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कुछ मत पूछिए, जो होना था हो गया ः निरंजन ज्योति
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sun, 07 Dec 2014 02:17 AM IST
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‘अब उस मुद्दे पर कुछ मत पूछिए, जो होना था हो गया।’ शनिवार को सेंट्रल स्टेशन पहुंचीं केंद्रीय मंत्री निरंजन ज्योति से पत्रकारों ने विवादास्पद टिप्पणी के बारे में पूछा तो उन्होंने यही जवाब दिया।
इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिली फटकार के बाद सांसद बैकफुट पर नजर आईं। वह दिल्ली से यहां शहीद बीएस वर्मा को श्रद्धांजलि देने आईं थीं।
करीब साढ़े तीन घंटे देरी से पहुंची श्रमशक्ति एक्सप्रेस से जैसी ही साध्वी निरंजन ज्योति निकलीं, वहां पहले से मौजूद मीडिया ने उनसे दिल्ली में की गई टिप्पणी और संसद में मचे हंगामे के बारे में पूछा। लेकिन वह जैसे कुछ बिना सुने ही आगे बढ़ गईं।
यहां से वे सीधे शहीद वर्मा को श्रद्धांजलि देने उनके घर पहुंचीं। जहां वर्मा की मां, पिता, बेटे और बेटी को पास बैठाकर उन्होंने सांत्वना दी।
बोलीं कि शहीद वर्मा देश के सपूत थे। उनके परिवार की जिम्मेदारी देश के हर नागरिक की है। सरकार उनका पूरा ध्यान रखेगी। सांसद निरंजन ज्योति शहीद वर्मा के समाधि स्थल भी गईं।
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वर्मा के बेटे ने केंद्रीय मंत्री को एक पत्र सौंपकर समाधि स्थल के आस-पास के क्षेत्र को पार्क के रूप में विकसित किया जाए। साथ ही वहां पर शहीद वर्मा की मूर्ति स्थापित की जाए।
शहीद के घर से केंद्रीय मंत्री जैसे ही निकलीं लोगों ने सवाल किया कि, शहीद की वर्दी का अपमान हुआ है। इस पर उनकी क्या प्रतिक्रिया है। वह बोलीं इस मामले में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ अपनी बात कह चुके हैं। मुझे कुछ नहीं कहना।
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इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिली फटकार के बाद सांसद बैकफुट पर नजर आईं। वह दिल्ली से यहां शहीद बीएस वर्मा को श्रद्धांजलि देने आईं थीं।
करीब साढ़े तीन घंटे देरी से पहुंची श्रमशक्ति एक्सप्रेस से जैसी ही साध्वी निरंजन ज्योति निकलीं, वहां पहले से मौजूद मीडिया ने उनसे दिल्ली में की गई टिप्पणी और संसद में मचे हंगामे के बारे में पूछा। लेकिन वह जैसे कुछ बिना सुने ही आगे बढ़ गईं।
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यहां से वे सीधे शहीद वर्मा को श्रद्धांजलि देने उनके घर पहुंचीं। जहां वर्मा की मां, पिता, बेटे और बेटी को पास बैठाकर उन्होंने सांत्वना दी।
बोलीं कि शहीद वर्मा देश के सपूत थे। उनके परिवार की जिम्मेदारी देश के हर नागरिक की है। सरकार उनका पूरा ध्यान रखेगी। सांसद निरंजन ज्योति शहीद वर्मा के समाधि स्थल भी गईं।
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वर्मा के बेटे ने केंद्रीय मंत्री को एक पत्र सौंपकर समाधि स्थल के आस-पास के क्षेत्र को पार्क के रूप में विकसित किया जाए। साथ ही वहां पर शहीद वर्मा की मूर्ति स्थापित की जाए।
शहीद के घर से केंद्रीय मंत्री जैसे ही निकलीं लोगों ने सवाल किया कि, शहीद की वर्दी का अपमान हुआ है। इस पर उनकी क्या प्रतिक्रिया है। वह बोलीं इस मामले में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ अपनी बात कह चुके हैं। मुझे कुछ नहीं कहना।