जन्म से पहले...नवजात की मौत: रिकॉर्ड में लगा दी गई वैक्सीन, स्वास्थ्य विभाग में मची खलबली, जानें क्या है मामला
Kannauj News: प्रसव के समय मौत के बाद भी नवजात को रिकॉर्ड में तीन बर्थ डोज लगाने का मामला आने पर विभाग में हड़कंप मचा है। विभाग के जिम्मेदार अब इस मामले की लीपा-पोती में लगे हैं।
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कन्नौज जिले के तालग्राम कोतवाली क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रसव वार्ड में दुनिया में आने से पहले नवजात की मौत हो गई। जन्म के बाद लगाने वाली वैक्सीन डोज प्रसव रजिस्टर के रिकॉर्ड में लगा दी गई। बर्थ डोज दर्शाने का मामला प्रकाश में आने से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची है।
विभाग के लोग इसे भूल मान रहे हैं। नवजात को बीमारियों से बचाने के लिए जन्म से 28 दिन तक बीसीजी, ओपीवी, हेपेटाइटिस बी वैक्सीन डोज लगा कर सुरक्षा कवच प्रदान किया जाता है। प्रसव के समय मौत के बाद भी नवजात को रिकॉर्ड में तीन बर्थ डोज लगाने का मामला आने पर विभाग में हड़कंप मचा है।
विभाग के जिम्मेदार अब इस मामले की लीपा-पोती में लगे हैं। बताया जा रहा है कि थाना क्षेत्र के ताहपुर निवासी नौशाद अली की पत्नी शबाना को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने पांच फरवरी 2023 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालग्राम के प्रसव वार्ड में भर्ती कराया। नवजात की प्रसव के दौरान मौत हो गई।
एमओआईसी बोले- नर्स से भूलवश रजिस्टर में अंकित हुआ
ड्यूटी पर तैनात नर्स ने प्रसव रजिस्टर में नवजात को बीसीजी, ओपीवी, हेपेटाइटिस बी बर्थ डोज लगाने दर्शा दिया। जो रिकॉर्ड रजिस्टर में मौजूद है। जबकि नौशाद ने बताया कि उनका नवजात मृत अवस्था में पैदा हुआ था। कोई वैक्सीन नहीं लगाई गई थी। एमओआईसी डॉ. कुमारिल मैत्रेय ने बताया नर्स से भूलवश रजिस्टर में अंकित हो गया।
स्टाफ नर्स को चार्ज देने में नियम की अनदेखी
नियम ताक में रखकर संविदा मेंटल नर्स के पास प्रसव वार्ड का चार्ज दिया गया है। जबकि स्टाफ नर्स की तैनाती होते हुए चार्ज नहीं दिया जा रहा है। मेंटल नर्स को केवल उप केंद्रों पर तैनात एएनएम को समय समय पर प्रशिक्षण देने का कार्य होता है, लेकिन वह प्रसव करा रही है।