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Kanpur News: समाजकल्याण विभाग की लापरवाही, तीन छात्रों को नहीं मिली छात्रवृत्ति

Thu, 01 May 2025 02:16 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 01 May 2025 02:16 AM IST
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Negligence of the social welfare department, three students did not get scholarship
कानपुर। समाजकल्याण विभाग की लापरवाही के कारण पंजाब के फिरोजपुर यूनिवर्सिटी के तीन दशमोत्तर छात्र छात्रवृत्ति पाने से वंचित रह गए। एसीएम की जांच में विभाग की पोल खुली है। एनआईसी ने अनुक्रमांक डिस्मैच होने की रिपोर्ट लगाई थी। जिसका सत्यापन कराने के लिए छात्रों ने दिसंबर माह में आवेदन की हार्डकापी समाजकल्याण विभाग को भेज दी थी लेकिन विभाग के पटल बाबू और अधिकारियों ने कुछ देखा नहीं। 17 मार्च के बाद समस्या का निस्तारण करने का प्रयास किया गया लेकिन पोर्टल बंद कर दिया गया और गलती सुधारने का मौका ही समाप्त हो चुका था।
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एक माह पहले जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सीएम डैश बोर्ड की समीक्षा के दौरान समाजकल्याण विभाग की लापरवाही के कारण 697 छात्रों की छात्रवृत्ति न मिलने का मामला पकड़ा था। डीएम ने छात्रों के भविष्य को देखते हुए शासन को पत्र लिखकर एक दिन के लिए पोर्टल खुलवाया था। पंजाब के फिरोजपुर स्थित शहीद भगत सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले अभिषेक सिंह, सौरभ गुप्ता और श्लोक कुमार का डाटा पोर्टल पर डिस्मैच दिखने के कारण विभाग ने डिलीट कर दिया था। तीनों छात्र छात्रवृत्ति से वंचित भी हो गए थे। तीनों की शिकायत पर जिलाधिकारी से की थी। मामले की जांच एसीएम तृतीय यादवेंद्र सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय और जिला दिव्यांग कल्याण अधिकारी को सौंपी। विभाग के बाबुओ ने छात्रों से आवेदन पत्र की हार्ड कांपी मांगी थी। छात्रों ने अपने आवेदन पत्र दिसंबर में समाजकल्याण विभाग को कोरियर के माध्यम से भेज दिए थे। विभाग के जिम्मेदारों ने छात्रों के आवेदन पत्रों को खोलकर देखा ही नहीं। अपने बचाव में विभाग के बाबुओं ने कहा कि छात्रों की हार्ड कापी विभाग सीधे नहीं ले सकता, स्कूल की तरफ से सत्यापित होकर आना चाहिए था। छात्रों की हार्डकापी 17 मार्च के बाद बाबुओं ने खोलकर देखी तब तक पोर्टल भी बंद हो चुका था। इस कारण छात्र छात्रवृत्ति के लाभ से वंचित रह गए।
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वर्जन
टीम ने जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। विभाग की लापरवाही सामने आई है। जल्द ही जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी
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