कुशाग्र हत्याकांड में नया खुलासा: रचिता ने घर फोनकर पूछा... 'कोई पत्र तो नहीं आया', लेटर में लिखी थीं ये बातें
जांच में सामने आया है कि कुशाग्र की हत्या अपहरण के कई घंटे बाद की गई। फिरौती के लिए घर में फेंका गया पत्र और कुशाग्र की ट्यूटर रही रचिता की बातें कुछ इसी तरफ इशारा कर रही हैं।
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कानपुर के रायपुरवा में रहने वाले शहर के एक बड़े कपड़ा कारोबारी के पौत्र की सोमवार रात अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। उसका शव फजलगंज के ओमपुरवा में महिला ट्यूशन टीचर रचिता के बॉयफ्रेंड प्रभात के घर से मिला है। जांच में सामने आया है कि कुशाग्र की हत्या अपहरण के कई घंटे बाद की गई। फिरौती के लिए घर में फेंका गया पत्र और कुशाग्र की ट्यूटर रही रचिता की बातें कुछ इसी तरफ इशारा कर रही हैं।
रचिता ने घर में फोन कर भी पूछा था कोई पत्र तो नहीं आया। प्रभात के परिचित शिवा गुप्ता ने जो फिरौती का पत्र कुशाग्र के घर फेंका था, उसे पढ़कर पुलिस को पहले यही लगा कि मामला सांप्रदायिक हो सकता है। वजह पत्र में लिखा था, मैं नहीं चाहता कि आपका त्योहार बर्बाद हो। आप मेरे हाथ में पैसा रखो और लड़का एक घंटे बाद आपके पास होगा। हम कल आपको फोन करेंगे। इसके बाद धार्मिक नारा और धार्मिक उन्माद भड़काने जैसी भाषा लिखी है। वही भी सही नहीं है। इसी से पुलिस ने अंदाजा लगाया कि इसे लिखने वाला दूसरे संप्रदाय का नहीं होगा और पढ़ा लिखा कम है।
ऐसे पुलिस को हुआ शक
पत्र भेजने वाले के कल फोन करने की बात लिखने से प्रतीत होता है आरोपी फिरौती की रकम वसूलने के लिए कुछ वक्त इंतजार करना चाहते थे। अगर ऐसा नहीं था, तो अगले दिन फोन करने की बात क्यों लिखी। वहीं, आरोपी रचिता ने रात करीब साढ़े नौ बजे कुशाग्र के छोटे भाई आदि के फोन पर फोन किया। फोन आदि के मामा अभिषेक ने रिसीव किया। 46 सेंकेंड की बातचीत के दौरान रचिता ने कहा कि कुशाग्र का कुछ पता चला। रचिता ने कहा कि आदि हमारी स्कूटी के बारे में पूछ रहा था। मेरी स्कूटी तो मेरे पास है, हम तो ट्यूशन पढ़ाकर लौट रहे । आदि के पूछने पर उसका बीपी बढ़ गया है।
एक होमगार्ड का बेटा तो दूसरा हैलट कैंटीन का कर्मचारी
मुख्य आरोपी प्रभात शुक्ला पनकी थाने में तैनात होमगार्ड सुनील शुक्ला का बेटा है। डीएवी से बीएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह लौंग और इलाइची का होलसेल काम करता था, लेकिन पिछले दो साल से वह कुछ नहीं कर रहा था। उसका साथी शिवा हैलट इमरजेंसी कैंटिन में कर्मचारी है।
कुशाग्र के पिता शहर के बड़े कपड़ा कारोबारी
रायपुरवा के आर्चायनगर स्थित श्री भगवती विला अपार्टमेंट निवासी कुशाग्र के पिता मनीष कनौडिया शहर के बडे़ कपड़ा कारोबारी हैं। सूरत में भी कपड़े का बड़ा कारोबार है उनका पीरोड में कनोडिया मैचिंग, जनरलगंज में मां शितला एजेंसी, लखनऊ में श्री राधे कृष्ण साड़िस व मनीष कुमार सुमीत कुमार एंड संस के नाम से फर्म है। इस फर्म के जरिए वह कपड़े का कारोबार करते हैं। इनका गुजरात के सूरत में भी कपड़े का बड़ा कारोबार है। इसके चलते वह ज्यादा समय सूरत में ही रहते हैं। वहीं, लखनऊ का व्यापार उनके छोटे भाई सुमीत कनौडिया संभालते हैं। मनीष के परिवार में पत्नी सोनिया, दो बेटे कुशाग्र (16), आदी (13) व छह माह की बेटी आरू है।