{"_id":"5b3f3d764f1c1bad288b4f12","slug":"mortgage-against-bjp-government","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"'योगी के जमाने में दरोगा की हत्या थाने में' जैसे नारे लगाकर सपाइयों ने बीजेपी सरकार को कोसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'योगी के जमाने में दरोगा की हत्या थाने में' जैसे नारे लगाकर सपाइयों ने बीजेपी सरकार को कोसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 06 Jul 2018 04:07 PM IST
विज्ञापन
दरोगा की हत्या के विरोध में प्रदर्शन करते सपा विधायक और कार्यकर्ता
'मुख्यमंत्री योगी के जमाने में दरोगा की हत्या थाने' जैसे नारे लगाकर सपा विधायक ने अपने समर्थकों के साथ बीजेपी सरकार जमकर विरोध किया। गांधी प्रतिमा स्थल, फूलबाग में आयर्नगर विधायक अमिताभ बाजपेयी के नेतृत्व में थाना सजेती में हुए दरोगा हत्याकांड के विरोध में धरना दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान विधायक ने कहा कि कानपुर नगरवासियों के अंदर भय व्याप्त है। जब थाने के अंदर रहने वाले दरोगा की हत्या चाकूओं से गोदकर की गई, तो आम जनमानस अपने को सुरक्षित कैसे महसूस करेगा। धरना प्रदर्शन के दौरान यह मांग रखी गई कि घटना की उच्च जांच कर दरोगा के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। धरना प्रदर्शन में चंद्रेश सिंह, नीरज सिंह, मो. हसन रूमी, अंबर त्रिवेदी, कुतुबुद्दीन मंसूरी, अशोक केसरवानी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान विधायक ने कहा कि कानपुर नगरवासियों के अंदर भय व्याप्त है। जब थाने के अंदर रहने वाले दरोगा की हत्या चाकूओं से गोदकर की गई, तो आम जनमानस अपने को सुरक्षित कैसे महसूस करेगा। धरना प्रदर्शन के दौरान यह मांग रखी गई कि घटना की उच्च जांच कर दरोगा के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। धरना प्रदर्शन में चंद्रेश सिंह, नीरज सिंह, मो. हसन रूमी, अंबर त्रिवेदी, कुतुबुद्दीन मंसूरी, अशोक केसरवानी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
ये था पूरा मामला
दरोगा की हत्या के विरोध में प्रदर्शन करते सपा विधायक और कार्यकर्ता
दो दिन पहले कानपुर में थाने के अंदर दरोगा की बेरहमी से हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया था। घटना की जानकारी दूसरे दिन शाम को हो पाई। थाने के अंदर दरोगा की हत्या की सूचना मिलते ही एसएसपी अखिलेश कुमार और अन्य अधिकारी देर शाम मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू की। फोरेसिंक टीम को भी बुलाया गया।
मंगलवार को पूरे दिन थाने में नहीं दिखे पच्चालाल
मूलरूप से जनपद सीतापुर के थाना मानपुर के गांव रामपुर गढ़ी निवासी पच्चालाल गौतम (58) की बीते दिसंबर के महीने में घाटमपुर थाना सजेती में एचसीपी के पद पर तैनाती हुई थी। वह थाना परिसर में बने सरकारी आवास में रहते थे। बीते सोमवार को एचसीपी पच्चालाल ड्युटी करने के बाद अपने आवास पर चले गए। अगले दिन मंगलवार को वह पूरे दिन थाने में नहीं दिखे। शाम करीब 6.30 बजे के आसपास थाने के दीवान सुरेश पाल किसी कागज में हस्ताक्षर कराने के लिए उनके आवास पर गया।
मंगलवार को पूरे दिन थाने में नहीं दिखे पच्चालाल
मूलरूप से जनपद सीतापुर के थाना मानपुर के गांव रामपुर गढ़ी निवासी पच्चालाल गौतम (58) की बीते दिसंबर के महीने में घाटमपुर थाना सजेती में एचसीपी के पद पर तैनाती हुई थी। वह थाना परिसर में बने सरकारी आवास में रहते थे। बीते सोमवार को एचसीपी पच्चालाल ड्युटी करने के बाद अपने आवास पर चले गए। अगले दिन मंगलवार को वह पूरे दिन थाने में नहीं दिखे। शाम करीब 6.30 बजे के आसपास थाने के दीवान सुरेश पाल किसी कागज में हस्ताक्षर कराने के लिए उनके आवास पर गया।
विज्ञापन
शरीर पर कई जगह चाकू के घाव
थाना सजेती में दरोगा के आवास के बाहर खड़े एसएसपी और अन्य अधिकारी।
बाहर से किवाड़ भिड़े हुए थे। उसने जैसे ही किवाड़ खोले तो अंदर का नजारा देख सन्न रह गया। अंदर तख्त पर एचसीपी पच्चलाल की खून से सनी लाश पड़ी हुई थी और वह सिर्फ अंडरवियर पहने हुए था। दरोगा के शरीर पर कई जगह चाकू के घाव थे।
प्रारंभिक जांच में ये आया सामने
थाने के भीतर आवास में एचसीपी की हत्या की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार और एसपी ग्रामीण मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में हत्या किसी नजदीकी अथवा परिचित द्वारा किए जाने की आशंका है।
दरोगा ने की थीं दो शादियां
कानपुर घाटमपुर सजेती थाने में तैनात एचसीपी पच्चलाल की दो शादियां हुईं थीं। उसने दूसरा प्रेम विवाह हरदोई में तैनाती के दौरान किया था। दूसरी पत्नी से दो बेटियां बताई गई हैं। वहीं, जल्द ही वह सेवानिवृत्त भी होने वाले थे। पुलिस अधिकारी इस ओर भी जांच कर रहे हैं। पता लगाया जा रहा है कि बीते दो दिनों के दौरान एचसीपी से कौन मिलने आया और उनके कमरे में गया।
प्रारंभिक जांच में ये आया सामने
थाने के भीतर आवास में एचसीपी की हत्या की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार और एसपी ग्रामीण मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में हत्या किसी नजदीकी अथवा परिचित द्वारा किए जाने की आशंका है।
दरोगा ने की थीं दो शादियां
कानपुर घाटमपुर सजेती थाने में तैनात एचसीपी पच्चलाल की दो शादियां हुईं थीं। उसने दूसरा प्रेम विवाह हरदोई में तैनाती के दौरान किया था। दूसरी पत्नी से दो बेटियां बताई गई हैं। वहीं, जल्द ही वह सेवानिवृत्त भी होने वाले थे। पुलिस अधिकारी इस ओर भी जांच कर रहे हैं। पता लगाया जा रहा है कि बीते दो दिनों के दौरान एचसीपी से कौन मिलने आया और उनके कमरे में गया।