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Kanpur News: विकास कार्यों में सात करोड से अधिक खर्च, 64 पंचायतों ने नहीं दिया हिसाब

Sun, 02 Mar 2025 12:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Sun, 02 Mar 2025 12:26 AM IST
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More than seven crores spent on development works, 64 panchayats did not give accounts
कानपुर देहात। जिले की ग्राम पंचायतों में मनमाने तरह से कार्य कराए गए। करोड़ों रुपये खर्च कर देने के बाद भी पंचायतों के पास कोई लेखाजोखा नहीं रहा। वर्ष 2019-20 का ऑडिट कराया गया तो आपत्तियां लगा दी गईं। जिले की 64 ग्राम पंचायतों में करीब सात करोड़ का हिसाब नहीं मिला। अब पंचायती राज विभाग ने नोटिस जारी कर अभिलेख मांगे हैं। अभिलेख उपलब्ध न होने पर कार्रवाई की जाएगी।
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ग्राम पंचायतों में केंद्र और प्रदेश सरकार की कई योजनाओं के तहत गांव के विकास के लिए बजट जारी किया जाता है। इस राशि से गांव में ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव नाली, खडंजा, सीसी रोड का निर्माण, तालाबों का सौंदर्यीकरण और साफ-सफाई समेत अन्य कार्य कराते हैं। वर्ष 2019-20 में हुए विकास कार्यों का ऑडिट हुआ तो 64 ग्राम पंचायतें ऐसी मिलीं जिनमें सात करोड़ से ज्यादा का कोई लेखाजोखा नहीं मिला। किस मद में कितनी धनराशि खर्च की गई, बिल बाउचर भी उपलब्ध नहीं हैं।
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ऑडिट टीम ने इस धनराशि का दुरुपयोग मानते हुए आपत्ति लगाई और अभिलेख मांगे हैं। इधर बड़े पैमाने पर करोड़ों रुपये का हिसाब न मिलने पर अधिकारी भी सख्त हैं। ग्राम पंचायतों को एक सप्ताह का समय दिया गया है। समय से अभिलेख उपलब्ध करा कर हिसाब न देने वाली पंचायतों को गबन की श्रेणी मानते हुए विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
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इन पंचायतों में मिली गड़बड़ी
भेवान, टोडरपुर, अरसदपुर, असई, बैरीदरियाव, शोभन, नौबस्ता, भीखर, भीटी कुर्सी, थान हमीरपुर, खेड़ाकुर्सी, मौजपुर, तिश्ती, मल्हपुर, मुर्रा, रसूलाबाद देहात, अमरोहिया, रसूलपुर रसूलाबाद, मुनौरापुर, जमालपुर, रामपुर शिवली, बरार, रास्तपुर, देवगांव चक्कर उर्फ निभू, दस्तमपुर, मेघजाल, अटियारायपुर, बैरीसाल, जोत, सजावरपुर, मनावां रसूलाबाद, बर्राठर्रा, नौहा नौगांव, लालगांव, गदाईपुर, घाघू, सिथरा खुर्द, बिरमा, मुंडेरा, बनीपारा महाराज, औरंगाबाद डालचंद्र, रामपुर टप्पेवान, किसौरा, महमूदपुर बुजुर्ग, पातेपुर, सरायां, निबौली बुजुर्ग, रैपालपुर, अंडवा, गुलौली, हैदरपुर, डींघ, गुरगांव, सिहारी, ततारपुर, मलासा, गौरीकरन, सिथरा बुजुर्ग, बड़ागांव भिक्खी, गलुवापुर, खुजर्रा, मौजमपुर, बहिरी उमरी, दोहरापुर
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वर्जन
ऑडिट के दौरान वित्तीय वर्ष 2019-20 में कराए गए विकास कार्यों का 64 ग्राम पंचायतों के पास लेखाजोखा नहीं पाया गया है। सभी ग्राम पंचायतों के तत्कालीन सचिव, प्रधानों को नोटिस जारी की गई है। समय से जवाब न आने पर जितनी धनराशि का हिसाब नहीं मिलेगा उसे गबन की श्रेणी में मानते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रिकवरी भी कराई जाएगी। - विकास पटेल, जिला पंचायत राज अधिकारी

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वर्ष 2017-18 में मिली थी करोड़ों की गड़बड़ी
पिछले वित्तीय वर्ष में वर्ष 2017-18 के दौरान भी 26 से अधिक ग्राम पंचायतों में गड़बड़ी मिली थी। इन पंचायतों को कई बार पंचायती राज विभाग ने नोटिस जारी की। मगर कई ग्राम पंचायतों ने कोई अभिलेख मुहैया नहीं कराए। वहीं कुछ ने आधे-अधूरे अभिलेख मुहैया कराए। रिकवरी के लिए जिलाधिकारी स्तर से नोटिस भी जारी की गई। मगर मामला ठंडा पड़ा है।
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