सपा संरक्षक मुलायम सिंह और बेटे अखिलेश यादव में दूरियों की कड़वाहट खत्म होती दिख रही है। दरअसल ये यूं ही नहीं हो रहा। शिवपाल को साइडलाइन करने और टूटती सपा को बचाने के पीछे की कहानी कोई और लिख रहा है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने पिता व पूर्व सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव से गुरुवार को अचानक मिलने उनके विक्रमादित्य मार्ग स्थित घर पहुंच गए। दोनों में 45 मिनट तक बातचीत हुई। मुलायम सिंह यादव द्वारा नई पार्टी बनाए जाने से इनकार किए जाने को दोनों के रिश्तों में नई नजदीकियों के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि सूत्रों का दावा है कि मुलायम अब भी सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष पद देने की जिद पर अड़े हैं।
ये भी कहा जा रहा है कि अखिलेश चाहते हैं कि उनके पिता 5 अक्तूबर को आगरा में होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन में शामिल हों। सपा में रार के बाद से एक जनवरी 2017 को अखिलेश ने लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में सपा सांसद रामगोपाल यादव की पहल पर राष्ट्रीय सम्मेलन बुलाकर मुलायम सिंह यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से हटा दिया था, तब से मुलायम उनसे खिन्न थे। उस दौरान दोनों की चंद मुलाकातें जरूर हुईं लेकिन बाद में मुलायम द्वारा प्रेस कांफ्रेंस करने और अखिलेश को धोखा देने की बात करने पर दोनों के रिश्तों में तल्खी आ गई थी।
अखिलेश ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की और साथ ही 5 अक्टूबर को आगरा में होने वाली पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन का भी न्यौता दिया है। नेता जी ने इसे स्वीकार भी किया है,जिससे उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल फिर से पैदा हो गई है।
सपा प्रवक्ता सुनील साजन की मानें तो हम सब के आदर्श और पार्टी को बनाने वाले मुलायम सिंह यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज मुलाकात के लिए नेताजी के घर गए और उन्हें राष्ट्रीय अधिवेशन ने शामिल होने का न्यौता दिया। नेताजी ने जिसे बकायदा स्वीकार किया और अधिवेशन में शामिल होने की अपनी स्वीकृति राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दी।