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इटावा: टीईटी के फर्जी प्रमाणपत्र से नौकरी हासिल करने वाले नौ शिक्षक बर्खास्त
Sun, 12 Jan 2020 04:55 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 12 Jan 2020 04:55 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
इटावा में शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ष 2011 के फर्जी अंकपत्र के सहारे परिषदीय विद्यालयों में नौकरी करने वालों पर अब कार्रवाई शुरू हो गई है। शासन के आदेश पर गठित की गई जांच समिति ने जिले में तैनात 9 शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। बर्खास्तगी के दायरे में आने वाले एक शिक्षक विकास यादव प्रावि छिरियाहार की वर्ष 2018 में मौत हो चुकी है।
बीएसए ने 9 शिक्षकों की बर्खास्तगी आदेश भी जांच समिति के पास भेज दिया है। वर्ष 2012 के बाद जिले में नियुक्त किए गए शिक्षकों की शासन से जांच कराई जा रही है। इसमें दो प्रकार की जांच कराई जा रही है। एक तो वे शिक्षक हैं जो आगरा विश्वविद्यालय से वर्ष 2005 में बीएड प्रशिक्षण के आधार पर नौकरी कर रहे हैं।
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बीएसए ने 9 शिक्षकों की बर्खास्तगी आदेश भी जांच समिति के पास भेज दिया है। वर्ष 2012 के बाद जिले में नियुक्त किए गए शिक्षकों की शासन से जांच कराई जा रही है। इसमें दो प्रकार की जांच कराई जा रही है। एक तो वे शिक्षक हैं जो आगरा विश्वविद्यालय से वर्ष 2005 में बीएड प्रशिक्षण के आधार पर नौकरी कर रहे हैं।
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दूसरे वे जिन्होंने वर्ष 2011 का टीईटी उत्तीर्ण प्रमाण पत्र संलग्न किया है। टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों की जांच शासनादेश संख्या 1205(2) / अरसठ-1-18-10(67)/2018 दिनांक 20 जुलाई 2018 के अनुसार गठित की गई समिति कर रही है।
इस समिति में एडीएम, एएसपी, एडीबेसिक कानुपर को शामिल किया गया है। जांच समिति ने टीईटी 2011 के प्रमाणपत्रों की आनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों तरह से जांच कराई। इस प्रकरण मेें कुल 49 शिक्षकों की नियुक्ति हुई है।
इस समिति में एडीएम, एएसपी, एडीबेसिक कानुपर को शामिल किया गया है। जांच समिति ने टीईटी 2011 के प्रमाणपत्रों की आनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों तरह से जांच कराई। इस प्रकरण मेें कुल 49 शिक्षकों की नियुक्ति हुई है।
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जिनके प्रमाणपत्रों की जांच कराई गई। इसमें 9 शिक्षकों के प्रमाणपत्रों में त्रुटियां पाई गई। तीन सदस्यीय समिति की 29 नवंबर 2019 को हुई बैठक में सभी 9 शिक्षकों को बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया।
इसके बाद बीएसए अजय कुमार सिंह ने जिले में तैनात 9 शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया। बर्खास्त होने वाले शिक्षकों में आकाश कुमार प्रावि भोया, अरविंद कुमार प्रावि गता, धर्वेंद्र सिंह प्रावि बिहार, रत्नेश कुमार प्रावि बिठौली, संदीप सिह प्रावि छिबरौली, पूनम कुमारी प्रावि नगला सेवा, सुनील यादव प्रावि सिंडौस, विजय यादव प्रावि विंडवाकला, योगेंद्र यादव प्रावि सोने का पुरा शामिल हैं।
इसके बाद बीएसए अजय कुमार सिंह ने जिले में तैनात 9 शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया। बर्खास्त होने वाले शिक्षकों में आकाश कुमार प्रावि भोया, अरविंद कुमार प्रावि गता, धर्वेंद्र सिंह प्रावि बिहार, रत्नेश कुमार प्रावि बिठौली, संदीप सिह प्रावि छिबरौली, पूनम कुमारी प्रावि नगला सेवा, सुनील यादव प्रावि सिंडौस, विजय यादव प्रावि विंडवाकला, योगेंद्र यादव प्रावि सोने का पुरा शामिल हैं।
इससे पूर्व बीएसए ने 23 शिक्षकों को बर्खास्त किया था। जिले में आगरा विवि आगरा से वर्ष 2005 में बीएड डिग्री के आधार पर 57 शिक्षक नियुक्त हुए थे। इनमें से 23 के बीएड प्रमाणपत्रों में त्रुटियां पाई गई। इसके बाद पिछले सप्ताह ही 23 शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है।
इस प्रकार बीएड 2005 एवं टीईटी 2011 दोनों तरह के कुल 106 शिक्षकों की जांच में अभी तक 32 शिक्षक बर्खास्त किए जा चुके हैं। जांच समिति के अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव ने 9 शिक्षकों की बर्खास्तगी की पुष्टि की।
इस प्रकार बीएड 2005 एवं टीईटी 2011 दोनों तरह के कुल 106 शिक्षकों की जांच में अभी तक 32 शिक्षक बर्खास्त किए जा चुके हैं। जांच समिति के अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव ने 9 शिक्षकों की बर्खास्तगी की पुष्टि की।