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भतीजे, दोस्त ने किया था डबल मर्डर
अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 16 Jul 2015 01:57 AM IST
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नौबस्ता के खाड़ेपुर में मां-बेटी की हत्या सगे भतीजे दीपेश ने अपने दोस्त अंशू के साथ की थी। उन्होंने पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश बनाई थी लेकिन ऐसा कर नहीं सके। पहले दोनों ने स्वाती उर्फ श्वेता को गला दबाकर मारा। फिर सहेली के घर से लौटी ताई को भी उसी अंदाज में ढेर कर दिया।
इसके बाद दीपेश ने खुद ब्लेड से शरीर में घाव बनाया और घर के ही एक हिस्से में खुद को बंधवाकर अंशू को नगदी-जेवर समेत भगा दिया। अंशू को लूट के माल में हिस्सा देने का लालच दिया था। पुलिस ने दोनाें से लूटा गया माल भी बरामद कर लिया।
बता दें कि 13 जुलाई को खाड़ेपुर कालोनी में रहने वाले फैक्ट्री कर्मी शिव कुमार यादव की पत्नी उर्मिला(50) और बेटी स्वाती उर्फ श्वेता(20) की हत्या उन्हीं के घर में की गई थी। मौके पर शिवकुमार का भतीजा दीपेश घायल हालत में बंधा मिला था। शिव कुमार यादव ने दीपेश, उसके पिता विजय सिंह यादव और उसके दो मामा के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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एसएसपी शलभ माथुर ने बुधवार शाम अपने कैंप ऑफिस में हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि दीपेश के शरीर पर जो घाव थे, उसे देखते ही डॉक्टर को शक हो गया था। दीपेश ने पुलिस को भटकाने की काफी कोशिश की। पहले अकेले दोनों की हत्या करने की बात कही।
फिर दोस्त जैकी का नाम लिया। जैकी से आमना-सामना कराने पर झूठ सामने आ गया। फिर दीपेश ने अपने दोस्त अंशू मौर्या का नाम कबूला। पुलिस अंशू को उठा लाई। आमना-सामना कराने पर हत्याकांड का राजफाश हुआ। अंशू मौर्या पनकी ईडब्लूएस रतनपुर कालोनी निवासी छोटे लाल मौर्य का बेटा है।
छोटे लाल मौर्य एक फर्म में सिक्योरिटी मैनेजर हैं। अंशू और दीपेश पहले एकसाथ फैक्ट्री में काम करते थे। एसएसपी ने बताया कि घटना में इन दोनों के अलावा नामजद आरोपियों की संलिप्तता की भी जांच कराई जा रही है।
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इसके बाद दीपेश ने खुद ब्लेड से शरीर में घाव बनाया और घर के ही एक हिस्से में खुद को बंधवाकर अंशू को नगदी-जेवर समेत भगा दिया। अंशू को लूट के माल में हिस्सा देने का लालच दिया था। पुलिस ने दोनाें से लूटा गया माल भी बरामद कर लिया।
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बता दें कि 13 जुलाई को खाड़ेपुर कालोनी में रहने वाले फैक्ट्री कर्मी शिव कुमार यादव की पत्नी उर्मिला(50) और बेटी स्वाती उर्फ श्वेता(20) की हत्या उन्हीं के घर में की गई थी। मौके पर शिवकुमार का भतीजा दीपेश घायल हालत में बंधा मिला था। शिव कुमार यादव ने दीपेश, उसके पिता विजय सिंह यादव और उसके दो मामा के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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एसएसपी शलभ माथुर ने बुधवार शाम अपने कैंप ऑफिस में हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि दीपेश के शरीर पर जो घाव थे, उसे देखते ही डॉक्टर को शक हो गया था। दीपेश ने पुलिस को भटकाने की काफी कोशिश की। पहले अकेले दोनों की हत्या करने की बात कही।
फिर दोस्त जैकी का नाम लिया। जैकी से आमना-सामना कराने पर झूठ सामने आ गया। फिर दीपेश ने अपने दोस्त अंशू मौर्या का नाम कबूला। पुलिस अंशू को उठा लाई। आमना-सामना कराने पर हत्याकांड का राजफाश हुआ। अंशू मौर्या पनकी ईडब्लूएस रतनपुर कालोनी निवासी छोटे लाल मौर्य का बेटा है।
छोटे लाल मौर्य एक फर्म में सिक्योरिटी मैनेजर हैं। अंशू और दीपेश पहले एकसाथ फैक्ट्री में काम करते थे। एसएसपी ने बताया कि घटना में इन दोनों के अलावा नामजद आरोपियों की संलिप्तता की भी जांच कराई जा रही है।