UP: दो सौ हेक्टेयर में बनेगा मल्टी लॉजिस्टिक पार्क, क्षेत्रीय लोगों को मिलेगा रोजगार, ट्रैफिक का दबाव भी होगा कम
एनसीआर के बाद कानपुर को बड़ा लॉजिस्टक हब बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए मल्टी लॉजिस्टिक पार्क का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए सरसौल और चौबेपुर के बीच प्रशासन जमीन उपलब्ध कराएगा।
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कानपुर जिले को लॉजिस्टिक हब के तौर पर विकसित करने के लिए 200 हेक्टेयर भूमि पर नेशनल हाईवे एथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की नेशनल हाइवेज लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड कंपनी मल्टी लॉजिस्टिक पार्क बनाएगी। जिला प्रशासन के निर्देश पर एसडीएम बिल्हौर और नर्वल ने सरसौल और चौबेपुर में दो-दो सौ हेक्टेयर की जमीन चिह्नित करना शुरू कर दिया है, जिसे पार्क बनाने के लिए प्रस्तावित किया जा रहा है। इसमें सरसौल को इस पार्क को स्थापित करने के लिए ज्यादा उपयुक्त माना जा रहा है।
कंपनी इन जमीनों की फिजिबिलिटी देखने के बाद इसपर अंतिम फैसला लेगी। पार्क बनने पर आसपास के क्षेत्र के करीब पांच हजार लोगों को सीधे तौर पर जबकि करीब 10 हजार लोगों को परोक्ष रूप से लाभ मिलेगा। इसके अलावा केंद्रीय प्रोजेक्ट के लिए जमीन का चार गुना की दर से अधिग्रहण भी होगा जिससे भी किसानों और स्थानीय लोगों को मुआवजे के तौर पर लाभ मिल सकता है। अभी तक कंपनी ने एनसीआर में चार लॉजिस्टिक पार्क बनाने के लिए अलग अलग जगह चिह्नित कर पार्क बनाने की कवायद भी शुरू कर दी है।
ऐसे काम करेगा लॉजिस्टिक पार्क
किसी दूसरे राज्य या शहर से जब कानपुर में माल आएगा तो वह शहर के अंदर आने की बजाय सीधे इसी 200 हेक्टेयर में बनने वाले लॉजिस्टिक पार्क के कोल्ड स्टोरेज में रखा जाएगा। इसके बाद जरूरत के अनुसार इन गोदामों से सामान शहर के भीतर पहुंचाया जाएगा। पूरे देशभर में इस तरह के पार्क के नेटवर्क की वजह से खाद्य उत्पादों की सप्लाई में खासकर इजाफा होगा। इस व्यवस्था से ट्रक ऑपरेटरों की लागत कम होगी जिसकी वजह से उत्पादों के दाम में भी कमी आएगी।
शहर पर कम होगा बड़े वाहनों के ट्रैफिक का दबाव
लॉजिस्टिक पार्क बनने के बाद बड़े वाहनों की शहर के भीतर आमद कम हो जाएगी। इस वजह से शहर के भीतर प्रदूषण कम होेने के साथ ही ट्रैफिक जाम की समस्या से भी निजात मिल जाएगी। क्योंकि पार्क से शहर के भीतर सामान जरूरत के अनुसार आएगा, ऐसे में नए और छोटे वाहन स्वामियों को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे।