भी यह बात साफ हो रही है। घटना के समय इरफान और रिजवान दोनों ही घटनास्थल से काफी दूर थे।

शौकत की जमानत अर्जी पर सुनवाई पांच को
आगजनी मामले में पुलिस ने एक अन्य आरोपी शौकत अली को भी जेल भेजा है। शौकत की ओर से भी जमानत अर्जी कोर्ट में दाखिल की गई थी। एडीजीसी रवींद्र अवस्थी ने बताया कि पुलिस आख्या न आने के कारण अगली तारीख की मांग की गई जिस पर कोर्ट ने सुनवाई के लिए पांच जनवरी की तारीख दी है।

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