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मॉक पार्लियामेंट : सत्ता और विपक्ष के बीच हुई तीखी बहस, कहा- आपातकाल के पीछे था राजनीतिक स्वार्थ
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कानपुर। भाजपा महिला मोर्चा की ओर से शनिवार को विवि सभागार में आयोजित मॉक पार्लियामेंट में आपातकाल का मुद्दा गूंजा। इस दाैरान सत्ता और विपक्ष के बीच चली तीखी बहस में भी महिलाओं ने हिस्सा लिया। पूरे समय तक ऐसा लगा जैसे लोकसभा का सदन वास्तव में चल रहा है।
कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 12 बजे दीप हुई। मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा व क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ने कहा कि 1975 में लाखों विपक्षी नेताओं को मीसा व डीआईआर के तहत जेलों में ठूंस दिया गया।
कहा कि आज जरूरत है कि महिलाएं इस इतिहास को जानें और समझें कि संविधान की हत्या करने वाले आज किस नैतिकता से संविधान की दुहाई दे रहे हैं। प्रथम सत्र में प्रधानमंत्री की भूमिका निभा रहीं विधायक प्रतिभा शुक्ला की ओर से प्रस्तुत प्रस्ताव का सदन ने ध्वनि मत से समर्थन किया।
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विपक्ष की भूमिका में महिला आयोग की सदस्य पूनम द्विवेदी ने कहा कि आपातकाल के पीछे राजनीतिक स्वार्थ अधिक था। सत्ता पक्ष में मंत्री रजनी तिवारी, विधायक ओम मणि वर्मा, स्वप्निल वरुण, मनीषा अनुरागी, पूनम संखवार, रंजना उपाध्याय, मोनिका यादव, विजय रत्ना तोमर व अनुराधा अवस्थी ने सक्रिय भूमिका निभाई।
विपक्ष की भूमिका में महिला आयोग की सदस्य अनीता गुप्ता, कल्पना तिवारी, विजय तिवारी, पूनम कपूर, जयंती वर्मा और पूजा मिश्रा ने अपने तर्क प्रस्तुत किए और सत्ता पक्ष की नीतियों पर सवाल उठाए।
सत्र के दौरान कई बार हंगामे की स्थिति उत्पन्न हुई, जिसे प्रथम सत्र की लोकसभा अध्यक्ष की भूमिका निभा रहीं महापौर प्रमिला पांडे और द्वितीय सत्र की अध्यक्ष विधायक नीलिमा कटियार ने संयम और सख्ती के साथ संभाला। संचालन में प्रदेश उपाध्यक्ष रीता शास्त्री व क्षेत्रीय महामंत्री पुष्पा तिवारी ने किया।
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कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 12 बजे दीप हुई। मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा व क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ने कहा कि 1975 में लाखों विपक्षी नेताओं को मीसा व डीआईआर के तहत जेलों में ठूंस दिया गया।
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कहा कि आज जरूरत है कि महिलाएं इस इतिहास को जानें और समझें कि संविधान की हत्या करने वाले आज किस नैतिकता से संविधान की दुहाई दे रहे हैं। प्रथम सत्र में प्रधानमंत्री की भूमिका निभा रहीं विधायक प्रतिभा शुक्ला की ओर से प्रस्तुत प्रस्ताव का सदन ने ध्वनि मत से समर्थन किया।
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विपक्ष की भूमिका में महिला आयोग की सदस्य पूनम द्विवेदी ने कहा कि आपातकाल के पीछे राजनीतिक स्वार्थ अधिक था। सत्ता पक्ष में मंत्री रजनी तिवारी, विधायक ओम मणि वर्मा, स्वप्निल वरुण, मनीषा अनुरागी, पूनम संखवार, रंजना उपाध्याय, मोनिका यादव, विजय रत्ना तोमर व अनुराधा अवस्थी ने सक्रिय भूमिका निभाई।
विपक्ष की भूमिका में महिला आयोग की सदस्य अनीता गुप्ता, कल्पना तिवारी, विजय तिवारी, पूनम कपूर, जयंती वर्मा और पूजा मिश्रा ने अपने तर्क प्रस्तुत किए और सत्ता पक्ष की नीतियों पर सवाल उठाए।
सत्र के दौरान कई बार हंगामे की स्थिति उत्पन्न हुई, जिसे प्रथम सत्र की लोकसभा अध्यक्ष की भूमिका निभा रहीं महापौर प्रमिला पांडे और द्वितीय सत्र की अध्यक्ष विधायक नीलिमा कटियार ने संयम और सख्ती के साथ संभाला। संचालन में प्रदेश उपाध्यक्ष रीता शास्त्री व क्षेत्रीय महामंत्री पुष्पा तिवारी ने किया।