फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   NEET Aspirant Breaks Down Over Anxiety Sleepless Nights Watching Reels Doctors Alarmed

UP: सारी रात देखते रहते रील... एंजाइटी होती फील, स्क्रीन से बिगड़ता न्यूरो केमिकल का सांमजस्य

Thu, 17 Jul 2025 03:08 PM IST
शाहरुख खान रजा शास्त्री, अमर उजाला, कानपुर
रजा शास्त्री, अमर उजाला, कानपुर Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 17 Jul 2025 03:08 PM IST
सार

Mobile Reel Addiction: सारी रात देखते रील रहते हैं। इससे एंजाइटी फील होती है। युवा इंटरनेट सिंड्रोम के शिकंजे में फंसते जा रहे। चिंतित माता-पिता बच्चों को लेकर अस्पताल भाग रहे हैं। बच्चे अनिद्रा का शिकार हो रहे हैं। मस्तिष्क में उथल-पुथल रहती है। मन में अजीब किस्म के भ्रम पनपते हैं।

विज्ञापन
NEET Aspirant Breaks Down Over Anxiety Sleepless Nights Watching Reels Doctors Alarmed
मोबाइल फोन का इस्तेमाल - फोटो : Freepik

विस्तार

UP Latest News: मंगलवार दोपहर 12 बजे कानपुर के हैलट के मनोरोग विभाग की ओपीडी में विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. धनंजय चौधरी और दूसरे सहयोगी डॉक्टरों के चेहरों पर तनाव की लकीरें खिंच गईं। डॉक्टर बनने के लिए काकादेव से नीट की कोचिंग कर रही छात्रा फफक कर कहती रही कि ब्रेकअप हो गया। 
विज्ञापन


रात भर रील देखते रहते हैं, एंजाइटी फील होती है। पैनिक अटैक पड़ने लगते हैं तो फिर रील देखने लगते हैं। गंदी रील सबसे अधिक देखते हैं। मंगलवार की ही ओपीडी में एक दूसरा केस नौबस्ता में रहने वाले 21 साल के युवक का आया। 
विज्ञापन


वह रो-रोकर कहता रहा कि मुझे डर लगता है। डॉ. चौधरी ने पूछा कि किससे डर लगता है तो उसने आंखें नीचे झुका लीं, फिर कुछ नहीं बोला। तब उसके पिता कहने लगे कि पता नहीं मोबाइल फोन पर क्या देखता रहा। एक दिन डर गया था, तब से सो नहीं रहा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


खाना भी नहीं खाता है। पूरा घर परेशान है। स्क्रीन की लत के कारण युवाओं में इंटरनेट सिंड्रोम के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. चौधरी का कहना है कि रोगी अब गंभीर लक्षण लेकर आने लगे हैं। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई चौपट हो जा रही है और कॅरिअर दांव पर लगने लगे हैं। 

ये रोगी सोते नहीं हैं, मस्तिष्क में उथल-पुथल रहती है। अजीब किस्म के भ्रम जेहन में पनपते हैं। विभाग में आने वाले इस तरह के जटिल 24 मामलों की हिस्ट्री का अध्ययन किया जा रहा है।

बाल मनोचिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. कृतिका चावला ने बताया कि एक 20 साल का युवक लगातार थूकता रहता है। वह कहता है कि अगर उसने थूकना बंद किया तो माता-पिता मर जाएंगे। जितना वह थूकेगा, उतने वे सुरक्षित रहेंगे। इसके अलावा कुछ रोगियों ने दावा किया कि उन्हें ग्रीक देवी-देवता नजर आते हैं जो उनसे बात करते हैं। एक रोगी लगातार अपने मन में नंबर डायल करता है। उसका कहना है कि उसकी तरह का एक व्यक्ति और है जिसका नंबर मिला रहा है।

स्क्रीन से बिगड़ता न्यूरो केमिकल का सांमजस्य
स्क्रीन लगातार देखने का दुष्प्रभाव मस्तिष्क पर आता है। इससे न्यूरो केमिकल का सामंजस्य बिगड़ता है। इसके साथ ही ऑब्सेशन हो जाता है। इसकी वजह से दिक्कत आती है। इसके साथ ही नींद न लेने का दुष्प्रभाव रहता है। -डॉ. धनंजय चौधरी, विभागाध्यक्ष, मनोरोग

ऐसे पहचानें बच्चों की दिक्कत

  • घर वालों से बात करना बंद कर दे
  • निगाह मिलाकर बात न करे और चिड़चिड़ाए
  • खाना ढंग से न खाएं, छोटी बात पर अधिक गुस्सा करे
  • घर में अकेला बैठा रहे, मुस्कराए और भौंहें चढ़ाए
  • आंखें चढ़ी-चढ़ी रहें जैसे नशे में हों

इन बातों का रखें ध्यान
  • बच्चे से प्यार से बातें करें खासकर जो उसे पसंद हों
  • उसके मोबाइल देखने की अवधि सीमित कर दें
  • उसे बाहर घुमाने के लिए ले जाएं
  • साइकोलॉजिस्ट से उसकी काउंसलिंग कराएं
  • घर का माहौल खुशनुमा रखें
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed