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कहां गए माननीयों के 95 लाख रुपये, नहीं दे रहे जवाब
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कानपुर देहात। कोविड महामारी में छह माननीयों की निधि से दी गई 95 लाख रुपये की धनराशि का विधायक व विधानसभा वार हिसाब नहीं मिल पा रहा है। डीआरडीए ने निधि के गोलमाल की आशंका जताई है। वहीं, सीएमओ ने क्षेत्रवार खर्च का ब्योरा देने में हाथ खड़े कर दिए हैं। मामले में ग्राम्य विकास अभिकरण ने सही तरीके से हिसाब न देने पर शासन में लिखापढ़ी करने की बात कहकर रिमाइंडर जारी किया है।
कोविड-19 महामारी के चलते मार्च 2020 से लॉकडाउन कर दिया गया था। कोरोना संक्रमित लोगों का इलाज करने के लिए स्कूल-कॉलेजों में अस्थायी एल-1 अस्पताल खोले गए थे। गंभीर मरीजों के लिए एल-2 व एल-3 अस्पताल संचालित किए गए। इनमें वेंटिलेटर, दवा, बेड सहित अन्य जरूरी उपकरणों की जरूरत पड़ी थी। महामारी की रोकथाम के लिए जिले के चार विधायक विधायक व दो विधान परिषद सदस्यों ने अपनी निधि से 95 लाख रुपये की धनराशि स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई थी। इसे विधानमंडल क्षेत्र विकास निधि योजना के निर्देशों के अनुसार विधायक व विधानसभावार खर्च करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे।
निधि का हिसाब पिछले दिनों ग्राम्य विकास अभिकरण ने सीएमओ से मांगा था। सीएमओ ने क्षेत्र वार खर्च विभाजित कर जानकारी देने से मना कर दिया है। इससे डीआरडीए के अफसर संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने सीएमओ के जवाब पर प्रश्न चिह्न लगाते हुए विधायक व विधानसभावार हिसाब न देने पर शासन में लिखापढ़ी करने की चेतावनी दी है।
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चार विधायक व दो एमएलसी की निधि से कोविड के लिए उपलब्ध कराए 95 लाख रुपये का विधायक/विधानसभा वार हिसाब सीएमओ से मांगा गया था। उन्होंने क्षेत्र वार व्यय विभाजित कर ब्योरा देने से मनाकर कुल खर्च धनराशि का हिसाब दे रहे हैं। जोकि उनके जवाब पर प्रश्न चिह्न लगा रहा है। उनसे दोबारा निर्धारित प्रारूप के अनुसार खर्च निधि का हिसाब मांगा गया है, न देने पर शासन में लिखापढ़ी की जाएगी। सह खातेदार कोषाधिकारी से भी सूचना मांगी गई है।
-सौम्या पांडेय (सीडीओ)
कोविड-19 महामारी के माननीयों की दी गई निधि का खर्च सही तरीके से किया गया है। किसी भी खर्च से पहले कार्यवृत्त बनाकर समिति के हस्ताक्षर भी कराए गए हैं। इसका पूरा ब्योरा डीआरडीए को भेजा जा चुका है। बेवजह बार-बार सूचना मांगी जा रही है। - राजेश कटियार (सीएमओ)
माननीयों की निधि से दी गई धनराशि
- भोगनीपुर विधायक विनोद कटियार-21 लाख रुपये
- अकबरपुर-रनियां विधायक प्रतिभा शुक्ला-21 लाख रुपये
- रसूलाबाद विधायक निर्मला संखवार-20 लाख रुपये
- सिकंदरा विधायक अजीत पाल-20 लाख रुपये
- एमएलसी राज बहादुर चंदेल-8 लाख रुपये
-एमएलसी दिलीप सिंह उर्फ कल्लू यादव-5 लाख रुपये
लपेटे में आए सह खातेदार वरिष्ठ कोषाधिकारी
माननीयों की निधि को खर्च करने में सीएमओ के साथ वरिष्ठ कोषाधिकारी को भी सह खातेदार बनाया गया था। जो भी धनराशि खर्च की गई। उसमें सीएमओ व कोषाधिकारी की बराबर सहमति रही। सीएमओ से निधि का हिसाब मांगने के साथ डीआरडीए ने वरिष्ठ कोषाधिकारी को भी पत्र भेजा है। जिसमें उनसे भी खर्च धनराशि का विधायकवार/मदवार ब्योरा तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएमओ बोले, माननीयों ने दान की थी निधि
कानपुर देहात। विधायक व एमएलसी की निधि के बारे मेें विधानसभावार हिसाब मांगा गय, तो सीएमओ ने दान बताया। साथ ही पूरे जिले से आए कोरोना संक्रमितों का क्षेत्रीय मुख्यालय व जनपद मुख्यालय पर किया गया है। साथ ही कोरोना की रोकथाम व जांच का कार्य भी जिले के विभिन्न स्थानों पर किया गया है। डीआरडीए ने विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि के अंतर्गत किसी भी प्रकार का दान न होने की बात कह सीएमओ की बात को नकार दिया है।
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कोविड-19 महामारी के चलते मार्च 2020 से लॉकडाउन कर दिया गया था। कोरोना संक्रमित लोगों का इलाज करने के लिए स्कूल-कॉलेजों में अस्थायी एल-1 अस्पताल खोले गए थे। गंभीर मरीजों के लिए एल-2 व एल-3 अस्पताल संचालित किए गए। इनमें वेंटिलेटर, दवा, बेड सहित अन्य जरूरी उपकरणों की जरूरत पड़ी थी। महामारी की रोकथाम के लिए जिले के चार विधायक विधायक व दो विधान परिषद सदस्यों ने अपनी निधि से 95 लाख रुपये की धनराशि स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई थी। इसे विधानमंडल क्षेत्र विकास निधि योजना के निर्देशों के अनुसार विधायक व विधानसभावार खर्च करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे।
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निधि का हिसाब पिछले दिनों ग्राम्य विकास अभिकरण ने सीएमओ से मांगा था। सीएमओ ने क्षेत्र वार खर्च विभाजित कर जानकारी देने से मना कर दिया है। इससे डीआरडीए के अफसर संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने सीएमओ के जवाब पर प्रश्न चिह्न लगाते हुए विधायक व विधानसभावार हिसाब न देने पर शासन में लिखापढ़ी करने की चेतावनी दी है।
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चार विधायक व दो एमएलसी की निधि से कोविड के लिए उपलब्ध कराए 95 लाख रुपये का विधायक/विधानसभा वार हिसाब सीएमओ से मांगा गया था। उन्होंने क्षेत्र वार व्यय विभाजित कर ब्योरा देने से मनाकर कुल खर्च धनराशि का हिसाब दे रहे हैं। जोकि उनके जवाब पर प्रश्न चिह्न लगा रहा है। उनसे दोबारा निर्धारित प्रारूप के अनुसार खर्च निधि का हिसाब मांगा गया है, न देने पर शासन में लिखापढ़ी की जाएगी। सह खातेदार कोषाधिकारी से भी सूचना मांगी गई है।
-सौम्या पांडेय (सीडीओ)
कोविड-19 महामारी के माननीयों की दी गई निधि का खर्च सही तरीके से किया गया है। किसी भी खर्च से पहले कार्यवृत्त बनाकर समिति के हस्ताक्षर भी कराए गए हैं। इसका पूरा ब्योरा डीआरडीए को भेजा जा चुका है। बेवजह बार-बार सूचना मांगी जा रही है। - राजेश कटियार (सीएमओ)
माननीयों की निधि से दी गई धनराशि
- भोगनीपुर विधायक विनोद कटियार-21 लाख रुपये
- अकबरपुर-रनियां विधायक प्रतिभा शुक्ला-21 लाख रुपये
- रसूलाबाद विधायक निर्मला संखवार-20 लाख रुपये
- सिकंदरा विधायक अजीत पाल-20 लाख रुपये
- एमएलसी राज बहादुर चंदेल-8 लाख रुपये
-एमएलसी दिलीप सिंह उर्फ कल्लू यादव-5 लाख रुपये
लपेटे में आए सह खातेदार वरिष्ठ कोषाधिकारी
माननीयों की निधि को खर्च करने में सीएमओ के साथ वरिष्ठ कोषाधिकारी को भी सह खातेदार बनाया गया था। जो भी धनराशि खर्च की गई। उसमें सीएमओ व कोषाधिकारी की बराबर सहमति रही। सीएमओ से निधि का हिसाब मांगने के साथ डीआरडीए ने वरिष्ठ कोषाधिकारी को भी पत्र भेजा है। जिसमें उनसे भी खर्च धनराशि का विधायकवार/मदवार ब्योरा तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएमओ बोले, माननीयों ने दान की थी निधि
कानपुर देहात। विधायक व एमएलसी की निधि के बारे मेें विधानसभावार हिसाब मांगा गय, तो सीएमओ ने दान बताया। साथ ही पूरे जिले से आए कोरोना संक्रमितों का क्षेत्रीय मुख्यालय व जनपद मुख्यालय पर किया गया है। साथ ही कोरोना की रोकथाम व जांच का कार्य भी जिले के विभिन्न स्थानों पर किया गया है। डीआरडीए ने विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि के अंतर्गत किसी भी प्रकार का दान न होने की बात कह सीएमओ की बात को नकार दिया है।