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चित्रकूट: तेंदुआ पकड़ने के लिए लगवाए नाइट विजन कैमरे, सीएफओ ने डाला डेरा, ग्रामीणों को मुखौटे वितरित के दिए आदेश
Tue, 01 Dec 2020 11:17 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 01 Dec 2020 11:17 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
चित्रकूट जिले के अमृतपुर में सीएफओ (चीफ फॉरेस्ट ऑफिसर) ने मंगलवार को गांव पहुंच कर तेंदुआ के पंजों के निशान देखे और पेड़ों पर नाइट विजन कैमरे लगवाए। डीएफओ को निर्देश दिए कि ग्रामीणों को मुखौटे बांटे जाएं।
कोई भी ग्रामीण खुले में शौच करने न जाए। पंजों के निशान से शेर होने का अनुमान लगाया जा रहा है। तहसील क्षेत्र के गांव उदयपुर कंचनपुर में कई दिनों से तेंदुआ का आतंक है। सोमवार को एक ग्रामीण पर तेंदुए के हमले के बाद से ग्रामीण खेतो में जाने से कतराने लगे हैं।
तेंदुआ पर नजर रखने के लिए कानपुर के क्षेत्रीय वन अधिकारी लल्लू सिंह ने गांव पहुंचकर नाइट विजन कैमरे पेड़ों और बिजली के पोलों पर लगाए। इससे पता चल जाएगा की कितने क्षेत्र में तेंदुए का आना जाना है।
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ये भी पता लगेगा कि तेंदुआ ही है या और कोई जानवर। उधर, तेंदुआ अब तक न पकड़ में न आने की जानकारी डीएफओ पीके उपाध्याय ने उच्च अधिकारियों को दी थी। इसके बाद कानपुर से आए डॉ. आर के सिंह ने मंगलवार को सुबह 7 बजे गांव पहुंच कर तेंदुआ के पंजों के निशान देखे।
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कोई भी ग्रामीण खुले में शौच करने न जाए। पंजों के निशान से शेर होने का अनुमान लगाया जा रहा है। तहसील क्षेत्र के गांव उदयपुर कंचनपुर में कई दिनों से तेंदुआ का आतंक है। सोमवार को एक ग्रामीण पर तेंदुए के हमले के बाद से ग्रामीण खेतो में जाने से कतराने लगे हैं।
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तेंदुआ पर नजर रखने के लिए कानपुर के क्षेत्रीय वन अधिकारी लल्लू सिंह ने गांव पहुंचकर नाइट विजन कैमरे पेड़ों और बिजली के पोलों पर लगाए। इससे पता चल जाएगा की कितने क्षेत्र में तेंदुए का आना जाना है।
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ये भी पता लगेगा कि तेंदुआ ही है या और कोई जानवर। उधर, तेंदुआ अब तक न पकड़ में न आने की जानकारी डीएफओ पीके उपाध्याय ने उच्च अधिकारियों को दी थी। इसके बाद कानपुर से आए डॉ. आर के सिंह ने मंगलवार को सुबह 7 बजे गांव पहुंच कर तेंदुआ के पंजों के निशान देखे।
पंजे की फोटो खींचकर नाप की। कानपुर मंडल के मुख्य वन सरंक्षण अधिकारी के के सिंह भी मंगलवार को आ गए। उन्होंने ग्रामीणों से जानकारी की। गोशाला के नजदीक तालाब किनारे पंजों के निशान देखे।
उन्होंने डीएफओ पीके उपाध्याय को निर्देश दिए कि मुखौटे बनवा कर ग्रामीणों को वितरण कराए जाए। इनको पहन कर ही ग्रामीण घर से बाहर निकलें। तालाब के किनारे मिले पंजे के निशान का साइज ज्यादा बड़ा होने से उन्होंने शेर होने की आशंका जताई है।
केके सिंह ने ग्रामीणों से कहा कि खेतों में जाते समय सावधानी बरतें। कई लोग इकट्ठे होकर बातचीत करते हुए जाएं। रात के समय लालटेन साथ लेकर ही घरों से निकलें।
निगरानी को बनीं चार टीमें
तेंदुए की निगरानी के लिए वन विभाग के अधिकारियों ने चार टीमें बनाई हैं। डीएफओ ने बताया है कि चारों टीमें बुधवार सुबह 7 बजे गांव पहुंचेंगी। तेंदुआ के आने जाने वाले मार्ग को देखेंगी। जिस रास्ते से तेंदुआ आएगा उस रास्ते पर ताजे पंजे के निशान मिल सकते हैं।
उन्होंने डीएफओ पीके उपाध्याय को निर्देश दिए कि मुखौटे बनवा कर ग्रामीणों को वितरण कराए जाए। इनको पहन कर ही ग्रामीण घर से बाहर निकलें। तालाब के किनारे मिले पंजे के निशान का साइज ज्यादा बड़ा होने से उन्होंने शेर होने की आशंका जताई है।
केके सिंह ने ग्रामीणों से कहा कि खेतों में जाते समय सावधानी बरतें। कई लोग इकट्ठे होकर बातचीत करते हुए जाएं। रात के समय लालटेन साथ लेकर ही घरों से निकलें।
निगरानी को बनीं चार टीमें
तेंदुए की निगरानी के लिए वन विभाग के अधिकारियों ने चार टीमें बनाई हैं। डीएफओ ने बताया है कि चारों टीमें बुधवार सुबह 7 बजे गांव पहुंचेंगी। तेंदुआ के आने जाने वाले मार्ग को देखेंगी। जिस रास्ते से तेंदुआ आएगा उस रास्ते पर ताजे पंजे के निशान मिल सकते हैं।