NEET UG Result 2021: रसोई को बनाया घर, वेंडर का बेटा बनेगा डॉक्टर, उमेश ने नीट यूजी में पाई ऑल इंडिया 9905वीं रैंक
उमेश ने रोज नौ घंटे पढ़ाई की। इनके 10वीं में 73.66 और 12वीं में 80 प्रतिशत अंक थे। उमेश ने बताया कि सफलता पर पिता ने स्टेशन पर सबको लड्डू बांटे हैं।
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मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है। ये लाइन नीट यूजी में ऑल इंडिया 9905वीं रैंक पाने वाले उमेश कुमार शुक्ला पर बिल्कुल सटीक बैठती है। आर्थिक तंगी के कारण उमेश ने काकादेव में किराये पर रहने के लिए दो हजार रुपये में एक रसोई ली। इसमें बने प्लेटफार्म पर वह सोते हैं और यहीं पढ़ाई करते हैं।
नेशनल एलिजबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) यूजी में शहर के तीन सौ से अधिक परीक्षार्थियों ने सफलता पाई है। मूल रूप से बहराइच के बरभवनपुरवा के रहने वाले उमेश ने नीट यूजी में 624 स्कोर किया है। इनकी ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में रैंक 1337वीं है।
पिता कृष्णानंद शुक्ला बहराइच स्टेशन पर वेंडर और मां उमा देवी गृहिणी हैं। उन्होंने कहा कि पिता को गांव में लोगों ने बताया था कि डॉक्टरी की पढ़ाई में बहुत पैसा लगता है। इस पर उन्होंने मुझसे कहा कि बीएससी कर लो और नौकरी तलाशो।
इसके बाद उमेश ने अवध विवि फैजाबाद से बीएससी की पढ़ाई शुरू की और खुद ही नीट की तैयारी में जुट गए। इस बीच कानपुर के एक कोचिंग संचालक से बात हुई तो उन्होंने मेरी स्थिति देखते हुए केवल पांच सौ रुपये फीस लेकर कोचिंग में पढ़ाया। दूसरी लहर में उमेश कोरोना संक्रमित हो गए थे पर उन्होंने हिम्मत न हारी।
उमेश ने रोज नौ घंटे पढ़ाई की। इनके 10वीं में 73.66 और 12वीं में 80 प्रतिशत अंक थे। उमेश ने बताया कि सफलता पर पिता ने स्टेशन पर सबको लड्डू बांटे हैं। उमेश प्रयागराज या गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई करना चाहते हैं।
मां का सपना पूरा करने में जुटे दीपराज
फतेहपुर निवासी दीपराज सिंह ने जनरल कैटेगरी में 13469वीं और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में 1914वीं रैंक पाई है। पिता भूपेंद्र सिंह बुक स्टॉल संचालक और मां किरन सिंह गृहिणी हैं। इन्होंने कानपुर के आरएसपुरम में रहकर कोचिंग की। उन्होंने बताया कि मां का सपना था कि मैं डॉक्टर बनूं, इसे मुझे पूरा करना है। दीपराज ने रोजाना सात से आठ घंटे पढ़ाई की। यह फिजीशियन बनना चाहते हैं। इनके 10वीं में 92 और 12वीं में 87.4 प्रतिशत अंक थे।
हेड कांस्टेबल का बेटा बनेगा डॉक्टर
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद यूपीएससी पास करके कलक्टर बनना चाहता हूं। यह कहना है कल्याणपुर आवास विकास तीन निवासी शिवम नारायण सिंह का। शिवम ने 631 स्कोर के साथ जनरल कैटेगरी में 7925वीं और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में 1011वीं रैंक पाई है। पिता बृजेश सिंह पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबल और मां कमलेश कुमारी गृहिणी हैं। इन्होंने केवी आईआईटी से 10वीं में 93 और 12वीं 84.6 प्रतिशत अंक पाए थे। चौथे प्रयास में इनको सफलता मिली है।