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जब अहिल्या, सीता और द्रौपदी खुद बोलीं- ‘हम सिर्फ देह नहीं’
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 03 Apr 2017 11:47 PM IST
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यह संदेश दिया गया कि महिलाएं पुरुषों से कम नहीं
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सांस्कृतिक केन्द्र वाराणसी की ओर से किए जा रहे राष्ट्रीय नाट्य आंदोलन में रंगकर्मियों के एक से एक बेहतरीन डायलॉग सुनकर लोग हक्का बक्का रह गए। छठवें दिन वाराणसी में आयोजित नाट्य आंदोलन के दौरान कानपुर के कलाकारों ने अहिल्याबाई, सीता और द्रौपदी के प्रसंग से नारी की अस्मिता से जुड़े प्रश्नों को उठाया।
यह संदेश दिया गया कि महिलाएं पुरुषों से कम नहीं हैं। उन्हें आगे बढ़ाने की जरूरत है। इस मौके पर कानपुर के वरिष्ठ रंगकर्मी डॉ. ओमेन्द्र वर्मा को सेतु राष्ट्रीय नाट्य सम्मान से नवाजा गया। वर्मा ने कहा कि हिन्दी रंगमंच के पुरोधा भारतेन्दु हरिशचंद की कर्मस्थली काशी में उनके 32 वर्ष की यात्रा को प्रतिष्ठा मिलना मन को उल्लासित करता है। कार्यक्रम में महिला कलाकारों ने नाटक ‘हम सिर्फ देह नहीं’ का जबरदस्त मंचन भी किया। इस दौरान वरिष्ठ रंगकर्मी सलीम राजा व बड़ी संख्या में कलाप्रेमी मौजूद रहे।
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यह संदेश दिया गया कि महिलाएं पुरुषों से कम नहीं हैं। उन्हें आगे बढ़ाने की जरूरत है। इस मौके पर कानपुर के वरिष्ठ रंगकर्मी डॉ. ओमेन्द्र वर्मा को सेतु राष्ट्रीय नाट्य सम्मान से नवाजा गया। वर्मा ने कहा कि हिन्दी रंगमंच के पुरोधा भारतेन्दु हरिशचंद की कर्मस्थली काशी में उनके 32 वर्ष की यात्रा को प्रतिष्ठा मिलना मन को उल्लासित करता है। कार्यक्रम में महिला कलाकारों ने नाटक ‘हम सिर्फ देह नहीं’ का जबरदस्त मंचन भी किया। इस दौरान वरिष्ठ रंगकर्मी सलीम राजा व बड़ी संख्या में कलाप्रेमी मौजूद रहे।
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