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नवरात्रि 2018: कलश पूजन से लेकर कन्या भोज तक जानें सबकुछ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 11 Oct 2018 07:58 AM IST
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आदिशक्ति मां जगदम्बा की आराधना का पर्व नवरात्रि (Navratri 2018) आज हो शुरू हो रही है। पहला और दूसरा नवरात्र दस अक्तूबर यानि आज है। दूसरी तिथि का क्षय माना गया है। अर्थात मां शैलपुत्री और ब्रह्मचारिणी देवी की आराधना एक ही दिन की होगी। इस बार पंचमी तिथि में वृद्धि है। 13 और 14 अक्तूबर दोनों दिन पंचमी रहेगी। पंचमी तिथि स्कंदमाता का दिन है। नवरात्रि पर कलश स्थापना व कन्या पूजन का विशेष महत्व माना गया है। इसलिए जरूरी है कि मां के पूजन के साथ विधि विधान से कलश स्थापना व कन्या पूजन किया जाए।
विधि विधान से करें कलश स्थापना
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- नवरात्रि के पहले दिन स्नान आदि कार्य से निव्रत होकर गणेश जी का नाम लेकर पूजन शुरू करें।
- मां दुर्गा के नाम की अखंड ज्योति जलाएं।
- इसके बाद एक मिट्टी के पात्र में मिट्टी भरकर उसमें जौ के बीज डालें।
- तांबे का लोटे या कलश पर मौली बांधें और उस पर स्वास्तिक बनाएं।
- लोटे पर कुछ बूंद गंगाजल डालकर उसमें दूब, साबुत सुपारी, अक्षत, पुष्प आदि अर्पित करें।
- अब कलश के ऊपर आम या अशोक के 5 पत्ते लगाएं।
- कलश के ऊपर नारियल को लाल चुनरी में लपेटकर रखें।
- मां दुर्गा के नाम की अखंड ज्योति जलाएं।
- इसके बाद एक मिट्टी के पात्र में मिट्टी भरकर उसमें जौ के बीज डालें।
- तांबे का लोटे या कलश पर मौली बांधें और उस पर स्वास्तिक बनाएं।
- लोटे पर कुछ बूंद गंगाजल डालकर उसमें दूब, साबुत सुपारी, अक्षत, पुष्प आदि अर्पित करें।
- अब कलश के ऊपर आम या अशोक के 5 पत्ते लगाएं।
- कलश के ऊपर नारियल को लाल चुनरी में लपेटकर रखें।
कलश स्थापना के लिए पूजन सामग्री
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लाल रंग का आसन, मिट्टी का पात्र, जौ, कलश के नीचे रखने के लिए मिट्टी, पुष्प, कलश, मौली, लौंग, इलायची, कपूर, रोली, साबुत सुपारी, चावल, अशोका या आम के 5 पत्ते, नारियल, चुनरी, सिंदूर, फल-फूल, माता का श्रृंगार और फूलों की माला।
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इसलिए की जाती है कलश स्थापना
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कलश स्थापना को घट स्थापना भी कहा जाता है। मान्यता है कि कलश स्थापना मां दुर्गा का आह्वान है और शक्ति की देवी का नवरात्रि से पहले वंदना शुभ मानी जाती है। यह भी मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान कलश स्थापना से मां घरों में विराजमान रहकर अपनी कृपा बरसाती हैं। इसलिए नवरात्रि में कलश स्थापना का विशेष महत्व है।
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नवरात्रि के दौरान इन बातों का रखें विशेष ध्यान
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- नवरात्रि के दौरान लहसुन, प्याज और मांसाहार ना खाएं। नवरात्रि भर शराब और तंबाकू से भी दूरी बनाए रखें।
- नाखून, बाल, शेव ना करवाएं, इस दौरान बच्चों का मुंडन संस्कार भी नहीं करवाना चाहिए।
- व्रती नवरात्रि भर गुस्सा न करें, साथ ही किसी से अपशब्द न कहें।
- नवरात्रि के दौरान नियम संयम का खास ध्यान रखें।
- नवरात्रि के दौरान दिन में नहीं सोना चाहिए।
- जिन लोगों ने घर में मां दुर्गा की अखंड ज्योति जलाई है वो लोग घर को अकेला न छोड़ें।
- नाखून, बाल, शेव ना करवाएं, इस दौरान बच्चों का मुंडन संस्कार भी नहीं करवाना चाहिए।
- व्रती नवरात्रि भर गुस्सा न करें, साथ ही किसी से अपशब्द न कहें।
- नवरात्रि के दौरान नियम संयम का खास ध्यान रखें।
- नवरात्रि के दौरान दिन में नहीं सोना चाहिए।
- जिन लोगों ने घर में मां दुर्गा की अखंड ज्योति जलाई है वो लोग घर को अकेला न छोड़ें।