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जेल में मॉकड्रिल: पहले सायरन बजा, फिर घंटा...कैदियों की गिनती कराई
Wed, 11 Feb 2026 08:16 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 11 Feb 2026 08:16 PM IST
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जिला जेल में हुई मॉकड्रिल
- फोटो : अमर उजाला
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जिला जेल में मंगलवार दोपहर अचानक सायरन बज उठा। सायरन के चंद सेकेंड के बाद ही घंटा भी बजने लगा। दोनों की आवाज पर जेलर राजेश पांडेय और अन्य स्टाफ सतर्क हो गए। जेल परिसर की तलाशी कराई गई। कैदियों को बाहर निकलवाकर गिनती हुई। यह सायरन किसी घटना से नहीं बल्कि मॉकड्रिल थी। इसमें जेल के अंदर और बाहर की चौकसी परखी गई।
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जिला जेल में हुई मॉकड्रिल
- फोटो : अमर उजाला
जेल की दीवारों पर लगे मॉनीटरिंग सिस्टम, फायर फाइटिंग सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों को देखा गया। परिसर के चोर रास्तों की जांच कराई गई। जेल राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि मॉकड्रिल में सभी तरह की सुरक्षा व्यवस्था परखी जाती है। स्टाफ को घरों से बुलाया गया।
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जिला जेल में हुई मॉकड्रिल
- फोटो : अमर उजाला
संवेदनशील जगहों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे
जेल की संवेदनशील जगहों पर सीसीटीवी कैमरे और कुछ दीवारों पर कंटीले तार लगाए जा रहे हैं। यह व्यवस्था पिछले साल असम के कैदी असरुद्दीन के जेल की दीवार फांद कर भागने की घटना के बाद से हुई है। जेल के बैरकों और खाली जगहों पर मॉनीटरिंग सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं।
जेल की संवेदनशील जगहों पर सीसीटीवी कैमरे और कुछ दीवारों पर कंटीले तार लगाए जा रहे हैं। यह व्यवस्था पिछले साल असम के कैदी असरुद्दीन के जेल की दीवार फांद कर भागने की घटना के बाद से हुई है। जेल के बैरकों और खाली जगहों पर मॉनीटरिंग सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं।