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विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरणः चाचा के खिलाफ एफआईआर में किशोरी-उसकी मां का भी नाम
Thu, 27 Dec 2018 09:50 AM IST
प्रशांत कुमार
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Thu, 27 Dec 2018 09:50 AM IST
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भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण
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उन्नावः भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण में पीड़िता के उम्र प्रमाण पत्र को लेकर दर्ज मुकदमे में पीड़ित किशोरी और उसकी मां को भी आरोपी बनाया गया है। एसओ ने बताया कि मुकदमे की विवेचना की जा रही है।
भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण में दुष्कर्म के आरोप में जेल गए शुभम के पिता हरिपाल सिंह ने सिविल जज सीनियर डिवीजन एफटीसी कोर्ट एसीजेएम न्यायालय में धारा 156(3) के तहत प्रार्थना पत्र दिया था।
उनका आरोप था कि दुष्कर्म पीड़िता किशोरी का चाचा जो दूसरे मामले में जेल में बंद है, ने उनके बेटे को फंसाने के लिए रायबरेली जनपद के एक स्कूल से बना किशोरी की टीसी को उम्र प्रमाण पत्र के तौर पर संलग्न किया था। वह फर्जी कूट रचित दस्तावेज है।
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भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण में दुष्कर्म के आरोप में जेल गए शुभम के पिता हरिपाल सिंह ने सिविल जज सीनियर डिवीजन एफटीसी कोर्ट एसीजेएम न्यायालय में धारा 156(3) के तहत प्रार्थना पत्र दिया था।
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उनका आरोप था कि दुष्कर्म पीड़िता किशोरी का चाचा जो दूसरे मामले में जेल में बंद है, ने उनके बेटे को फंसाने के लिए रायबरेली जनपद के एक स्कूल से बना किशोरी की टीसी को उम्र प्रमाण पत्र के तौर पर संलग्न किया था। वह फर्जी कूट रचित दस्तावेज है।
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प्रमाण पत्र को पूर्व में पुलिस की जांच में प्रधानाचार्य, प्रबंधक व बीएसए ने फर्जी बताया था
इस प्रमाण पत्र को पूर्व में पुलिस की जांच में प्रधानाचार्य, प्रबंधक व बीएसए ने फर्जी बताया था। हरिपाल सिंह के प्रार्थना पत्र पर न्यायालय ने 17 दिसंबर को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। 22 दिसंबर को न्यायालय का आदेश माखी थाना पहुंचने के बाद पुलिस ने किशोरी के चाचा के साथ ही किशोरी उसकी मां को भी आरोपी बनाते हुए मुकदमा दर्ज किया है। एसओ दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि किशोरी, उसके चाचा व मां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है।
न्यायालय से जारी वारंट पर जेल भेजे गए किशोरी के चाचा को पेट व पीठ में दर्द की शिकायत पर बुधवार को उसे सुरक्षा में जिला अस्पताल लाया गया। यहां अल्ट्रासाउंड व एक्सरे भी हुआ। दोनों की रिपोर्ट भी नार्मल आई है। उसे वापस जेल भेज दिया गया।
किशोरी के चाचा ने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था कि उन्हें पेट, पीठ दर्द के साथ शरीर में कुछ और बीमारियां हैं। जिला अस्पताल के सर्जन डा. जीपी सचान के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम कारागार पहुंच स्वास्थ्य परीक्षण किया था। डा. सचान ने अल्ट्रासाउंड और एक्सरे कराने की सलाह दी थी। रेडियोलॉजिस्ट डा. एसके जौहरी का कहना है कि दोनों ही रिपेार्ट नार्मल हैं। डा. जीपी सचान के न होने से उन्हें रिपोर्ट नहीं दिखाई जा सकी है।
न्यायालय से जारी वारंट पर जेल भेजे गए किशोरी के चाचा को पेट व पीठ में दर्द की शिकायत पर बुधवार को उसे सुरक्षा में जिला अस्पताल लाया गया। यहां अल्ट्रासाउंड व एक्सरे भी हुआ। दोनों की रिपोर्ट भी नार्मल आई है। उसे वापस जेल भेज दिया गया।
किशोरी के चाचा ने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था कि उन्हें पेट, पीठ दर्द के साथ शरीर में कुछ और बीमारियां हैं। जिला अस्पताल के सर्जन डा. जीपी सचान के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम कारागार पहुंच स्वास्थ्य परीक्षण किया था। डा. सचान ने अल्ट्रासाउंड और एक्सरे कराने की सलाह दी थी। रेडियोलॉजिस्ट डा. एसके जौहरी का कहना है कि दोनों ही रिपेार्ट नार्मल हैं। डा. जीपी सचान के न होने से उन्हें रिपोर्ट नहीं दिखाई जा सकी है।