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UP: नौटंकी के हास्य कलाकार रंपत का निधन, एक साल से चल रही थी डायलिसिस, चार दिन पहले पड़ा था ब्रेन हेमरेज

Tue, 07 May 2024 10:32 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 07 May 2024 10:32 AM IST
सार

Kanpur News: रंपत ने 12 साल की उम्र में पहली बार और 64 की उम्र में अंतिम बार राजा हरिश्चंद्र नाटक में अभिनय किया था। परिजनों ने बताया कि एक साल से उर्सला में डायलिसिस चल रही थी। वहीं, चार दिन पहले ब्रेन हेमरेज पड़ा था और इलाज के दौरान हैलट में मौत हो गई।

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Nautanki comedian Rampat passes away, was undergoing dialysis for a year, had brain hemorrhage four days ago
हास्य कलाकार रंपत का निधन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नौटंकी में द्विअर्थी संवाद और अदाकारी से लोगों के दिलों में जगह बनाने वाले कलाकार रंपत सिंह भदौरिया सोमवार को दुनिया से रुखसत हो गए। वह 64 साल के थे। चार दिन पहले उन्हें ब्रेन हेमरेज पड़ा था। हैलट इमरजेंसी में उन्होंने सोमवार को आखिरी सांस ली। अभिनय की शुरूआत उन्होंने 12 साल की उम्र में राजा हरिश्चंद्र नौटंकी से की थी और आखिरी बार 28 अप्रैल को उन्नाव में इसी नौटंकी में हिस्सा लेकर दुनिया छोड़ी।

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इस तरह उन्होंने नौटंकी को 52 साल जिया। नौटंकी की हास्य अभिनय विधा के माहिर रंपत का जन्म 17 जुलाई 1960 को कल्याणपुर में हुआ था। पिता राघवेंद्र सिंह भदौरिया पुलिस में थे। पिता के इकलौते बेटे होने से लाड़-दुलार भरपूर मिला। पर, उनका दिल नौटंकी में लग गया। 12 साल की उम्र में अभिनय की शुरूआत कर दी। पढ़ाई पर ध्यान न लगा और बारहवीं में फेल हो गए।

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उनके अभिनय का जादू लोगों के सिर चढ़ता गया। 45 साल तक रंपत के साथ नक्कारा बजाने वाले हरिश्चंद्र ने बताया कि पहले वह दूसरों के थिएटर में काम करते थे। फिर 1990 में रंपत हरामी नाम से अपनी कंपनी बना ली। कंपनी का नाम अजीब सा था तो लोगों के जुबां पर चढ़ गया और देश-विदेश तक लोग इसे जानने लगे। इसके बाद कई बार कंपनी का नाम बदला और आखिरी बार इसका नाम रंपत रानी बाला नौटंकी कर दिया।

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उर्सला में सप्ताह में दो दिन होती थी डायलिसिस
रंपत की बेटी निहारिका उर्फ कशिश, दामाद दिलीप सिंह ने बताया कि बीमारी के बाद भी वह नौटंकी में हिस्सा लेते रहे। उर्सला में सप्ताह में दो दिन उनकी डायलिसिस होती थी। फिर भी नौटंकी नहीं छोड़ी। 28 अप्रैल को उन्नाव के शिवानी खेड़ा में कार्यक्रम करके आए थे और मंगलवार को उन्हें नौटंकी के लिए गोंडा जाना था। वह चार दिन पहले बिस्तर से नीचे गिर गए थे। उसके बाद हालत गंभीर हो गई। अभी उनका परिवार बगाही बाबूपुरवा में रहता है।

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अवार्ड मिले, यू ट्यूब पर क्रेज
रंपत के अभिनय के दीवानों की यू ट्यूब पर भी कमी नहीं है। उनकी नौटंकी देश-विदेश में मशहूर है। आम आदमी से लेकर मेडिकल छात्र, आईआईटीयंस और दूसरे पेशों के लोग भी उन्हें पसंद करते हैं। उन्हें सरस सलिल अवार्ड-2018 तथा मेलों के दर्जनों अवार्ड मिले हैं। संगीत नाट्य अकादमी समेत विभिन्न संगीत संस्थान अपने कार्यक्रमों में उन्हें बुलाते थे।

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