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फतेहपुर: मौरंग पट्टों का मामला, चार्जशीट की तैयारी में जुटी सीबीआई, जुटाए साक्ष्य
Wed, 09 Dec 2020 12:16 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 09 Dec 2020 12:16 AM IST
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सीबीआई
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सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद भी सपा शासन काल के आवंटित मौरंग पट्टे के मामले की जांच को आई सीबीआई टीम ने दूसरे दिन खनन कार्यालय में ही सुबह से शाम तक पड़ताल की। कुछ दस्तावेजों की फोटो कॉपी कराई। जिले में चौथी बार सीबीआई प्रकरण जांच को आई है।
इस बार टीम चार्जशीट की तैयारी में है। यह मामला तत्कालीन खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के कार्यकाल का है। मामले में तत्कालीन डीएम अभय निलंबित किए गए थे। यहां के दो पट्टेधारकों पर सीबीआई ने केस दर्ज किया था। डाक बंगले गेस्ट हाउस से सीबीआई सुबह 10 बजे खनन कार्यालय पहुंची।
यहां पुराने मौरंग खनन के दस्तावेज खंगाले। दोपहर करीब एक बजे सीबीआई ने एक घंटे के लिए कार्यालय छोड़ा। उसके बाद सीबीआई के विवेचक संदीप गौतम, हमीद राठी, फूल सिंह दोपहर 2 बजे कार्यालय लौटे और फिर से दस्तावेजों की जांच शुरू की।
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जांच के दौरान करीब 79 कागजों के फोटो कॉपी कराई और उन दस्तावेजों की अलग फाइल बनाई है। टीम जल्द ही केस में नामजद आरोपी असोथर वार्ड जिला पंचायत सदस्य सुखराज निषाद और उसके पार्टनर शिव सिंह को तलब कर सकती है। 2012 में सुखराज निषाद के नाम पर कोर्रा कनक और गुरुवल मौरंग खंड के पट्टों का रिनुवल किया गया था। जबकि कोर्ट ने पट्टों पर रोक लगा रखी थी। मामले की जांच बीजेपी सरकार आने पर 2017 से शुरू है।
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इस बार टीम चार्जशीट की तैयारी में है। यह मामला तत्कालीन खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के कार्यकाल का है। मामले में तत्कालीन डीएम अभय निलंबित किए गए थे। यहां के दो पट्टेधारकों पर सीबीआई ने केस दर्ज किया था। डाक बंगले गेस्ट हाउस से सीबीआई सुबह 10 बजे खनन कार्यालय पहुंची।
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यहां पुराने मौरंग खनन के दस्तावेज खंगाले। दोपहर करीब एक बजे सीबीआई ने एक घंटे के लिए कार्यालय छोड़ा। उसके बाद सीबीआई के विवेचक संदीप गौतम, हमीद राठी, फूल सिंह दोपहर 2 बजे कार्यालय लौटे और फिर से दस्तावेजों की जांच शुरू की।
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जांच के दौरान करीब 79 कागजों के फोटो कॉपी कराई और उन दस्तावेजों की अलग फाइल बनाई है। टीम जल्द ही केस में नामजद आरोपी असोथर वार्ड जिला पंचायत सदस्य सुखराज निषाद और उसके पार्टनर शिव सिंह को तलब कर सकती है। 2012 में सुखराज निषाद के नाम पर कोर्रा कनक और गुरुवल मौरंग खंड के पट्टों का रिनुवल किया गया था। जबकि कोर्ट ने पट्टों पर रोक लगा रखी थी। मामले की जांच बीजेपी सरकार आने पर 2017 से शुरू है।