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करोड़ों के नकली नोट बाजार में खपाए, दूसरे राज्यों में भी फैला नेटवर्क, दो गिरफ्तार
Sun, 01 Dec 2019 01:06 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 01 Dec 2019 01:06 PM IST
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करोड़ों के नकली नोट बाजार में खपाए, दो गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
यूपी समेत अन्य प्रदेशों में करोड़ों रुपये के नकली नोट बाजार में खपाने वाले गिरोह का एसटीएफ की लखनऊ इकाई ने शनिवार को भंडाफोड़ कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 9400 रुपये के नकली नोट बरामद हुए।
गिरोह के सरगना समेत मास्टरमाइंड अभी गिरफ्त से दूर हैं। कानपुर में एसटीएफ ने हरबंश मोहाल थाने में एफआईआर दर्ज करवाकर दोनाें को जेल भेज दिया। एसटीएफ के डिप्टी एसपी अमित कुमार नागर ने बताया कि कुछ दिन पहले बाजार में नकली नोटों की सप्लाई की सूचना मिली थी।
इस पर शनिवार को मुरे कंपनी पुल के पास से राजीपुर बिल्हौर के अमित राठौर और बिनगवां बिधनू निवासी अवधेश सिंह को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 100 के 84 और 200 के पांच नकली नोट बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पिछले छह महीने से जाली नोट छापकर बाजार में खपा रहे थे। उनका नेटवर्क यूपी समेत अन्य राज्यों में हैं।
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गिरोह के सरगना समेत मास्टरमाइंड अभी गिरफ्त से दूर हैं। कानपुर में एसटीएफ ने हरबंश मोहाल थाने में एफआईआर दर्ज करवाकर दोनाें को जेल भेज दिया। एसटीएफ के डिप्टी एसपी अमित कुमार नागर ने बताया कि कुछ दिन पहले बाजार में नकली नोटों की सप्लाई की सूचना मिली थी।
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इस पर शनिवार को मुरे कंपनी पुल के पास से राजीपुर बिल्हौर के अमित राठौर और बिनगवां बिधनू निवासी अवधेश सिंह को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 100 के 84 और 200 के पांच नकली नोट बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पिछले छह महीने से जाली नोट छापकर बाजार में खपा रहे थे। उनका नेटवर्क यूपी समेत अन्य राज्यों में हैं।
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अमित छापता था नोट
एसटीएफ के मुताबिक अमित राठौर नोट छापता था। अवधेश का काम नोटों को बाजार में चलाना था। वहीं अभी तक की जांच में लखनऊ के किसी दीपक तिवारी का नाम सामने आया है। मास्टरमाइंड दीपक के साथ मिलकर अमित काम करता था। डिप्टी एसपी ने बताया कि दीपक के अलावा भी काफी लोग गिरोह में शामिल हैं। सीडीआर के आधार पर पड़ताल जारी है।
50 फीसदी कमीशन देते थे
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अलग-अलग शहरों में अलग-अलग लोगों को नोट खपाने की जिम्मेदारी दी जाती है। नोट खपाने वाले को तीस से लेकर 50 फीसदी तक का कमीशन दिया जाता है।
एसटीएफ के मुताबिक अमित राठौर नोट छापता था। अवधेश का काम नोटों को बाजार में चलाना था। वहीं अभी तक की जांच में लखनऊ के किसी दीपक तिवारी का नाम सामने आया है। मास्टरमाइंड दीपक के साथ मिलकर अमित काम करता था। डिप्टी एसपी ने बताया कि दीपक के अलावा भी काफी लोग गिरोह में शामिल हैं। सीडीआर के आधार पर पड़ताल जारी है।
50 फीसदी कमीशन देते थे
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अलग-अलग शहरों में अलग-अलग लोगों को नोट खपाने की जिम्मेदारी दी जाती है। नोट खपाने वाले को तीस से लेकर 50 फीसदी तक का कमीशन दिया जाता है।